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उत्तर प्रदेश Switch to English राष्ट्रव्यापी 'समरसता संकल्प अभियान' का शुभारंभ चर्चा में क्यों? भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुरु रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रव्यापी 'संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महारा…

Drishti IAS के अनुसार1 अगस्त 2026 को 11:18 am बजे
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सौजन्य से:- Drishti IAS

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राष्ट्रव्यापी 'समरसता संकल्प अभियान' का शुभारंभ

चर्चा में क्यों?

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुरु रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रव्यापी 'संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज समरसता संकल्प अभियान' की घोषणा की है।

मुख्य बिंदु:

- अभियान: BJP देश भर में 'संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज समरसता संकल्प अभियान' का आयोजन करेगी।

- यह अभियान 29 जुलाई, 2026 (गुरु पूर्णिमा) से 20 फ़रवरी, 2027 (गुरु रविदास जयंती) तक चलेगा।

- लॉन्च: अभियान की शुरुआत वाराणसी, उत्तर प्रदेश में गुरु रविदास के जन्मस्थान पर एक समारोह के साथ होगी।

- कलश यात्रा: गुरु रविदास के जन्मस्थान की मिट्टी से भरे 131 कलश देश के सभी राज्यों एवं ज़िलों में भेजे जाएंगे।

- गंगा घाटों पर एक प्रमुख आयोजन सहित 51,000 स्थानों पर गुरु रविदास के सम्मान में दीपमाला एवं दीप-प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।

- कार्यशाला: अभियान की एक राज्य-स्तरीय कार्यशाला देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित हुई, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया।

- उद्देश्य: गुरु रविदास की शिक्षाओं से प्रेरित सामाजिक समरसता, समानता, सामाजिक न्याय एवं राष्ट्रीय एकता के संदेश का प्रसार।

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लखनऊ में भारत का प्रथम समर्पित सैन्य चिकित्सा विभाग स्थापित

चर्चा में क्यों?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ, उत्तर प्रदेश के कमान अस्पताल (मध्य कमान) में सैन्य चिकित्सा विभाग का आभासी उद्घाटन किया। यह सैन्य चिकित्सा विधा पर विशेष रूप से केंद्रित भारत के प्रथम समर्पित शैक्षणिक एवं परिचालन विभाग की स्थापना को चिह्नित करता है।

मुख्य बिंदु:

- अग्रणी संस्था: सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (AFMS) के तत्त्वावधान में संचालित, यह नव-सृजित विभाग युद्ध-चिकित्सा में प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं तकनीकी विकास हेतु देश का प्राथमिक केंद्र है।

- मूल विषय-क्षेत्र: बहु-प्रणाली युद्ध-आघात प्रबंधन, युद्ध-मनोचिकित्सा, चरम-पर्यावरण शरीर-विज्ञान एवं रासायनिक, जैविक, विकिरण एवं नाभिकीय (CBRN) रक्षा चिकित्सा प्रोटोकॉल में विशेषज्ञता।

- शैक्षणिक खाका: यह सुविधा चिकित्सा अधिकारियों हेतु उन्नत स्नातकोत्तर एवं अति-विशेषज्ञता पाठ्यक्रम प्रारंभ करेगी तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) हेतु एक प्रमुख उत्कृष्टता केंद्र में विकसित होगी।

- प्रौद्योगिकीय एकीकरण: विभाग सक्रिय युद्ध-अनुकरणों में उच्च-दबाव सामरिक हताहत-देखभाल प्रशिक्षण हेतु AI-संचालित ट्रायाज सिम्युलेटर एवं उच्च-निष्ठा युद्ध-क्षेत्र चिकित्सा पुतलों की तैनाती करेगा।

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जस्टिन ग्रीव्स ने पाँच लगातार विकेट-मेडनों के साथ टेस्ट क्रिकेट में इतिहास रचा

चर्चा में क्यों?

वेस्टइंडीज़ के ऑलराउंडर जस्टिन ग्रीव्स ने त्रिनिदाद में पाकिस्तान के विरुद्ध ICC विश्व टेस्ट चैंपियनशिप टेस्ट के दौरान पाँच लगातार विकेट-मेडन गेंदबाज़ी कर टेस्ट क्रिकेट में प्रथम गेंदबाज़ बनकर इतिहास रचा।

मुख्य बिंदु:

- ऐतिहासिक उपलब्धि: जस्टिन ग्रीव्स टेस्ट क्रिकेट इतिहास में पाँच लगातार विकेट-मेडन गेंदबाज़ी करने वाले प्रथम खिलाड़ी बने।

- उन्होंने यह रिकॉर्ड त्रिनिदाद में वेस्टइंडीज़ एवं पाकिस्तान के बीच प्रथम ICC विश्व टेस्ट चैंपियनशिप टेस्ट में प्राप्त किया।

- पंच-विकेट प्रदर्शन: ग्रीव्स ने इस मैच के दौरान टेस्ट क्रिकेट में अपने करियर का पहला पाँच विकेट (फाइव-विकेट हॉल) लेने का कारनामा किया।

- पूर्व रिकॉर्ड: उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ स्टुअर्ट ब्रॉड के चार लगातार विकेट-मेडन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा, जो जनवरी 2016 में जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध बनाया गया था।

- महत्त्व: यह उपलब्धि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है तथा वेस्टइंडीज़ के लिये ग्रीव्स के एक उभरते हुए प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ के रूप में स्थापित होने को रेखांकित करती है।"

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पर्यावरण निष्पादन सूचकांक 2026 में भारत 176वें स्थान पर

चर्चा में क्यों?

