पेड़-पौधों में कला, खेल में गणित और बॉटनिकल–गार्डन में साइंस: आज सम्मानित होंगे यूपी की शिक्षा की तस्वीर बदलने वाले 84 गुरु - Uttar Pradesh News
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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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पेड़-पौधों में कला, खेल में गणित और बॉटनिकल–गार्डन में साइंस:आज सम्मानित होंगे यूपी की शिक्षा की तस्वीर बदलने वाले 84 गुरु
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शिक्षक दिवस पर आज प्रदेश के 84 उत्कृष्ट शिक्षकों को उनकी नवाचारी कार्यशैली और समर्पण के लिए सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यूपी के 3 शिक्षकों को 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' प्रदान करेंगी।
वहीं, गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 81 शिक्षकों को राज्य एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार से नवाजेंगे।
सम्मान पाने वाले इन शिक्षकों में कोई प्रकृति को ब्लैकबोर्ड बनाकर कला सिखाता है, कोई गणित के मुश्किल सूत्रों को खेल में बदल देता है, तो कोई 63 साल की उम्र में YouTube और बॉटनिकल गार्डन से साइंस को आसान बना रहा है। यह उन गुरुओं के सम्मान का दिन है जिन्होंने शिक्षा को डर नहीं, बल्कि सीखने का आनंद बनाया।
पुरस्कार में किसे क्या मिलेगा
- राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले तीनों शिक्षकों को : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में रजत पदक, खुद के हस्ताक्षरयुक्त मेरिट सर्टिफिकेट और 50 हजार रुपए की सम्मान राशि प्रदान करेंगी। बाद में इन शिक्षकों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने और संवाद करने का अवसर भी मिलेगा।
- राज्य पुरस्कार पाने वाले 81 शिक्षकों को : प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और ₹25,000 की सम्मान राशि मिलेगी। साथ ही दो साल का सेवा विस्तार भी मिलेगा। इन्हें आजीवन हर साल उत्तर प्रदेश रोडवेज बस में 4,000 किलोमीटर तक की नि:शुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी।
अब पढ़िए राष्ट्रपति पुरस्कार पाने वाले तीनों शिक्षकों की खूबी–
कौशांबी की शिक्षिका शालिनी कुशवाहा खेल के जरिए पढ़ाती हैं
कौशांबी के कम्पोजिट विद्यालय रसूलाबाद कोइलहा में कार्यरत शालिनी कुशवाहा को आज राष्ट्रपति के हाथों 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026' मिलेगा। 18 अप्रैल 2018 से स्कूल में तैनात शालिनी वर्तमान में अकादमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
अंग्रेजी से एमए करने वाली शालिनी की कक्षा का नियम अलग है। वह कठिन पाठ्यक्रम या गणित के सवालों को कभी 'मुश्किल' नहीं कहतीं, बल्कि "आओ, आज नया खेल खेलते हैं" कहकर पढ़ाना शुरू करती हैं। भाषा, गणित और FLN (बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान) पर केंद्रित उनके इस तरीके ने लगभग 333 बच्चों के मन से पढ़ाई का डर दूर कर उनमें आत्मविश्वास जगाया है।
शालिनी की मां भी शिक्षिका थीं, उन्हीं की प्रेरणा से वो टीचर बनीं। स्कूल के 6 घंटों के अलावा वह रोज घर पर 2 घंटे नई टीचिंग ट्रिक्स तैयार करती हैं। उनका मानना है कि बच्चे उपदेश से नहीं, उदाहरण से सीखते हैं। कहती हैं कि–बच्चों में जैसा बीज बोएंगे, वैसा ही पौधा तैयार होगा। शिक्षक का काम पढ़ाई का डर नहीं, सीखने का आनंद देना है।"
बलिया के डॉ. इफ्तेखार की अनोखी क्लास: पेड़-पौधों को बनाया ब्लैकबोर्ड
बलिया के राजकीय इंटर कॉलेज के कला शिक्षक डॉ. इफ्तेखार खां भी आज राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक–2026 सम्मान ग्रहण करेंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने बताया कि राज्य स्तर पर प्रदेश भर से चुने गए 12 शिक्षकों का साक्षात्कार हुआ था, जिनमें से केवल तीन का चयन किया गया। इसके बाद कठिन राष्ट्रीय स्तर के इंटरव्यू प्रक्रिया को पार करते हुए उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।
डॉ. खां के पढ़ाने का तरीका अनूठा है। वह बच्चों को केवल किताबों या कॉपियों तक सीमित रखने के बजाय प्रकृति से जोड़कर पढ़ाते हैं। विद्यालय परिसर के पेड़-पौधों और आसपास के प्राकृतिक वातावरण को ही वह शिक्षा का माध्यम बनाते हैं। उनकी कार्यशैली 'लर्निंग बाय डूइंग' पर आधारित है। वे पहले किसी भी गतिविधि को खुद करके दिखाते हैं, फिर बच्चों से करवाते हैं।
उनकी इस मेहनत का नतीजा है कि उनके कई पढ़ाए छात्र आज IIT, NIT, BHU, जामिया और DU जैसे देश के शीर्ष संस्थानों में पहुंचे हैं और प्रोफेसर व डिजाइनर जैसे पदों पर सफल हैं। पुराने छात्र जब स्कूल आकर नए बच्चों से अनुभव साझा करते हैं, तो इससे उनका मनोबल भी बढ़ता है।
शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारी को स्कूल तक सीमित न रखते हुए डॉ. खां पिछले 26 वर्षों से हर रविवार अपने आवास पर बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। उनका मानना है कि बच्चों की सफलता ही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
बॉटनिकल गार्डन और PPT से विज्ञान की पढ़ाई बनाई आसान
गाजियाबाद के विजय नगर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की 63 वर्षीय विज्ञान शिक्षिका डॉ. रेनू त्रिपाठी को भी आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों सम्मानित होंगी। वर्ष 1987 से अपने करियर की शुरुआत करने वाली और करीब 26 वर्षों से शिक्षण क्षेत्र से जुड़ी डॉ. रेनू त्रिपाठी ने 2006 में इस कॉलेज में कार्यभार संभाला था।
उन्होंने विज्ञान जैसे कठिन विषय को सरल व प्रयोगात्मक बनाने के लिए स्मार्ट बोर्ड, PPT, टीचिंग-लर्निंग मटीरियल और स्कूल के बॉटनिकल गार्डन का इस्तेमाल किया। पारंपरिक शिक्षण के साथ-साथ खुद को तकनीक से जोड़ते हुए वह इस उम्र में भी YouTube, ऑनलाइन प्रेजेंटेशन और डिजिटल माध्यमों से छात्राओं को पढ़ा रही हैं। इसके अलावा उन्होंने विज्ञान विषय पर 12 किताबें लिखी हैं और कई रिसर्च पेपर भी तैयार किए हैं।
जुलाई 2027 में सेवानिवृत्त होने जा रहीं डॉ. रेनू त्रिपाठी शिक्षा को केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा मानती हैं और रिटायरमेंट के बाद भी गरीब व जरूरतमंद बच्चों को मुफ़्त पढ़ाने का संकल्प रखती हैं।
गोरखपुर में 81 शिक्षकों सीएम योगी करेंगे सम्मानित
शिक्षक दिवस पर आज सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में प्रदेश के 81 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करेंगे। इनमें से 76 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार और 5 को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
पुरस्कार के लिए चयनितों में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। इसमें 33 महिला शिक्षिकाएं भी हैं। इस मौके पर माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह भी मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार पाने वाले 5 शिक्षक
- डॉ. योगेन्द्र प्रताप सिंह : प्रधानाचार्य, पं. दीनदयाल उपाध्याय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, लखीमपुर खीरी
- विक्रम बहादुर सिंह परिहार : प्रधानाचार्य, ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, प्रयागराज
- कल्पना सिंह : प्रधानाचार्य, सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, झांसी
- डॉ. आनन्द कुमार : मानविकी अध्यापक, महर्षि दयानन्द विद्यापीठ इंटरमीडिएट कॉलेज, गोविंदपुरम, गाजियाबाद
- विजय पाल : कला अध्यापक, जयनारायण सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, बरेली
राज्य पुरस्कार के लिए इन शिक्षकों का चयन
- आगरा: संगीता शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय धनौली)
- अलीगढ़: अमर सिंह (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय बहरावद 1-8)
- अम्बेडकर नगर: राम मिलन गुप्ता (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च विद्यालय नसीरपुर छितौना)
- अमरोहा: गीता वर्मा (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय चौबारा)
- अयोध्या: पंकज कुमार द्विवेदी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय ठेउँगा)
- आजमगढ़: प्रदीप कुमार सिंह (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय भैरवपुर)
- बहराइच: प्रीति मिश्रा (सहायक अध्यापक, पी एम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय बेलवापदम)
- बलिया: अजीत कुमार श्रीवास्तव (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय इब्राहीमाबाद)
- बलरामपुर: सलमा खान (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय आदर्श)
- बाराबंकी: राहुल कुमार शुक्ल (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय बहुता)
- भदोही: उर्मिला देवी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय खेमईपुर)
- बिजनौर: रचना कपूर (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय नंगली छोईया)
- बदायूं: किरन देवी (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय रिसौली)
- बुलन्दशहर: जूली मलिक (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय स्याना)
- चंदौली: उषा सिंह (सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदपुर)
- चित्रकूट: हरीशंकर त्रिपाठी (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़चपा)
- एटा: ओमबीर सिंह (प्रधानाध्यापक, पी एम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय 1-8 पिदौरा)
