प्रयागराज : रामबाग स्टेशन बारिश के पानी में डूबा, 1 से 4 प्लेटफॉर्मों की पटरियां जलमग्न व चार ट्रेनें निरस्त - prayagraj rambagh station waterlogged trains diverted from other platform due to heavy rain
प्रयागराज : रामबाग स्टेशन बारिश के पानी में डूबा, 1 से 4 प्लेटफॉर्मों की पटरियां जलमग्न व चार ट्रेनें निरस्त प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश के कारण रामबाग रेलवे स्टेशन के ट्रैक जलमग्न हो गए हैं। इससे ट्रेनों का संचालन…

सौजन्य से:- Jagran
प्रयागराज : रामबाग स्टेशन बारिश के पानी में डूबा, 1 से 4 प्लेटफॉर्मों की पटरियां जलमग्न व चार ट्रेनें निरस्त
प्रयागराज में लगातार हो रही बारिश के कारण रामबाग रेलवे स्टेशन के ट्रैक जलमग्न हो गए हैं। इससे ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। झूंसी से चार पैसेंजर ट्रेनों के संचालन का रेलवे ने निर्णय लिया है।
HighLights
- पटरियों पर कई फीट पानी भरने से ट्रेनों का संचालन ठप हो गया है
- रामबाग स्टेशन की रेलवे कॉलोनी के घरों में घुसा पानी, सांप भी निकले
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। संगम नगरी में मानसून की जोरदार बारिश ने एक बार फिर रेलवे प्रशासन की पोल खोलकर रख दी है। हर साल की तरह इस बार भी रामबाग रेलवे स्टेशन झील की शक्ल में तब्दील हो गया है, रेलवे यार्ड पूरी तरह डूब गया। स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक, दो, तीन और चार की पटरियों पर कई फीट पानी भर जाने के कारण ट्रेनों का संचालन ठप हो गया है। हालात इतने बदतर हैं कि रामबाग से चलने वाली चारों पैसेंजर ट्रेनों को रामबाग से रद्द कर अब झूंसी स्टेशन से चलाने का फैसला लेना पड़ा है।
झूंसी से चलेंगी ये चार पैसेंजर ट्रेनें
रामबाग स्टेशन पर पानी भरने के चलते यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। स्टेशन पर लगातार अनाउंसमेंट कर इन ट्रेनों को झूंसी से पकड़ने की सूचना दी जा रही है:
65132 मऊ पैसेंजर
65114 बनारस पैसेंजर
55132 बलिया पैसेंजर
65112 बनारस पैसेंजर
प्लेटफॉर्म नंबर 5 के सहारे बची व्यवस्था
वर्तमान में केवल विभूति एक्सप्रेस का संचालन प्लेटफॉर्म नंबर पांच से किया जाएगा, क्योंकि सिर्फ यही एक प्लेटफॉर्म पानी के भराव से बचा हुआ है। रेलवे ने पांच नंबर की लाइन को खाली कराकर सामान की लोडिंग-अनलोडिंग और रैंप के जरिए आवागमन की व्यवस्था यहीं शिफ्ट कर दी है। बाकी पूरा यार्ड और चारों प्लेटफॉर्म पानी में समाए हुए हैं।
कॉलोनी में 4-5 फीट पानी, जहरीले सांपों का खौफ
रेलवे कॉलोनी की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। क्वार्टरों में 4 से 5 फीट तक गंदा पानी घुस गया है। पानी के साथ घरों में जहरीले सांप निकलने से रेलकर्मियों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। जान बचाने के लिए रेलवे प्रशासन ने कोई रेस्क्यू नहीं चलाया तो कालोनी के लोगों ने खुद अपनी मदद और एक दूसरे का सहारा बने। कर्मचारियों और उनके परिवारों को बाहर निकाला और सुरक्षित इमारतों में शिफ्ट कराया। फिलहाल कर्मचारी अपना आशियाना छोड़ने को मजबूर हैं।
हर की परेशानी, कागजों में सिमटे दावे
यह कोई पहली बार नहीं है जब रामबाग स्टेशन का यह हाल हुआ हो। हर साल बारिश आते ही करोड़ों का राजस्व देने वाला यह स्टेशन पानी में डूब जाता है, पटरियां गायब हो जाती हैं और ट्रेनों के पहिए थम जाते हैं। हर साल भारी-भरकम बजट और ड्रेनेज सुधार के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन थोड़ी सी बारिश रेलवे के दावों की हवा निकाल देती है। सवाल उठता है कि जब हर साल यही तबाही मचती है, तो समय रहते जल निकासी का स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला जाता? रेलवे की इसी घोर लापरवाही का खामियाजा आज आम यात्रियों और अपने ही कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

कानपुर के पनकीधाम में सिग्नल फेल, राजधानी और शताब्दी समेत कई ट्रेनों की थमी रफ्तार - kanpur panki dham signal failure delays rajdhani shatabdi

'रानी अवंतीबाई का जीवन युवाओं को प्रेरणा', सीएम योगी ने किया नमन

प्रयागराज में फिर बढ़ने लगा गंगा-यमुना का जलस्तर: 24 घंटे में नैनी में 1.28 मीटर और छतनाग में 1.26 मीटर बढ़ा पानी, सभी तटबंध सुरक्षित - Prayagraj (Allahabad) News


