UPSSSC भर्ती में वेटिंग लिस्ट और अभ्यर्थन वापसी की मांग, छात्रों ने CM योगी से लगाई गुहार
UPSSSC भर्ती में वेटिंग लिस्ट और अभ्यर्थन वापसी की मांग, छात्रों ने CM योगी से लगाई गुहार UP News: छात्रों के मुताबिक, कई अभ्यर्थियों का चयन एक साथ अलग-अलग सरकारी भर्तियों में हो जाता है. ऐसे में वे बेहतर पद या सेवा मिलन…

सौजन्य से:- ABP News
UPSSSC भर्ती में वेटिंग लिस्ट और अभ्यर्थन वापसी की मांग, छात्रों ने CM योगी से लगाई गुहार
UP News: छात्रों के मुताबिक, कई अभ्यर्थियों का चयन एक साथ अलग-अलग सरकारी भर्तियों में हो जाता है. ऐसे में वे बेहतर पद या सेवा मिलने पर UPSSSC से मिले बाकी पद पर ज्वाइन नहीं करते.
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की भर्ती प्रक्रिया में वेटिंग लिस्ट लागू करने और अभ्यर्थन वापसी की व्यवस्था शुरू करने की मांग को लेकर प्रतियोगी छात्र लम्बे समय से आवाज उठा रहे है. छात्रों का कहना है कि UPSSSC की विभिन्न भर्तियों में लाखों अभ्यर्थी शामिल होते हैं, लेकिन चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कई पद खाली रह जाते हैं.
छात्रों के मुताबिक, कई अभ्यर्थियों का चयन एक साथ अलग-अलग सरकारी भर्तियों में हो जाता है. ऐसे में वे बेहतर पद या सेवा मिलने पर UPSSSC से मिले बाकी पद पर ज्वाइन नहीं करते. इसके अलावा व्यक्तिगत कारणों, दूर-दराज के जिलों में पोस्टिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में अनुपस्थित रहने के कारण भी कई सीटें खाली रह जाती हैं.
तीन गुना अभ्यर्थियों का DV, फिर वेटिंग लिस्ट क्यों नहीं?
छात्रों का तर्क है कि जब कई भर्तियों में रिक्त पदों के मुकाबले लगभग तीन गुना अभ्यर्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाता है, तो इसी आधार पर नीचे के क्रम में वेटिंग लिस्ट तैयार की जा सकती है. इससे चयनित अभ्यर्थी के ज्वाइन नहीं करने पर अगली मेरिट वाले अभ्यर्थी को मौका मिल सकेगा.
छात्रों ने मांग की है कि मुख्य चयन सूची के साथ ही करीब 10 से 20 फीसदी पदों तक की वेटिंग लिस्ट तैयार की जाए. यह सूची निश्चित अवधि, जैसे एक साल तक वैध रखी जाए, ताकि इसी भर्ती के दौरान खाली होने वाले पदों को योग्य अभ्यर्थियों से भरा जा सके.
छात्रों का कहना- नई भर्ती में समय और पैसा दोनों खर्च
प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में चयन के बाद पद खाली रह जाने पर उन्हें उसी भर्ती से नहीं भरा जाता. बाद में उन पदों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करनी पड़ती है. इससे परीक्षा कराने, मूल्यांकन और चयन की पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ती है.
छात्रों का दावा है कि इससे एक तरफ सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी बनी रहती है, वहीं दूसरी तरफ युवाओं का समय और सरकारी संसाधन दोनों खर्च होते हैं.
अभ्यर्थन वापसी की भी मांग
छात्रों ने वेटिंग लिस्ट के साथ अभ्यर्थन वापसी की प्रक्रिया लागू करने की भी मांग की है. उनका कहना है कि जो अभ्यर्थी किसी भर्ती में आगे चयनित हो जाते हैं या किसी कारण से संबंधित पद पर नहीं जाना चाहते, उनके लिए अभ्यर्थन वापस लेने की स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए. इससे खाली होने वाले पदों की जानकारी समय पर मिल सकेगी और वेटिंग लिस्ट के अभ्यर्थियों को मौका दिया जा सकेगा.
CM, डिप्टी CM और अधिकारियों से मिल चुके छात्र
इस मांग को लेकर छात्र लगातार प्रदर्शन भी कर रहे हैं और सरकार के अलग-अलग स्तरों पर अपनी बात रख रहे हैं. छात्रों का दावा है कि वे मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, विभागीय सचिव और अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं और ज्ञापन देकर वेटिंग लिस्ट की व्यवस्था लागू करने की मांग कर चुके हैं.
छात्रों का कहना है कि वेटिंग लिस्ट लागू होने से उन अभ्यर्थियों को भी अवसर मिल सकेगा, जो मुख्य चयन सूची से कुछ अंकों या दशमलव के अंतर से बाहर रह जाते हैं. उनका मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी, खाली पद जल्द भरे जा सकेंगे और युवाओं को एक ही भर्ती में दोबारा अवसर मिल सकेगा.
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