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गाय खरीदने को 11.80 लाख रुपये दे रही योगी सरकार, जानें क्या है मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना

Mini Nandini Yojana: यूपी में अगर आप एक दुग्ध उत्पादक के तौर पर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो यह योजना बहुत ही काम की है। गोवंश का संवर्धन और कमाई भी। कमाल की योजना है ना? उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में बढ…

Navbharat Times के अनुसार20 अगस्त 2026 को 12:56 pm बजे
गाय खरीदने को 11.80 लाख रुपये दे रही योगी सरकार, जानें क्या है मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना

सौजन्य से:- Navbharat Times

Mini Nandini Yojana: यूपी में अगर आप एक दुग्ध उत्पादक के तौर पर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो यह योजना बहुत ही काम की है।

गोवंश का संवर्धन और कमाई भी। कमाल की योजना है ना? उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में बढ़ावा देने और दुग्ध उत्पादन को बढ़ाने के लिए योगी सरकार की ' मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना ' बहुत काम की साबित हो रही है। इस योजना के तहत 10 गायों की यूनिट स्थापित करने के लिए योगी सरकार 50 फीसदी तक सब्सिडी दे रही है।

इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 50 फीसदी लाभ महिला पशुपालकों या दुग्ध उत्पादकों को दिया जाएगा। योजना के तहत आपको 10 गायों की यूनिट स्थापित करनी होगी, जिसमें साहीवाल, गिर और थारपारकर प्रजाति की गाय ही होनी चाहिए। सरकार की ओर से 23.60 लाख रुपये की परियोजना लागत का 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। सरकार अधिकतम 11.80 लाख रुपये देगी।

डेयरी शुरू करने को जेब से लगाना होगा कितना पैसा

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत सिर्फ साहीवाल, गिर और थारपारकर गाय खरीदने की अनुमति है। अन्य गायों की खरीद पर यह योजना लागू नहीं होगी। अगर आप यूनिट स्थापित करना चाहते हैं तो कुल प्रोजेक्ट लागत का 15% पैसा आपको अपनी जेब से लगाना होगा। 35 फीसदी पैसा बैंक से लोन मिल जाएगा। 50 फीसदी तक अधिकतम 11.80 लाख रुपये सरकार की ओर से मिल जाएंगे। यह पैसा दो चरणों में मिलेगा।

15% पैसा अपनी जेब से लगाना होगा

35% पूंजी बैंक से लोन के रूप में मिल जाएगी

50% अधिकतम 11.80 लाख रुपये सरकार से सब्सिडी मिलेगी

सब्सिडी का पैसा 2 चरणों में मिलेगा

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की पात्रता

लाभार्थी यूपी का स्थायी निवासी होना चाहिए। उसके पास आधार कार्ड और वोटर ID होना चाहिए।

गौ पालन का कम से कम 3 साल का अनुभव होना चाहिए।

यूनिट स्थापित करने के लिए 0.20 एकड़ (8712 वर्ग फुट) जमीन होनी चाहिए।

साथ में 0.80 एकड़ (34848 वर्ग फुट) भूमि चारा उत्पादन के लिए खुद की या पैतृक होनी चाहिए।

इस जमीन का कम से कम 7 साल के लिए पंजीकृत अनुबंध/किराए पर ली गई हो और चारा उत्पादन के अनुकूल हो।

जल भराव वाली तथा उसर भूमि जो चारा उत्पादन के अनुकूल न हो मान्य नहीं होगी।

पहले से संचालित कामधेनु, मिनी कामधेनु, माइक्रो कामधेनु अथवा नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अन्तर्गत संचालित नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना एवं मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के लाभार्थी इस योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं होंगे।

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के लिए आवेदन कैसे करें

आवेदन करने के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा और प्रदेश स्तर पर विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा। इसका विवरण विभागीय पोर्टल वेबसाइट के साथ-साथ मिशन के पोर्टल पर उपलब्ध रहेगा।

योजना के अंतर्गत सभी आवेदन पर नंद बाबा दुग्ध मिशन के पोर्टल पर ऑनलाइन किए जाएंगे। लेकिन जब तक मिशन का पोर्टल ऑनलाइन नहीं होता तब तक आवेदन फॉर्म ऑफलाइन स्वीकार किए जाएंगे। ये फॉर्म जनपद के मुख्य विकास अधिकारी या मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के ऑफिस में निर्धारित अवधि में जमा कराने होंगे। वेरिफिकेशन के बाद अगर आवेदन फॉर्म की संख्या लक्ष्य से ज्यादा होती है तो मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित जनपद स्तरीय चयन समिति द्वारा ई-लॉटरी के माध्यम से चयन किया जाएगा।