येल विश्वविद्यालय द्वारा तैयार पर्यावरण निष्पादन सूचकांक (EPI) 2026 जारी किया गया है, जो अनेक संकेतकों पर देशों के पर्यावरणीय निष्पादन की रैंकिंग करता है।

मुख्य बिंदु:

- कवरेज: EPI 2026 12 पर्यावरणीय मुद्दा-श्रेणियों में 47 संकेतकों का उपयोग कर 177 देशों का आकलन करता है।

- शीर्ष प्रदर्शक: एस्टोनिया ने 74.79 के स्कोर के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया।

- भारत की रैंकिंग: भारत 177 देशों में 22.46 के स्कोर के साथ 176वें स्थान पर रहा, जो लाओस के बाद दूसरा सबसे निम्न-रैंक वाला देश है।

- भारत 2022 से EPI में सबसे ख़राब प्रदर्शन करने वाले पाँच देशों में बना हुआ है।

- दक्षिण एशिया: भारत 8 दक्षिण-एशियाई देशों में 7वें स्थान पर रहा।

- भारत ने पर्यावरणीय स्वास्थ्य, वायु-गुणवत्ता एवं जैव-विविधता (वायु-गुणवत्ता एवं जैव-विविधता दोनों में 174वाँ स्थान) में खराब प्रदर्शन किया।

- बेहतर प्रदर्शन: भारत ने जलवायु परिवर्तन (130वाँ) एवं अपशिष्ट-प्रबंधन तथा स्वच्छता (दोनों 141वाँ) में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।

- सरकार का रुख: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने पहले EPI कार्यविधि पर प्रश्न उठाया था, यह कहते हुए कि कुछ संकेतक अवैज्ञानिक विधियों एवं धारणाओं पर आधारित हैं।

- EPI का उद्देश्य: यह सूचकांक पर्यावरणीय स्वास्थ्य, पारितंत्र-जीवंतता, जैव-विविधता संरक्षण, प्रदूषण-नियंत्रण, जलवायु परिवर्तन-शमन, अपशिष्ट-प्रबंधन एवं अन्य पर्यावरणीय मापदंडों में देशों के निष्पादन को मापता है।

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दिल्ली कैबिनेट ने ₹2,500 मासिक वित्तीय सहायता हेतु 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' स्वीकृत की

चर्चा में क्यों?

दिल्ली कैबिनेट ने दिल्ली लक्ष्मी योजना को आधिकारिक रूप से स्वीकृत किया है — एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पहल, जो पात्र महिलाओं को ₹2,500 प्रति माह का भत्ता प्रदान करती है। यह योजना राष्ट्रीय राजधानी भर में 17 लाख से अधिक महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा-कवच प्रदान करने का अनुमान है।

प्रमुख बिंदु

- मूल पात्रता: 21 से 60 आयु वर्ग की महिलाएँ पात्र हैं। आवेदक के परिवार की संयुक्त वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिये एवं वह कम-से-कम 10 वर्षों से दिल्ली की निरंतर निवासी तथा दिल्ली की पंजीकृत मतदाता होनी चाहिये।

- पारिवारिक सीमा: प्रति परिवार इकाई केवल एक महिला वित्तीय लाभ का दावा कर सकती है, जिसमें सबसे बड़ी पात्र महिला को प्राथमिकता दी जाएगी।

- कठोर बहिष्करण: आयकर-दाता, GST रिटर्न-दाखिलकर्त्ता अथवा सरकारी इकाइयों में नियमित/संविदात्मक कर्मचारी महिलाएँ बहिष्कृत हैं। चार-पहिया वाहन वाले अथवा 2,400 यूनिट से अधिक वार्षिक विद्युत-खपत वाले परिवार आवेदन नहीं कर सकते।

- जनसांख्यिकीय प्रतिबंध: तीन से अधिक जीवित बच्चों वाली महिलाएँ इस योजना से विधिक रूप से वर्जित हैं।

- संचालन रूपरेखा एवं धनराशि वितरण मॉडल

- धनराशि वितरण के विकल्प: बचत की आदत को प्रोत्साहित करने के लिये लाभार्थियों को निम्नलिखित दो प्रमुख विकल्प प्रदान किये गए हैं:

- ₹2,500 की संपूर्ण मासिक राशि को सुरक्षित आवर्ती जमा (RD) अथवा सावधि जमा (FD) में जमा करना।

- राशि का विभाजित वितरण, जिसमें ₹1,500 को RD/FD में जमा किया जाएगा तथा शेष ₹1,000 केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) के डिजिटल रुपया वॉलेट में उपलब्ध कराया जाएगा।

- धनराशि वितरण के विकल्प: बचत की आदत को प्रोत्साहित करने के लिये लाभार्थियों को निम्नलिखित दो प्रमुख विकल्प प्रदान किये गए हैं:

- प्रतिबंधित उपयोग: दुरुपयोग रोकने हेतु, CBDC वॉलेट में जमा निधियाँ पूर्णतः प्रतिबंधित हैं — इनका उपयोग मदिरा, तंबाकू उत्पादों की खरीद अथवा ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म हेतु नहीं किया जा सकता।

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