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योगी सरकार संवार रही यूपी के शहर, पेयजल-सीवरेज के लिए 29716 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी - yogi govt amrit 2 point 0 29716 cr for up urban development

योगी सरकार संवार रही यूपी के शहर, पेयजल-सीवरेज के लिए 29716 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी योगी सरकार उत्तर प्रदेश में अमृत 2.0 योजना के तहत शहरी विकास को गति दे रही है, जिसमें पेयजल, सीवरेज, ...और पढ़ें HighLights -…

Jagran के अनुसार25 सितंबर 2026 को 06:04 pm बजे
योगी सरकार संवार रही यूपी के शहर, पेयजल-सीवरेज के लिए 29716 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी
 - yogi govt amrit 2 point 0 29716 cr for up urban development

सौजन्य से:- Jagran

योगी सरकार संवार रही यूपी के शहर, पेयजल-सीवरेज के लिए 29716 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी

योगी सरकार उत्तर प्रदेश में अमृत 2.0 योजना के तहत शहरी विकास को गति दे रही है, जिसमें पेयजल, सीवरेज, ...और पढ़ें

HighLights

- अमृत 2.0 योजना के तहत 29,716 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत।

- पेयजल, सीवरेज, जल संरक्षण और हरित क्षेत्रों पर विशेष जोर।

- उत्तर प्रदेश के 762 नगरीय निकायों में शहरी विकास को गति।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शहरी विकास को नई गति देने के लिए योगी सरकार के प्रयासों के तहत अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत बड़े पैमाने पर विकास कार्य संचालित किए जा रहे हैं। पेयजल, सीवरेज, जल संरक्षण और हरित क्षेत्रों के विस्तार पर केंद्रित इस मिशन से प्रदेश के शहरों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम हो रहा है। लगभग 29,716 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की स्वीकृति शहरी विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

भारत सरकार की अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) योजना वर्ष 2021 से 2026 तक संचालित है। इसके तहत प्रदेश के 762 नगरीय निकायों और 60 अमृत शहरों को शामिल किया गया है। योजना का उद्देश्य शहरी परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल, सीवर कनेक्शन और बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

637 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

प्रदेश में अमृत 2.0 के तहत कुल 637 परियोजनाओं के लिए 29,716.29 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इनमें से 114 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि453 परियोजनाओं पर कार्य जारी है। अब तक 612 परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति और 567 की निविदाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं।

पेयजल और सीवरेज पर विशेष जोर

योजना में सबसे बड़ा हिस्सा पेयजल और सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निर्धारित किया गया है। इसके तहत 18,829 करोड़ रुपये की 437 पेयजल परियोजनाएं और 10124 करोड़ रुपये की 41 सीवरेज परियोजनाएं शामिल हैं। इन कार्यों से शहरों में पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता संबंधी सुविधाओं के विस्तार का लक्ष्य है।

सरोवरों के पुनर्जीवन से पर्यावरण संरक्षण

शहरी पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए 403.45 करोड़ रुपये की लागत से 190 सरोवर पुनर्जीवन परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसके अतिरिक्त 89.76 करोड़ रुपये की 1777 हरित भूमि एवं पार्क परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।

एक एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले सरोवरों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण भी मिशन का हिस्सा हैं। योगी सरकार के नेतृत्व में संचालित इन परियोजनाओं से प्रदेश के शहरों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जल सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को गति मिलने की उम्मीद है।

अमृत 2.0 के तहत प्रदेश के शहरों में पेयजल और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने पर विभाग का जोर है।

सरोवरों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और हरित क्षेत्रों के विकास से शहरी क्षेत्रों में जल सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिलेगी। मिशन के माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिल रही है। -मासूम अली सरवर, प्रबंध निदेशक, यूपी जल निगम (नगरीय)।

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