होमशिक्षा-करियरउत्तर प्रदेश में पहली बार प्रशासक बने प्रधानों को शासन से झटका, वापस लिया गया मिड डे मील का जिम्मा - village heads in uttar pradesh who had become administrators for the first time have suffered a setback from the government
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उत्तर प्रदेश में पहली बार प्रशासक बने प्रधानों को शासन से झटका, वापस लिया गया मिड डे मील का जिम्मा - village heads in uttar pradesh who had become administrators for the first time have suffered a setback from the government

उत्तर प्रदेश में पहली बार प्रशासक बने प्रधानों को शासन से झटका, वापस लिया गया मिड डे मील का जिम्मा Gram Pradhans in UP: पहले बच्चों की माताओं को भोजन की निगरानी व जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब इसके संचालन में भी बदल…

Jagran के अनुसार1 अगस्त 2026 को 10:18 pm बजे
उत्तर प्रदेश में पहली बार प्रशासक बने प्रधानों को शासन से झटका, वापस लिया गया मिड डे मील का जिम्मा - village heads in uttar pradesh who had become administrators for the first time have suffered a setback from the government

सौजन्य से:- Jagran

उत्तर प्रदेश में पहली बार प्रशासक बने प्रधानों को शासन से झटका, वापस लिया गया मिड डे मील का जिम्मा

Gram Pradhans in UP: पहले बच्चों की माताओं को भोजन की निगरानी व जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब इसके संचालन में भी बदलाव किया गया है। ...और पढ़ें

HighLights

- अब विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से संचालित करेंगे खाता

- परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मिड डे मील के संचालन से किया गया अलग

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अभी पंचायत का चुनाव होने में समय है और ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गई है। अब शासन ने प्रशासक की भूमिका निभा करे ग्राम प्रधानों को परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मिड डे मील के संचालन से उन्हें अलग कर दिया गया है।

बेसिक शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू करते हुए मिड डे मील खाते के संयुक्त संचालन की जिम्मेदारी अब विद्यालय प्रबंध समिति (वीएमसी) के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक को सौंप दी है। मिड डे मील ( पीएम पोषण योजना) की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बदलाव किए जा रहे हैं। पहले बच्चों की माताओं को भोजन की निगरानी व जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब इसके संचालन में भी बदलाव किया गया है।

स्कूली शिक्षा महानिदेशालय की ओर से जारी निर्देश के तहत विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष के रूप में अभिभावक और सचिव के रूप में प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से मिड डे मील खाते का संचालन करेंगे। रसोइयों के मानदेय का भुगतान और भोजन तैयार कराने के लिए मिलने वाली राशि का उपयोग भी यही दोनों करेंगे।

अब तक यह खाता ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से संचालित करते थे। नई व्यवस्था पर ग्राम प्रधान संगठन ने आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि जब सरकार ने पंचायत चुनाव तक ग्राम प्रधानों को प्रशासक का दायित्व सौंप रखा है तो मिड डे मील खाते के संचालन का अधिकार उनसे छीनना उचित नहीं है।

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