- इटावा: वीरेन्द्र सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय ताखा)
- फर्रूखाबाद: गीता वर्मा (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय अमानाबाद)
- फ़तेहपुर: आनन्द कुमार मिश्र (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर)
- गौतमबुद्ध नगर: अर्चना पांडेय (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट स्कूल पर्थला खंजरपुर)
- गाजियाबाद: ज्योत्सना गोस्वामी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय ननकागढ़ी)
- गाजीपुर: सन्तोष कुशवाहा (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्या मनिहारी)
- गोण्डा: सुनीत मित्र पाण्डेय (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गोकुला)
- गोरखपुर: नवीन कुमार त्रिपाठी (सहायक अध्यापक, पी एम श्री कंपोजिट विद्यालय उनवल प्रथम)
- हमीरपुर: नीतिराज सिंह (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय चुनकी का डेरा)
- हापुड़: शुचि त्यागी (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय पिपलैडा)
- हरदोई: विजया अवस्थी (सहायक अध्यापक, संविलियन विद्यालय मंसूरनगर)
- हाथरस: पल्लवी चतुर्वेदी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय सासनी)
- जौनपुर: संजय कुमार मिश्र (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय गरियाँव)
- झांसी: प्रीति श्रीवास्तव (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय पठाकरका)
- कन्नौज: सुमन लता यादव (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय कुँवरपुर बनवारी)
- कानपुर देहात: विनीत कुमार मिश्र (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय अन्ता)
- कानपुर नगर: डॉ. कामायनी शर्मा (सहायक अध्यापक, संविलियन विद्यालय औरौताहरपुर)
- कासगंज: धनंजय प्रताप सिंह (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर लाला)
- कौशांबी: सुमन कुशवाहा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर)
- लखीमपुर खीरी: प्रमोद कुमार (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रतासिया)
- ललितपुर: प्रीति गुप्ता (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय चौकी बस स्टैंड)
- लखनऊ: विनीता (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अमेठी उर्दू)
- महाराजगंज: राजेश कुमार उपाध्याय (सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बारीगांव)
- महोबा: ओमप्रकाश तिवारी (सहायक अध्यापक, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय कम्पोजिट बिलखी)
- मैनपुरी: सीमा कुमारी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय महटौली)
- मऊ: अनिल कुमार मौर्य (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय दौलसेपुर)
- मेरठ: प्रतिभा रानी भारती (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय हर्रा)
- मिर्जापुर: दयानन्द मिश्र (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सिद्धी)
- मुरादाबाद: सुनीता रानी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसवां गौड)
- पीलीभीत: सय्यदा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय पिपरिया अगरु)
- मुजफ्फरनगर: आरती शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रुस्तमगढ़)
- प्रतापगढ़: डॉ. देवेन्द्र सिंह (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय बरना)
- प्रयागराज: राम लखन मौर्य (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसा)
- रामपुर: वैलेन्टीना विक्टर (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अहमद नगर)
- संभल: बृजकिशोर (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय रसूलपुर)
- शाहजहांपुर: अरुण कुमार गुप्ता (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय धनौरा)
- शामली: दिनकर चौहान (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गंगेरू -1)
- श्रावस्ती: अमिता टंडन (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय राजपुर रानी)
- सिद्धार्थनगर: महेश कुमार (सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बूडा)
- सीतापुर: अतुल शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अडवेनिया ग्रांट)
- सोनभद्र: मीरा सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह)
- सुल्तानपुर: सत्येंद्र कुमार सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय साढ़ापुर)
- उन्नाव: प्रीति भारती (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय नेवलगंज)
- वाराणसी: नीलम राय (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मण्डुआडीह)
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