वाराणसी में अगले 3 दिन तक बारिश का अलर्ट: 7°C गिरा पारा, मौसम वैज्ञानिक बोले- बंगाल के खंडी में बने निम्न दबाव का दिखा असर - Varanasi News
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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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वाराणसी में अगले 3 दिन तक बारिश का अलर्ट:7°C गिरा पारा, मौसम वैज्ञानिक बोले- बंगाल के खंडी में बने निम्न दबाव का दिखा असर
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वाराणसी में गुरुवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। आसमान में काले बादल छाए रहे और शहर के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। इससे तापमान करीब 2 डिग्री सेल्सियस नीचे आया और लोगों को उमस से राहत मिली।
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। गुरुवार और शुक्रवार को गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। शनिवार को भी बादल छाए रह सकते हैं, जबकि रविवार से मौसम साफ होने के आसार हैं।
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का असर
मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से वाराणसी और आसपास के इलाकों में अगले दो दिनों तक बारिश जारी रह सकती है। बारिश के दौरान तेज हवाएं भी चलने का अनुमान है। गुरुवार और शुक्रवार को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है।
अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री कम
बारिश और बादलों के कारण दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहा। गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.1 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम है।
बुधवार को दिन और रात के तापमान में करीब 7 डिग्री का अंतर रहा। शाम 7:30 बजे तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों के लिए सलाह- पर्याप्त नमी हो तो न करें सिंचाई
बारिश को देखते हुए बीएचयू के भू-भौतिकी विभाग की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा ने किसानों के लिए भी सलाह जारी की है। नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह और तकनीकी अधिकारी शिवमंगल सिंह ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों तक बारिश की संभावना है।
इस समय धान की फसल बाली बनने की अवस्था में है। ऐसे में खेत में पर्याप्त नमी मौजूद होने पर किसानों को अतिरिक्त सिंचाई नहीं करनी चाहिए। बारिश के दौरान तेज हवा चलने की स्थिति में धान की फसल गिरने की आशंका रहती है। इसलिए खेत में अनावश्यक रूप से पानी जमा न होने दें और जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें।
बारिश के बाद कीट और रोगों पर रखें नजर
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बारिश के बाद धान की फसल में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी है। खेत में अधिक समय तक पानी जमा रहने से फसल पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। ऐसे में बारिश रुकने के बाद खेतों का निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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