यूपी में रहस्यमय तरीके से जोड़े 16 लाख वोटर? CEO नवनीत रिणवा ने बताया सच
यूपी में रहस्यमय तरीके से जोड़े 16 लाख वोटर? CEO नवनीत रिणवा ने बताया सच यूपी मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने सफ़ाई दी है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस तरह की भ्रांतियां फैला रहे हैं…

सौजन्य से:- ABP News
यूपी में रहस्यमय तरीके से जोड़े 16 लाख वोटर? CEO नवनीत रिणवा ने बताया सच
यूपी मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर मुख्य चुनाव अधिकारी नवदीप रिणवा ने सफ़ाई दी है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस तरह की भ्रांतियां फैला रहे हैं लेकिन यूपी में एसआईआर पारदर्शिता से हुआ है.
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में 16 लाख से ज्यादा वोटर जोड़ने के दावे को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है. जिस पर अब यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने सफाई दी है. उन्होंने इन तमाम आरोपों से इनकार दिया और कहा कि मतदाता सूची निर्माण में सभी नियमों और दिशा निर्देशों का पालन किया गया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर इस तरह की भ्रांतियां फैला रहे हैं.
नवदीप रिणवा ने कहा कि बीते दो दिनों से कुछ लोग इस तरह की भ्रांतियां फैला रहे हैं कि यूपी में जब एसआईआर किया गया तो उसमें 16.18 लाख फॉर्म 6 रहस्यमय ढंग से आ गए. इस मामले में हमने प्रेस विज्ञप्ति और सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस भ्रांति का खंडन किया है. मुख्य चुनाव अधिकारी ने कहा कि यूपी में 10 अप्रैल 2026 को फ़ाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित हुई थी.
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यूपी में जोड़े गए 16 लाख वोटर?
नवदीप रिणवा ने कहा कि हमने 6 जनवरी के बाद से ही हमेशा ये बताते रहे कि 16.18 लाख फॉर्म ये हमने ही बताएं थे कि ड्राफ्ट पब्लिकेशन से पहले ही आ गए. ये कोई फ़ाइंडिंग या इन्वेस्टिगेशन नहीं है. ये तो हमारे द्वारा ही बताया गया था. इसे इस तरह से बताया जा रहा है जैसे ये नियमों को विरुद्ध हैं. हमने साफ किया है कि फॉर्म 6 कभी भी कोई व्यक्ति दे सकता है. लेकिन, जो फॉर्म 6 ड्राफ्ट रोल पब्लिक करने की तिथि से उस अवधि में आता है 6 जनवरी से 6 मार्च तक उन्हीं की लिस्ट बनाई जाती है, जिसे फॉर्म-9 कहा जाता है.
ये क़ानून और नियमों को लिखा है उसके पब्लिक करना था वेबसाइट पर वो पब्लिक किया है. उन्हें देखते हुए आरोप लगाया जा रहा है कि उनसे पहले वालों को क्यों नहीं किया. ये सारी प्रक्रिया एक्ट और रूल्स में तय होती है. उसी के हिसाब से काम किया गया है.
मुख्य चुनाव अधिकारी ने दी आरोपों पर सफाई
आम जनता को संभवतः उतनी जानकारी नहीं है, इसका लाभ लेकर कुछ लोग जानबूझकर भ्रांतियां फैला रहे हैं. जिसका हम लोग खंडन करते हैं और आश्वस्त करते हैं कि जिस तरह से एसआईआर पारदर्शिता और सहभागिता के साथ हुआ था. उसकी तरह अब जो समय चुनाव आने तक का बचा है. उसमें भी हमने एक विशेष अभियान चलाया है. जिसके अगर कोई पात्र मतदाता हमारी सूची में नहीं है तो आज भी फॉर्म 6 भर सकता है. उन्हें फॉर्म भराने के लिए बीएलओ को कहा गया है कि वो देख लें.
आरोप तो कोई भी लगा सकता है लेकिन हमारा काम ये हैं कि चाहे वो कोई भी पात्र व्यक्ति हो उसका नाम लिस्ट में नहीं तो हम अवसर दे रहे हैं. सब लोग शामिल हो सकते हैं अगर किसी को लगता है कि कोई व्यक्ति ग़लत तरह से शामिल हुआ है तो अपील की जा सकती हैं. यूपी में अच्छी तरह से एसआईआर हुआ, इसका असर ये भी है कि यूपी में केवल 700-750 के बीच ही अपील आई.
अगर ग़लत नाम काटे गए होते तो ग़लत नाम जोड़े गए होते तो उसकी अपील आती. हमने यूपी की वोटर लिस्ट नियमों के अनुसार बनाई है. अगर किसी को आपत्ति है तो वो क़ानून के तहत आपत्ति जता सकते हैं.
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