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लखनऊ-कानपुर हाईवे की बदहाली पर कांग्रेस का राज्यपाल को पत्र, पीएम से जांच की मांग

लखनऊ-कानपुर हाईवे की बदहाली पर कांग्रेस का राज्यपाल को पत्र, पीएम से जांच की मांग अजय राय ने सवाल उठाया कि जनता के 4,200 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद सड़क इतनी जल्दी क्यों टूट गई. इसकी जिम्मेदारी किसकी है. By ETV Bharat…

ETV Bharat के अनुसार11 अगस्त 2026 को 07:18 pm बजे
लखनऊ-कानपुर हाईवे की बदहाली पर कांग्रेस का राज्यपाल को पत्र, पीएम से जांच की मांग

सौजन्य से:- ETV Bharat

लखनऊ-कानपुर हाईवे की बदहाली पर कांग्रेस का राज्यपाल को पत्र, पीएम से जांच की मांग

अजय राय ने सवाल उठाया कि जनता के 4,200 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद सड़क इतनी जल्दी क्यों टूट गई. इसकी जिम्मेदारी किसकी है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 11, 2026 at 10:55 PM IST

लखनऊ : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग की खराब हालत को लेकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखा है. उन्होंने मांग की है कि राज्यपाल इस मामले को प्रधानमंत्री के सामने उठाएं और स्वतंत्र जांच कराएं.

अजय राय ने मंगलवार को लिखे पत्र में कहा कि 13 जुलाई को लगभग 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बना यह हाईवे बड़े स्तर पर उद्घाटित किया गया था. इसे आधुनिक और तेज यातायात की उपलब्धि बताया गया था लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिन बाद सड़क जगह-जगह धंसने लगी.

बड़े-बड़े गड्ढे हो गए. जल निकासी की व्यवस्था फेल हो गई. पुलों के हिस्से और क्रैश बैरियर में दरार आ गई. मरम्मत के बाद भी सड़क फिर से टूट गई. उन्होंने पत्र में लिखा कि उद्घाटन के दो दिन बाद ही इस सड़क पर एक बाइक सवार की मौत भी हो गई हालत इतनी खराब हुई कि NHAI को टोल वसूली रोकनी पड़ी.

इससे सरकार को करीब 575 करोड़ रुपये के राजस्व के नुकसान की आशंका है. अजय राय ने सवाल उठाया कि जनता के 4,200 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद सड़क इतनी जल्दी क्यों टूट गई. इसकी जिम्मेदारी किसकी है.

उन्होंने कहा कि निर्माण करने वाली कंपनी भाजपा के एक राज्यसभा सांसद के भाई से जुड़ी है, इसलिए उसे बचाने की कोशिश हो रही है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे केंद्र और राज्य सरकार की मिलीभगत से बने इस प्रोजेक्ट की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराएं. निर्माण की गुणवत्ता और सार्वजनिक धन के इस्तेमाल की भी जांच हो. जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रालय की जवाबदेही तय की जाए.

अजय राय ने कहा कि राज्यपाल ने हाल में गोरखपुर में प्रशासन की खामियों पर चिंता जताई थी. उसी तरह अब लखनऊ-कानपुर हाईवे का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के सामने उठाया जाए. इससे यह संदेश जाएगा कि राज्यपाल का पद जनता के हितों की रक्षा के लिए सजग है, चाहे मामला राज्य सरकार का हो या केंद्र सरकार का.

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