वाराणसी में तेज धूप के साथ उमस: 20 सितंबर तक बूंदाबांदी के आसार;2CM की रफ्तार से घट रहा जलस्तर - Varanasi News
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सौजन्य से:- bhaskar.com
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वाराणसी में तेज धूप के साथ उमस:20 सितंबर तक बूंदाबांदी के आसार;2CM की रफ्तार से घट रहा जलस्तर
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मानसून की विदाई की आहट के बीच वाराणसी में शनिवार सुबह से तेज धूप निकली रही। सुबह से ही धूप तेज होने के कारण लोगों को गर्मी के साथ उमस का सामना करना पड़ा।
वातावरण में नमी अधिक होने से धूप का असर और बढ़ गया। शनिवार सुबह शहर का तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी 82 फीसदी दर्ज की गई। शहर का AQI 67 रहा, जो सामान्य वायु गुणवत्ता के दायरे में है।
मौसम में धूप और उमस के बीच अभी पूरी तरह राहत के आसार नहीं हैं। मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के अनुसार इस बार उत्तर प्रदेश से मानसून की विदाई सामान्य समय की तुलना में थोड़ी देर से होने की संभावना है। मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन वातावरण में नमी अभी बनी हुई है। इसी वजह से मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।
20 सितंबर तक बूंदाबांदी के आसार
मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि 20 सितंबर तक वाराणसी और आसपास के इलाकों में हल्की बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं। हालांकि बारिश लगातार होने की संभावना नहीं है। स्थानीय स्तर पर बादल बनने के बाद कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और मानसून की विदाई की प्रक्रिया भी तेज होने की संभावना है।
यानी अगले एक-दो दिन वाराणसी में सुबह तेज धूप, दिन में उमस और बीच-बीच में स्थानीय बादलों का असर देखने को मिल सकता है। मानसून की विदाई के बाद मौसम में नमी कम होने के साथ तापमान में भी धीरे-धीरे बदलाव आने की संभावना है।
दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटा गंगा का जलस्तर
उधर, गंगा के जलस्तर में गिरावट का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से घटकर 67.44 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर में लगातार कमी आने से घाटों और नदी के आसपास रहने वाले लोगों को राहत मिली है।
बाढ़ के दौरान जलमग्न हुए घाटों के कई हिस्सों से पानी पीछे हटने के बाद अब सफाई और सामान्य गतिविधियां भी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही हैं। घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी जलस्तर कम होने से राहत मिली है।
केंद्रीय जल आयोग गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है। मौजूदा स्थिति में जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी के संकेत नहीं हैं। आने वाले दिनों में गंगा का पानी और नीचे जाने की संभावना जताई जा रही है। इससे नदी किनारे के इलाकों में राहत और बढ़ सकती है।
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