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मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना: यूपी 10 देसी गायों की डेयरी पर 11.80 लाख तक सब्सिडी, जानें आवेदन का तरीका

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना: यूपी 10 देसी गायों की डेयरी पर 11.80 लाख तक सब्सिडी, जानें आवेदन का तरीका मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना (AI Image) मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 10 देसी गायों की डेयरी पर पाएं 11.…

Prabhat Khabar के अनुसार8 अक्टूबर 2026 को 11:04 am बजे
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना: यूपी 10 देसी गायों की डेयरी पर 11.80 लाख तक सब्सिडी, जानें आवेदन का तरीका

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना: यूपी 10 देसी गायों की डेयरी पर 11.80 लाख तक सब्सिडी, जानें आवेदन का तरीका

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना (AI Image)

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 10 देसी गायों की डेयरी पर पाएं 11.80 लाख तक की सब्सिडी. जानें आवेदन का तरीका और पात्रता.

UP's Mini Nandini Scheme: खेती के साथ पशुपालन किसानों के लिए कमाई का एक अतिरिक्त जरिया बन सकता है. इसी को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना संचालित की जा रही है. यह योजना नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत चलाई जा रही है. इसके माध्यम से पात्र किसानों को 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए सरकारी सहायता दी जाती है. योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी देसी नस्लों की गायों को शामिल किया गया है.

10 गायों की डेयरी के लिए 23 लाख रुपये की परियोजना लागत

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने की अनुमानित परियोजना लागत करीब 23 लाख रुपये बताई गई है. इसमें सरकार की ओर से लागत का 50 प्रतिशत यानी करीब 11.80 लाख रुपये तक की सब्सिडी दिए जाने की जानकारी है. बाकी 50 प्रतिशत राशि किसान को स्वयं जुटानी होगी. इससे पात्र किसानों को डेयरी यूनिट शुरू करने में शुरुआती आर्थिक मदद मिल सकती है.

साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायें शामिल

योजना में देसी गायों की प्रमुख नस्लों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसमें साहीवाल, गिर और थारपारकर जैसी नस्लें शामिल हैं. इन देसी नस्लों का पालन मुख्य रूप से दूध उत्पादन के लिए किया जाता है. योजना के जरिए देसी पशुधन के संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ किसानों को पशुपालन और डेयरी व्यवसाय से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा लाभ

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिए जाने की जानकारी है. ऐसे में पात्र किसानों को आवेदन में अनावश्यक देरी नहीं करनी चाहिए. इच्छुक किसान ऑनलाइन आवेदन के लिए नन्द बाबा दुग्ध मिशन के पोर्टल https://nandbabadugdhmission.up.gov.in/ पर जा सकते हैं. आवेदन करने से पहले पोर्टल पर दी गई पात्रता, शर्तों और दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है.

आवेदन के लिए इन दस्तावेजों की पड़ सकती है जरूरत

योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों से कुछ जरूरी दस्तावेज मांगे जा सकते हैं. इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

- आधार कार्ड

- पैन कार्ड

- बैंक पासबुक की कॉपी

- जमीन की खतौनी

- मोबाइल नंबर

हालांकि, आवेदन करने से पहले पोर्टल पर उपलब्ध अंतिम दस्तावेज सूची जरूर जांच लें, ताकि आवेदन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो.

डेयरी शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

10 गायों की डेयरी यूनिट शुरू करने से पहले किसानों को पशुओं के लिए पर्याप्त जगह, उचित आवास और साफ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी. इसके साथ ही पूरे साल हरे और सूखे चारे की उपलब्धता का इंतजाम करना भी जरूरी है. पशुओं के स्वास्थ्य के लिए नियमित टीकाकरण, संतुलित आहार और समय पर पशु चिकित्सा सुविधा की जरूरत होगी. इसके अलावा दूध की बिक्री के लिए स्थानीय बाजार, डेयरी, दुग्ध समिति या अन्य खरीदारों की उपलब्धता के बारे में पहले से जानकारी लेना फायदेमंद रहेगा. किसान को अपनी हिस्सेदारी की राशि जुटाने की क्षमता के साथ चारा, पशु आवास, श्रम, पशु चिकित्सा और दूध बिक्री से जुड़े खर्चों का भी आकलन करना चाहिए. खेती के साथ डेयरी अपनाने से आय के स्रोतों में विविधता आ सकती है, लेकिन वास्तविक कमाई दूध उत्पादन, चारे की लागत, श्रम खर्च और स्थानीय बाजार में दूध की कीमत जैसे कई कारकों पर निर्भर करेगी.

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