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यूपी के 14 जिलों में बंद पड़ी कताई मिलों की जमीनों पर लगेंगे उद्योग, योगी कैबिनेट की मंजूरी

यूपी के 14 जिलों में बंद पड़ी कताई मिलों की जमीनों पर लगेंगे उद्योग, योगी कैबिनेट की मंजूरी टैक्सफेड समूह के तहत स्टेट स्पिनिंग कंपनी यूपी स्टेट यार्न तथा यूपी सहकारी कताई मिल संघ लि. कानपुर की बंद मिलों की जमीन उत्तर प्…

Hindustan के अनुसार23 अगस्त 2026 को 01:55 am बजे
यूपी के 14 जिलों में बंद पड़ी कताई मिलों की जमीनों पर लगेंगे उद्योग, योगी कैबिनेट की मंजूरी

सौजन्य से:- Hindustan

यूपी के 14 जिलों में बंद पड़ी कताई मिलों की जमीनों पर लगेंगे उद्योग, योगी कैबिनेट की मंजूरी

टैक्सफेड समूह के तहत स्टेट स्पिनिंग कंपनी यूपी स्टेट यार्न तथा यूपी सहकारी कताई मिल संघ लि. कानपुर की बंद मिलों की जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को मुफ्त में देगी।

UP Cabinet Meeting: यूपी सरकार ने टैक्सफेड समूह के तहत स्टेट स्पिनिंग कंपनी यूपी स्टेट यार्न तथा यूपी सहकारी कताई मिल संघ लि. कानपुर की बंद मिलों की जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) को मुफ्त में देगी। यूपीसीडा को भूमि देने पर लगाने वाले स्टांप ड्यूटी तथा रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट दी गई है। बंद मिलों की जमीनों पर बड़े उद्योग लगाए जा सकेंगे और लोगों को अपने शहर में ही रोजगार मिलेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बाई सर्कुलेशन प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। स्टेट स्पिनिंग, स्टेट यार्न कंपनी तथा सहकारी कताई मिल संघ की प्रदेश के 14 जिलों में करीब 450 एकड़ भूमि खाली है। सभी सूती कताई मिलें लंबे समय से बंद चल रही हैं। इनकी जमीनें यूपीसीडा को ट्रांसफर करने का निर्णय लिया गया है। यूपीसीडा ने कई जिलों में बंद मिलों की जमीनों पर अपने प्रोजेक्ट शुरू भी कर दिए हैं। कानपुर, बाराबंकी, प्रयागराज, बांदा, रायबरेली, हरदोई, बलिया (रसड़ा) सीतापुर, फतेहपुर, गाजीपुर, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, मेरठ, बिजनौर में इन कंपनियों की कताई मिलें थी। कंपनियां बंद हो गई, लेकिन जमीनें अभी खाली पड़ी हैं।

यूपीसीडी को सौंपी जाएंगी बेशकीमती जमीनें

कानपुर में तीनों कपनियों की करीब आधा दर्जन कपड़ा मिले थी। सिविल लाइंस इलाके में गंगा के किनारे बेशकीमती जमीनें अब यूपीसीडा को सौंप दी जाएंगी। यूपीसीडा इसमें औद्योगिक अवस्थापना संबंधी सुविधाएं विकसित करेगा। बंद मिलों की करीब 450 एकड़ से अधिक भूमि का इस्तेमाल यूपीसीडा अपने हिसाब से करेगा। ज्यादातर कताई मिलें शहरों के बीच में हैं। इस नाते उनकी कीमत करोड़ों में आंकी जा रही है।

यूपीसीडा ने कताई मिलों की जमीनें अपने प्रोजेक्ट में शामिल की

राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने प्रयागराज, बाराबंकी, बांदा, रसड़ा, सीतापुर, फतेहपुर, गाजीपुर, फर्रुखाबाद, बुलंदशहर की बंद पड़ी मिलों की जमीनों को अपने प्रोर्टफोलियों में शामिल कर लिया है। यूपीसीडा की बेवसाइट पर इन्हें औद्योगिक भूमि के रूप में डिस्प्ले किया गया है। कई जिलों में अवस्थापना संबंधी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं और कुछ जगहों पर विकसित की जा रही हैं।

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