जनता की शिकायतों की अनदेखी पड़ी भारी, वाराणसी के पूर्व सीएमओ निलंबित; शासन ने की कार्रवाई - varanasi excmo suspended over negligence poor services
जनता की शिकायतों की अनदेखी पड़ी भारी, वाराणसी के पूर्व सीएमओ निलंबित; शासन ने की कार्रवाई वाराणसी के तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार को जनता की शिकायतों की अनदेखी और शासकीय कार्यों में लापरवाही के आरोप मे…

सौजन्य से:- Jagran
जनता की शिकायतों की अनदेखी पड़ी भारी, वाराणसी के पूर्व सीएमओ निलंबित; शासन ने की कार्रवाई
वाराणसी के तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार को जनता की शिकायतों की अनदेखी और शासकीय कार्यों में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गय ...और पढ़ें
जागरण संवाददाता, वाराणसी। जनता की शिकायतों की अनदेखी, सरकारी कार्यों में लापरवाही, सुस्ती बतरने के मामले में शासन ने वाराणसी में तैनात तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार को निलंबित कर दिया है। अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष की ओर से इस आशय का पत्र मंगलवार को शाम जिला प्रशासन को मिला।
शासन की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि सीएमओ सीएम डैशबोर्ड की सतत निगरानी नहीं की। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लगातार खराब और असंतोषजनक बनाए रखा। जनता की समस्याओं से जुड़े आईजीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण नहीं कर पाए। यह बेहद गंभीर मामला है।
उन्होंने अपने जूनियर कर्मचारियों और डाक्टरों पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं रखा। यह उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली का खुला उल्लंघन है। शासन स्तर पर मामले की गहन जांच के लिए अधिकारी नियुक्त किया जा रहा है। निलंबन अवधि में डॉ. मुकेश कुमार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ महानिदेशालय से संबद्ध किया गया है।
69 दिन ही दे पाए सेवा पर शिकायतें रहीं लंबी
तत्कालीन सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार दो जून 2026 कार्यभार संभाले। वाराणसी में 69 दिन के छोटे से कार्यकाल में ही स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति और प्रशासनिक लापरवाही के कई आरोप लगे। इसी के दृष्टिगत शासन ने निलंबन की कार्रवाई की।
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शासन के इस फैसले के बाद वाराणसी की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए नए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति भी कर दी गई है। नए सीएमओ डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यभार संभाल लिया है। विभाग में इस बदलाव के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
इन विषयों की अनदेखी पर हुई कार्रवाई
- शासकीय कार्यों के प्रति उदासीनता
- सीएम डैशबोर्ड पर असंतोषजनक स्थिति
- आईजीआरएस (जनसुनवाई) पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समय से व गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण न होना
- स्वास्थ्य कर्मियों पर सतत निगरानी न करना
- कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन
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