प्री-वेडिंग शूट के हिसाब से गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण; वाराणसी पर्यटन विभाग ने बनाई प्लानिंग
प्री-वेडिंग शूट के हिसाब से गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण; वाराणसी पर्यटन विभाग ने बनाई प्लानिंग पुराने स्ट्रक्चर और बालकनी डिजाइन के साथ ही दीवारों पर हाल ही में की गई पेंटिंग युवाओं को बहुत अट्रैक्ट कर रही है. By ETV Bhara…

सौजन्य से:- etvbharat.com
प्री-वेडिंग शूट के हिसाब से गंगा घाटों का सौंदर्यीकरण; वाराणसी पर्यटन विभाग ने बनाई प्लानिंग
पुराने स्ट्रक्चर और बालकनी डिजाइन के साथ ही दीवारों पर हाल ही में की गई पेंटिंग युवाओं को बहुत अट्रैक्ट कर रही है.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 2, 2026 at 9:06 AM IST
वाराणसी: धर्म और आध्यात्मिक नगरी काशी अब प्री-वेडिंग शूट की सबसे पसंदीदा लोकेशन बन चुका है. कभी आगरा का ताजमहल युवाओं की पसंदीदा जगह थी, लेकिन अब बनारस के गंगा घाट प्री-वेडिंग शूट के लिए सबसे उत्तम माने जाते हैं. इसलिए अब पर्यटन विभाग बनारस के गंगा घाटों को प्री-वेडिंग शूट के हिसाब से तैयार करने की प्लानिंग कर रहा है.
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के निर्देश के बाद बनारस के गंगा घाटों में उन घाटों को सिलेक्ट किया जा रहा है, जो प्री-वेडिंग शूट के लिए सबसे सही माने जा रहे हैं. बनारस के एक दर्जन घाटों को प्री-वेडिंग शूट के लिए तैयार करने की प्लानिंग की गई है.
पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने बताया कि बनारस के गंगा घाट अपने आप में खूबसूरती के लिए जाने जाते हैं. यहां आने वाला हर पर्यटक बनारस के गंगा घाटों की खूबसूरती अपने कैमरे में कैद करना चाहता है. लोग अलग-अलग घाटों पर जाकर शूटिंग करते हैं.
इस दौरान सबसे जबरदस्त क्रेज प्री-वेडिंग शूट का दिखाई दे रहा है. बीते 5 से 7 साल के अंदर बनारस के अस्सी, भदैनी, तुलसीघाट, चेत सिंह घाट, राणा महल घाट, अहिल्याबाई घाट, मुंशी घाट, रीवा घाट, रामघाट, मणिकर्णिका, ललिता घाट सहित गंगा महल, पंचगंगा, बूंदी परकोटा के अलावा नमो घाट और रविदास घाट शूटिंग प्वाइंट के लिए बहुत तेजी से उभर रहे हैं.
यहां पर प्री-वेडिंग शूट के लिए न सिर्फ जगह है, बल्कि लोकेशन भी उसी हिसाब से हैं. छोटे-छोटे पुराने स्ट्रक्चर और बालकनी जैसे डिजाइन के साथ ही दीवारों पर हाल ही में की गई पेंटिंग युवाओं को बहुत अट्रैक्ट कर रही है. कई घाटों पर भगवान शंकर के स्ट्रक्चर और पेंटिंग को बनाने का काम अभी चल रहा है, जो बाढ़ की वजह से प्रभावित हुआ है, लेकिन इस काम को तेजी से किया जा रहा है.
इन घाटों को प्री-वेडिंग पॉइंट ऑफ व्यू से ही तैयार किया जाएगा, ताकि शूटिंग के लिए यहां युवा आ सके. इसके लिए नगर निगम के साथ बातचीत की जा रही है, ताकि वह अपने हिसाब से इन घाटों को पर्यटन विभाग के साथ मिलकर डेवलप करवा सके.
इसकी प्लानिंग पर्यटन मंत्री के निर्देश पर की जा रही है और घाटों के सिलेक्शन का काम किया जा चुका है. कुछ घाटों पर काम हुआ भी है और कुछ पर चल रहा है. बस गंगा में पानी बढ़ने की वजह से कम कुछ दिन के लिए प्रभावित होगा, पानी कम होने के बाद नए सिरे से इस पर काम को शुरू किया जाएगा.
घाटों पर क्या-क्या काम होगा
- घाटों के नाम के हिसाब से म्यूरल आर्टस के जरिए सुंदर बनाया जा रहा है.
- भगवान शिव की अलग-अलग कथाओं को दीवारों पर चित्रित करने का काम शुरू होगा.
- घाटों पर पुराने स्ट्रक्चर को नए सिरे से डेवलप कर फसाड लाइटिंग के साथ और अट्रैक्टिव बनाया जाएगा.
- घाटों की सुंदरता पुरानी पीली लाइट में ज्यादा बेहतर दिखती थी, इसलिए मुख्य घाटों पर रात के वक्त के लिए पीली लाइट ही लगेगी.
- घाटों को जाने वाली गलियां और सीढ़ियां अभी शूंटिंग प्वाइंट आफ व्यू से काफी अच्छी होती हैं, इनको डेवलप करने के साथ रेलिंग और अन्य चीज भी लगेंगी.
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

उत्तर प्रदेश में बारिश की वजह से घटी बिजली की मांग, 24 घंटों में 57 मिलियन यूनिट कम दर्ज हुई बिजली की खपत - low electricity demand in uttar pradesh due to heavy rains 57 million units less electricity consumption recorded in 24 hours

वाराणसी में गड्ढे में उतरकर नागरिकों ने किया विरोध प्रदर्शन तो नगर निगम ने बल्ली लगाकर घेरा - citizens protest in varanasi while municipal corporation surrounds

वाराणसी से उठी गुलामी की निशानी को मिटाने की आवाज, कारोबारियों की इस मांग ने पकड़ा जोर - the voice of erasure of the signs of slavery from varanasi the demand of the businessmen


