होमपर्यटनवाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नीचे पहुंचा: 84 घाटों का संपर्क टूटा, नाव संचालन बंद; मौसम वैज्ञानिक बोले-3 दिन हल्की-फुल्की बारिश होगी - Varanasi News
पर्यटन

वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नीचे पहुंचा: 84 घाटों का संपर्क टूटा, नाव संचालन बंद; मौसम वैज्ञानिक बोले-3 दिन हल्की-फुल्की बारिश होगी - Varanasi News

- Hindi News - Local - Uttar pradesh - Varanasi - Varanasi Ganga Water Level Drops | Ghats Closed & Rain Alert वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नीचे पहुंचा:84 घाटों का संपर्क टूटा, नाव संचालन बंद; मौसम वैज्ञान…

Dainik Bhaskar के अनुसार6 सितंबर 2026 को 09:31 am बजे
वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नीचे पहुंचा:  84 घाटों का संपर्क टूटा, नाव संचालन बंद; मौसम वैज्ञानिक बोले-3 दिन हल्की-फुल्की बारिश होगी - Varanasi News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Uttar pradesh

- Varanasi

- Varanasi Ganga Water Level Drops | Ghats Closed & Rain Alert

वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नीचे पहुंचा:84 घाटों का संपर्क टूटा, नाव संचालन बंद; मौसम वैज्ञानिक बोले-3 दिन हल्की-फुल्की बारिश होगी

- कॉपी लिंक

वाराणसी में गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। रविवार सुबह वाराणसी में गंगा का जलस्तर 69.82 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि जलस्तर घटने से बाढ़ की स्थिति में कुछ राहत के संकेत मिले हैं, लेकिन घाटों और गंगा किनारे रहने वाले लोगों की परेशानियां अभी कम नहीं हुई हैं।

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर अब चेतावनी बिंदु से नीचे आ गया है। सुबह वाराणसी का तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है और आसमान में बादल छाए हुए हैं।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले तीन दिनों तक वाराणसी और आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है। ऐसे में गंगा के जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।

जलस्तर घटा तो सामने आई गंदगी की चुनौती

गंगा का पानी घटने के साथ ही घाटों और तटवर्ती क्षेत्रों में गंदगी की समस्या गंभीर होती जा रही है। पानी उतरने के बाद जगह-जगह जलकुंभी, कूड़ा-कचरा और गाद जमा हो गई है। इससे उठने वाली दुर्गंध के कारण स्थानीय लोगों और घाटों पर आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि बदबू के कारण सांस लेना तक मुश्किल हो रहा है। गंदगी के बीच संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

पक्के घाट अभी भी जलमग्न

गंगा किनारे कई पक्के घाट अभी भी जलमग्न हैं। वहीं, श्मशान घाटों पर भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। हरिश्चंद्र घाट पर पर्याप्त जगह नहीं मिलने के कारण गलियों में शवदाह की स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर मणिकर्णिका घाट पर भी ऊपरी हिस्से में शवदाह करना पड़ रहा है। इससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

84 घाटों का संपर्क टूटा, नाव संचालन बंद

बाढ़ के पानी और जलस्तर बढ़ने के कारण वाराणसी के 84 घाटों का आपसी संपर्क प्रभावित हुआ है। नाव संचालन बंद होने से पर्यटकों को भी परेशानी हो रही है। गंगा के घाटों का सामान्य दृश्य देखने और नौका विहार की उम्मीद लेकर वाराणसी पहुंच रहे पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं।

उधर वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण है। कई परिवार मकानों की दूसरी और तीसरी मंजिल पर रहने को मजबूर हैं। ऐसे लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन नाव ही है, लेकिन जरूरत के मुताबिक नावें उपलब्ध नहीं होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

प्रयागराज में भी अगले 24 घंटे राहत के संकेत

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक प्रयागराज में भी गंगा का जलस्तर अगले करीब 24 घंटे तक घटने का अनुमान है। इससे फिलहाल राहत की उम्मीद है। हालांकि मध्य प्रदेश, दिल्ली और पूर्वांचल के कई जिलों में तेज बारिश होने की स्थिति में गंगा के जलस्तर में फिर वृद्धि हो सकती है।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें