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8 बार के विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी नहीं रहे, लखनऊ SGPGI में हुआ निधन

8 बार के विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी नहीं रहे, लखनऊ SGPGI में हुआ निधन वरिष्ठ सपा नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी का 74 वर्ष की आयु में लखनऊ SGPGI में निधन हो गया.…

ETV Bharat के अनुसार25 सितंबर 2026 को 06:04 pm बजे
8 बार के विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी नहीं रहे, लखनऊ SGPGI में हुआ निधन

सौजन्य से:- ETV Bharat

8 बार के विधायक और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी नहीं रहे, लखनऊ SGPGI में हुआ निधन

वरिष्ठ सपा नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी का 74 वर्ष की आयु में लखनऊ SGPGI में निधन हो गया.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : September 25, 2026 at 10:48 PM IST

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति के कद्दावर चेहरे और पूर्व कैबिनेट मंत्री रामगोविन्द चौधरी का शुक्रवार को लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में निधन हो गया. 74 वर्ष की आयु में उन्होंने अंतिम साँस ली. वे पिछले काफी समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे. उनके जाने की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी और प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई.

जयप्रकाश नारायण और चंद्रशेखर के साथ शुरू हुआ था सियासी सफर: रामगोविन्द चौधरी का जन्म 9 जुलाई 1946 को बलिया जिले के गोसाईंपुर गाँव में हुआ था. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत लोकनायक जयप्रकाश नारायण और पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जैसे महान नेताओं के सानिध्य में की थी. अपने लंबे और संघर्षपूर्ण सियासी सफर में वे कुल 8 बार विधायक चुने गए. उन्होंने बलिया की चिलकहर (वर्तमान में रसड़ा) और बांसडीह विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया.

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व नेता प्रतिपक्ष श्री राम गोविंद चौधरी जी का निधन, अत्यंत दुःखद !

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) September 25, 2026

ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहने का संबल प्राप्त हो।

भावपूर्ण श्रद्धांजलि ! pic.twitter.com/8GeCP8UcpT

संभाले महत्वपूर्ण पद: समाजवादी पार्टी की सरकारों में उनकी गिनती कद्दावर मंत्रियों में होती थी. मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकारों में उन्होंने बेसिक शिक्षा, बाल विकास व पोषण, और खाद्य प्रसंस्करण जैसे बड़े विभागों का कार्यभार संभाला. साल 2017 से 2022 तक उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की अहम ज़िम्मेदारी निभाई. वे अखिलेश यादव के बेहद करीबी और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे.

छात्र राजनीति से शुरुआत कर पहुंचे विधानसभा: बलिया जिले के गोसाईपुर गांव के रहने वाले राम गोविंद चौधरी ने अपना राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू किया था. वे जिले के प्रसिद्ध मुरली मनोहर टाउन डिग्री कॉलेज में छात्र संघ अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे. इसके बाद उन्होंने चिलकहर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक बनकर अपनी चुनावी पारी की शुरुआत की. बाद में वे बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक चुने गए और अपनी मजबूत पकड़ साबित की.

मुलायम और अखिलेश सरकार में रहे मंत्री: सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बेहद करीबी माने जाने वाले राम गोविंद चौधरी ने पार्टी संगठन और सरकार में बड़ी भूमिका निभाई. वे मुलायम सिंह यादव की सरकार में दो बार और अखिलेश यादव की सरकार में एक बार कैबिनेट मंत्री रहे. साल 2017 से 2022 तक उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी की ओर से नेता प्रतिपक्ष के रूप में अहम ज़िम्मेदारी संभाली. वे हमेशा जनहित के मुद्दों को पूरी बेबाकी से सदन में उठाते रहे.

दिग्गजों ने जताया शोक, बलिया में पसरा मातम: उनके निधन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत तमाम वरिष्ठ नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है. बलिया से लेकर लखनऊ तक उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर है. समाजवादी विचारधारा को मजबूती देने में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा. उनके जाने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है.

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