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आजम के बहाने यूपी की मुस्लिम सियासत को साधने का प्लान, 2027 के लिए सपा ने बनाई बड़ी रणनीति

आजम के बहाने यूपी की मुस्लिम सियासत को साधने का प्लान, 2027 के लिए सपा ने बनाई बड़ी रणनीति आजम खान एक बार सुर्खियाें में हैं। आजम को लेकर समाजवादी पार्टी वेस्ट यूपी की मुस्लिम सियासत को साधने की कोशिश में जुटी हुई है। शि…

livehindustan.com के अनुसार15 अगस्त 2026 को 10:55 am बजे
आजम के बहाने यूपी की मुस्लिम सियासत को साधने का प्लान, 2027 के लिए सपा ने बनाई बड़ी रणनीति

सौजन्य से:- livehindustan.com

आजम के बहाने यूपी की मुस्लिम सियासत को साधने का प्लान, 2027 के लिए सपा ने बनाई बड़ी रणनीति

आजम खान एक बार सुर्खियाें में हैं। आजम को लेकर समाजवादी पार्टी वेस्ट यूपी की मुस्लिम सियासत को साधने की कोशिश में जुटी हुई है। शिवपाल सिंह यादव ने हाल में रामपुर में कहा कि यदि यूपी में सपा की सरकार बनी तो आजम खान को गृह मंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने आजम पर हुए कथित अत्याचारों का मुद्दा भी उठाया।

UP Politics : उत्तर प्रदेश के रामपुर में सलाखों के पीछे बंद पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान से समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की बढ़ती निकटता महज औपचारिक संवेदना या मुलाकातों का सिलसिला भर नहीं है। राजनीतिक फलक पर इसे 2027 के महासमर से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मुस्लिम सियासत में अपने मजबूत गढ़ को फिर से साधने की सपा की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। बुधवार को सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव का रामपुर पहुंचना और जेल में बंद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से करीब एक घंटे की मुलाकात इसी सियासी कवायद की अगली कड़ी रही। मुलाकात के बाद शिवपाल ने आजम खान पर हुए कथित अत्याचारों का मुद्दा उठाते हुए सरकार बनने पर कार्रवाई की बात कही और आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने का ऐलान किया। इसके बाद वह जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे और आजम खान के परिवार से भी मुलाकात की। उनके इस पूरे दौरे ने संकेत दिया कि 2027 से पहले सपा रामपुर और आजम खान को लेकर अपने राजनीतिक संदेश में कोई अस्पष्टता नहीं रखना चाहती।

पिछले दिनों विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में सपा विधायकों के प्रतिनिधिमंडल का रामपुर आना, इसके कुछ ही दिन बाद सपा सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का फिर रामपुर पहुंचकर पूरे उत्तर प्रदेश को संदेश देना और अब सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव का रामपुर आकर जेल में बंद आजम खान और उनके पुत्र से मुलाकात करना कोई सामान्य घटनाक्रम नहीं है। इसके जरिए सपा यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि पार्टी आजम खान के साथ एकजुट होकर खड़ी है। यूपी में भाजपा सरकार बनने के बाद सपा के कद्दावर नेता और रामपुर के सियासी चेहरे आजम खां के दुर्दिन शुरू हो गए। उस समय विपक्ष में बैठी सपा पर आजम खान के समर्थक खुलकर आरोप लगाते रहे कि पार्टी दिल से आजम के साथ नहीं है। सपा की ओर से हमेशा यही कहा गया कि वह आजम और उनके परिवार के साथ है, लेकिन कहीं न कहीं ऐसी कमी थी, जिसे आजम के समर्थक महसूस करते रहे।

लगातार दो बार सत्ता से बाहर रहने के बाद सपा 2027 की जंग को लेकर गंभीरता से तैयारी कर रही है। बीते लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा को पटखनी देने के बाद पार्टी के हौसले बुलंद हैं। विधानसभा चुनाव में पार्टी किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती। चूंकि इस बार रालोद भी सपा के साथ नहीं है, ऐसे में पश्चिमी यूपी में उसे अधिक चौकस और चुस्त रहना होगा। यही वजह है कि अपने सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे आजम खान के साथ सपा पूरी तरह खड़ी नजर आ रही है। बीते साल अक्तूबर में जेल से बाहर आने के बाद खुद अखिलेश यादव रामपुर आकर आजम खान से मिले थे और काफी वक्त भी दिया था। सपा महासचिव के फिर से जेल जाने के बाद जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का मामला सामने आया। सपा ने आजम खान और यूनिवर्सिटी के पक्ष में पूरा सहयोग और समर्थन दिया।

शिवपाल यादव ने संभल का भी मामला उठाया

मुरादाबाद मंडल सपा का गढ़ कहलाता है और आजम खान पश्चिमी यूपी की मुस्लिम सियासत में पार्टी की प्रमुख धुरी रहे हैं। ऐसे में जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा हो या आजम खान को जेल भेजे जाने का मामला, सपा किसी को उस पर उंगली उठाने का मौका नहीं देना चाहती। शिवपाल का संभल के मुकदमे वापस लेने की बात कहना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसमें उन्होंने संभल के स्थानीय नेताओं के नाम भी कोट किए। उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन की स्थिति और बसपा से दूरी बनाए रखने की बात भी स्पष्ट की। साथ ही चुनाव में सपा के लिए अभी से जुटने का आह्वान किया। शिवपाल ने मुरादाबाद मंडल की धरती से पूरे पश्चिमी यूपी के सियासी समीकरणों को साधने के साथ ही अपना एजेंडा भी साफ कर दिया।

लेखक के बारे में

Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

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