प्रयागराज में बढ़ता जा रहा बाढ़ का खतरा: राजापुर में 100 से अधिक घरों में घुसा पानी, राहत शिविरों में पहुंचने लगे परिवार - Prayagraj (Allahabad) News
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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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प्रयागराज में बढ़ता जा रहा बाढ़ का खतरा:राजापुर में 100 से अधिक घरों में घुसा पानी, राहत शिविरों में पहुंचने लगे परिवार
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गंगा और यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर से प्रयागराज में बाढ़ का खतरा अब और गहरा गया है। पिछले तीन दिनों से नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण तटवर्ती और निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंचने लगा है।
स्थिति यह है कि राजापुर में 100 से अधिक घरों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है, जिसके बाद कई परिवार अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचने लगे हैं। वहीं बेली कछार क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में मकान बाढ़ की चपेट में हैं।
हालांकि गुरुवार दोपहर बाद जलस्तर में कुछ हद तक स्थिरता देखने को मिली है। कई निगरानी केंद्रों पर पिछले चार घंटे में जलस्तर स्थिर रहा, जबकि कुछ स्थानों पर महज एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके बावजूद नदियां खतरे के निशान के काफी करीब हैं और बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है।
सुबह तेजी से बढ़ा था जलस्तर
3 सितंबर सुबह 8 बजे के आंकड़ों के अनुसार यमुना का जलस्तर नैनी में 82.54 मीटर दर्ज किया गया था। पिछले 24 घंटे में यहां 34 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई थी। गंगा के फाफामऊ में जलस्तर 82.93 मीटर रहा, जिसमें 7 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। छतनाग में गंगा का जलस्तर 82.16 मीटर पहुंच गया था, जो 24 घंटे में 29 सेंटीमीटर बढ़ा। वहीं एसटीपी बक्शी बांध पर जलस्तर 82.63 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 23 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई।
दोपहर बाद बढ़ोतरी पर लगा ब्रेक
शाम 4 बजे जारी आंकड़ों में जलस्तर की रफ्तार कुछ धीमी दिखाई दी। नैनी में यमुना का जलस्तर 82.55 मीटर रहा और इसे स्थिर बताया गया। फाफामऊ में गंगा 82.96 मीटर पर स्थिर रही, जबकि छतनाग में जलस्तर 82.20 मीटर दर्ज हुआ और यहां भी स्थिति स्थिर रही। एसटीपी बक्शी बांध पर जलस्तर 82.68 मीटर पहुंचा, जहां पिछले चार घंटे में एक सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
प्रयागराज में नदियों का खतरे का निशान 84.734 मीटर है। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार कई दिनों तक हुई बढ़ोतरी ने तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन के अनुसार सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं।
राजापुर में 100 से ज्यादा घरों में पानी
बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर नदी किनारे बसे इलाकों में देखने को मिल रहा है। राजापुर में 100 से अधिक घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। घरों में पानी आने के बाद लोगों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने की मजबूरी खड़ी हो गई है। कई परिवार अपना जरूरी सामान लेकर राहत शिविरों की ओर रुख कर रहे हैं।
बेली कछार में भी बड़ी संख्या में घर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। यहां 50 से अधिक परिवार राहत शिविरों में शरण ले चुके हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां अब परिवारों ने अस्थायी तौर पर अपना ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है।
खतरा अभी बरकरार, प्रशासन की नजर
दोपहर बाद जलस्तर में स्थिरता से प्रशासन और प्रभावित लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन नदियों का जलस्तर सामान्य स्थिति में नहीं आया है। ऐसे में तटवर्ती इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की नजर नदी के जलस्तर और प्रभावित इलाकों पर बनी हुई है।
फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं, लेकिन यदि जलस्तर में दोबारा तेजी आती है तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। राहत शिविरों में पहुंच रहे परिवारों की संख्या भी इस बात का संकेत है कि बाढ़ का असर अब केवल नदी के किनारे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रिहायशी इलाकों तक पहुंच चुका है।
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