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लखनऊ कोर्ट के पास अतिक्रमण पर फिर चलेगा बुलडोजर, वकीलों के 150 अवैध चैंबर तोड़े जाएंगे

लखनऊ कोर्ट के पास अतिक्रमण पर फिर चलेगा बुलडोजर, वकीलों के 150 अवैध चैंबर तोड़े जाएंगे लखनऊ सिविल कोर्ट के आसपास सड़क की जमीन पर बने करीब 150 वकीलों के चैंबर और दुकानों पर नगर निगम 3 अक्टूबर को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करे…

Hindustan के अनुसार21 सितंबर 2026 को 12:04 pm बजे
लखनऊ कोर्ट के पास अतिक्रमण पर फिर चलेगा बुलडोजर, वकीलों के 150 अवैध चैंबर तोड़े जाएंगे

सौजन्य से:- Hindustan

लखनऊ कोर्ट के पास अतिक्रमण पर फिर चलेगा बुलडोजर, वकीलों के 150 अवैध चैंबर तोड़े जाएंगे

लखनऊ सिविल कोर्ट के आसपास सड़क की जमीन पर बने करीब 150 वकीलों के चैंबर और दुकानों पर नगर निगम 3 अक्टूबर को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। निगम ने इन्हें अनधिकृत कब्जा मानते हुए चिह्नित किया है। मंगलवार को नोटिस चस्पा कर लाल निशान लगाए जाएंगे।

लखनऊ सिविल कोर्ट के आसपास सड़क की जमीन पर कब्जा कर बनाए गए करीब 150 वकीलों के चैंबर और दुकानों पर नगर निगम तीन अक्टूबर को बड़ी कार्रवाई करेगा। नगर निगम ने ऐसे करीब 150 चैंबर चिह्नित किए हैं, जिन्हें अनधिकृत तरीके से बनाया गया है। नोटिस नहीं लिए जाने के बाद रविवार को नगर निगम अधिकारियों ने पूरे मामले पर मंथन किया। तय किया गया कि सोमवार को नई नोटिस तैयार कराई जाएगी। अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव ने अधिकारियों से कहा की मंगलवार को चिह्नित चैंबरों पर नोटिस चस्पा करवाया जाए। जोनल अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि पूर्व की तरह सभी चिह्नित अवैध कब्जों और चैंबरों पर लाल निशान लगाए जाएंगे। इसके बाद मौके पर नोटिस चस्पा कर तीन अक्टूबर को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

बाराबंकी में निर्माणाधीन चैंबर पर चला बुलडोजर

वहीं बाराबंकी के दारापुर में नए उपनिबंधक कार्यालय के पास अधिवक्ताओं के चैंबर बनाने को लेकर विवाद गहरा गया है। 62 अधिवक्ताओं को चैंबर निर्माण के लिए जगह दिए जाने के बाद वहां निर्माण शुरू कराया गया था। आरोप है कि रविवार की भोर में प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर निर्माणाधीन चैंबरों के लोहे के एंगल और बाउंड्री ढहा दी। सुबह अधिवक्ता मौके पर पहुंचे तो निर्माण ध्वस्त मिला। कार्रवाई की जानकारी पर अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। रजिस्ट्री कार्यालय के अधिवक्ता आशीष उपाध्याय ने बताया कि लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर दारापुर मोड़ के पास नया उपनिबंधक कार्यालय बनाया गया है। पुराने कार्यालय को यहां शिफ्ट किया जा रहा है। लोगों की सुविधा और अधिवक्ताओं के बैठने की व्यवस्था के लिए चैंबर निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी।

लेखपाल ने जमीन दी थी

उनके अनुसार लेखपाल भानु प्रताप ने 14,700 वर्गफीट जमीन की मापजोख कर 62 अधिवक्ताओं को जगह दी थी। इनमें चेतराम यादव, विनीत अवस्थी, चंद्र किशोर वर्मा, प्रेम शंकर मिश्र, सुशील वर्मा, कृष्ण कुमार पाल, नंद किशोर रावत, सुनील कुमार मौर्य, ज्ञानेंद्र सिंह और बसंत रस्तोगी समेत अन्य अधिवक्ता शामिल हैं। जगह मिलने के बाद अधिवक्ताओं ने अपने स्तर से निर्माण शुरू कराया। अधिवक्ताओं के मुताबिक करीब 50 डंपर मिट्टी डलवाई गई और सीमेंटेड बाउंड्री कराने के बाद चैंबर के लिए लोहे के एंगल लगाए गए। निर्माण चल रहा था।

बुलडोजर चलाकर स्ट्रक्टर हटाए

रविवार की भोर में प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर पूरा स्ट्रक्चर हटा दिया। सुबह मौके पर पहुंचे अधिवक्ताओं ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रशासन की ओर से जगह उपलब्ध कराई गई और निर्माण शुरू हुआ तो अचानक इसे किस आदेश के तहत ढहाया गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि कार्रवाई से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने के साथ चैंबर निर्माण के लिए दोबारा व्यवस्था कराने की मांग की है। समाधान नहीं होने पर आंदोलन की रणनीति बनाने की चेतावनी दी है।

एक हजार से अधिक वकीलों पर कब्जे का आरोप

अधिवक्ताओं का आरोप है कि रजिस्ट्री कार्यालय के आसपास दारापुर गांव की सरकारी जमीन पर एक हजार से अधिक वकील कब्जा किए हुए हैं। कुछ अधिवक्ताओं ने कार्यालय के लिए पहले ही जमीन खरीद ली थी और अब वहां निर्माण कराया जा रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कहना है कि उम्रदराज बैनामा लेखक और वरिष्ठ अधिवक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर जगह मिलनी चाहिए। इसके बाद पुराने कार्यालय में बैठने वाले अधिवक्ताओं को चैंबर दिए जाएं। उनका कहना है कि ध्वस्तीकरण में हुए नुकसान की भरपाई प्रशासन को करनी चाहिए।

खेल मैदान की जमीन खाली कराई गई

उपजिलाधिकारी नवाबगंज गुंजिता अग्रवाल ने बताया कि कुछ लोगों ने खेल मैदान की जमीन पर कब्जा कर लिया था। ग्राम प्रधान ने इस संबंध में कोर्ट में पीआईएल दाखिल की है, जिस पर जवाब मांगा गया है। इसी के चलते उक्त स्थान को खाली कराया गया है।

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