लेखक के बारे मेंअमित कुमारअमित कुमार, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर/सीनियर जर्नलिस्ट हैं। वर्तमान में सरकारी योजना सेक्शन के जरिए आम जनता तक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचा रहे हैं। अमित कुमार की प्राथमिकता भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े हर सवाल का जवाब तथ्यों के आधार पर रीडर्स तक पहुंचाना है। अमित कुमार जनवरी, 2025 से नवभारत टाइम्स डिजिटल से जुड़े हैं। इसके साथ बिहार-झारखंड और राजस्थान टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वह NBT Digital में सरकारी योजनाओं, बिहार-झारखंड और राजस्थान से संबंधित सेक्शन की प्लानिंग से लेकर तथ्यों पर आधारित ऐसे लेख तैयार कर रहे हैं, जो रीडर्स तक काम की जानकारी बिना बढ़ा-चढ़ाकर आसान भाषा में पहुंचा सकें।खबरें बिना सनसनी फैलाए पाठकों तक पहुंचाने पर उनका फोकस है। इन राज्यों की सियासी नब्ज को टटोलने के साथ-साथ आम लोगों की जरूरत की खबरों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अपने 20 साल के करियर में अमित कुमार को पत्रकारिता जगत के अलग-अलग क्षेत्र में रिपोर्टिंग करने और आमजन के लिए उपयोगी खबरें लिखने का मौका मिला।अमित कुमार ने सितंबर, 2006 में खेल जगत में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत की। फिर देश के प्रमुख अखबारों से डिजिटल की दुनिया तक कई पड़ाव आए। इस दौरान नेशनल, इंटरनेशनल, देश के विभिन्न राज्यों की खबरों को लेकर न्यूज प्लानिंग, वैल्यू एडेड आर्टिकल्स, इन्फ्रोग्राफिक्स और स्पेशल दिनों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया। अमित कुमार के करियर में भूमिकाएं तो कई बदलीं, लेकिन एक चीज स्थिर रही। आमजन के लिए उपयोगी खबरों को आसान से आसान भाषा में रीडर्स तक पहुंचाना।अपने करियर के दो दशक लंबे सफर के दौरान सटीक खबर, फैक्ट पर आधारित, इन-डेप्थ और नॉलेज से भरपूर कंटेंट रीडर्स तक पहुंचाना ही प्राथमिकता रही। उनका मानना है कि कोई भी जानकारी यूजर तक बिना वेरिफाई किए नहीं जानी चाहिए। इसलिए खबरों के लिए वह हमेशा ऑथेंटिक सोर्स पर भी भरोसा करते हैं।देश की राजधानी दिल्ली में ही जन्मे और पले-बढ़े अमित कुमार ने CBSE Board से 10वीं और 12वीं पास की। दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही हिंदी भाषा में M.A. किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर संवारने की ख्वाहिश के चलते माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। अमित कुमार शुरू से ही कुछ नया सीखने को लेकर आतुर रहे हैं। यही चीज उनके 2 दशक लंबे करियर में भी झलकती है।पत्रकारिता जगत में 20 साल का अनुभवअमित कुमार नवभारतटाइम्स.कॉम में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पिछले 20 साल में अमित कुमार को अमर उजाला, राजस्थान पत्रिका, दैनिक हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, नई दुनिया, जनसत्ता और हरिभूमि जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अपनी स्किल को संवारने का मौका मिला। 2019 में अमर उजाला के साथ डिजिटल का सफर शुरू किया। यहां नेशनल-इंटनेशनल खबरों पर इन-डेप्थ काम करते हुए सफर के अगले पड़ाव टीवी9 भारतवर्ष और न्यूज-24 बने। यहां न्यूज टीम को लीड किया।करियर के दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स 2010, क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 और बैडमिंटन ओपन जैसे कई बड़े इवेंट्स में रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। देश-विदेश की बड़ी खबरों पर काम करते हुए अयोध्या राम मंदिर फैसला, लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव, बिहार और झारखंड विधानसभा चुनाव, बजट, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स कवर किए। अमित कुमार को पॉजिटिव इम्पैक्ट वाली स्टोरीज लिखना पसंद है। उनकी प्राथमिकता ऐसा कंटेंट लिखने की रहती है, जो लोगों के लिए मददगार साबित हों। अमित कुमार को लिखने और पढ़ने के साथ घूमने का शौक है। देश के छोटे-छोटे गांवों तक जाना वहां की जीवनशैली से रूबरू होना खासतौर से पसंद है।... और पढ़ें

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