होमशिक्षा-करियरआयुष्मान कार्ड नहीं है? टेंशन न लें..इस योजना से यूपी में हो जाएगा गंभीर बीमारी का मुफ्त इलाज - up gambhir bimari sahayata yojana provides free treatment for serious illnesses without an ayushman card
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आयुष्मान कार्ड नहीं है? टेंशन न लें..इस योजना से यूपी में हो जाएगा गंभीर बीमारी का मुफ्त इलाज - up gambhir bimari sahayata yojana provides free treatment for serious illnesses without an ayushman card

आयुष्मान कार्ड नहीं है? टेंशन न लें..इस योजना से यूपी में हो जाएगा गंभीर बीमारी का मुफ्त इलाज उत्तर प्रदेश में निर्माण श्रमिकों के लिए 'गंभीर बीमारी सहायता योजना' शुरू की गई है, जिसके तहत आयुष्मान कार्ड न होने पर भी गंभी…

Jagran के अनुसार19 अगस्त 2026 को 01:56 pm बजे
आयुष्मान कार्ड नहीं है? टेंशन न लें..इस योजना से यूपी में हो जाएगा गंभीर बीमारी का मुफ्त इलाज - up gambhir bimari sahayata yojana provides free treatment for serious illnesses without an ayushman card

सौजन्य से:- Jagran

आयुष्मान कार्ड नहीं है? टेंशन न लें..इस योजना से यूपी में हो जाएगा गंभीर बीमारी का मुफ्त इलाज

उत्तर प्रदेश में निर्माण श्रमिकों के लिए 'गंभीर बीमारी सहायता योजना' शुरू की गई है, जिसके तहत आयुष्मान कार्ड न होने पर भी गंभीर बीमारियों का मुफ्त इला ...और पढ़ें

HighLights

- यूपी में निर्माण श्रमिकों को गंभीर बीमारी का मुफ्त इलाज।

- 'गंभीर बीमारी सहायता योजना' आयुष्मान कार्ड का विकल्प है।

- हार्ट, कैंसर, किडनी जैसी बीमारियों का कैशलेस उपचार उपलब्ध।

अभिनव त्रिपाठी, लखनऊ। आयुष्मान योजना (आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) भारत सरकार की एक बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इस योजना के तहत पात्र गरीब परिवारों को देश के सूचीबद्व सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलता है। जिन लोगों का आयुष्मान कार्ड नहीं होता है वो लोग इलाज कराने के लिए परेशान रहते हैं, लेकिन यूपी में एक ऐसी योजना है जिसके जरिए गंभीर बीमारी का भी मुफ्त इलाज मिलता है।

क्या है योजना का नाम?

यूपी की जिस योजना के तहत गंभीर बीमारी का मुफ्त इलाज मिलता है, उसका नाम है 'उत्तर प्रदेश गंभीर बीमारी सहायता योजना' यह योजना उन निर्माण मजदूरों (निर्माण श्रमिकों) के लिए है, जो उत्तर प्रदेश बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के सदस्य हैं। लेकिन जो लोग आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, उन्हें ही इस योजना का फायदा मिलेगा।

कहां होता है इलाज?

इस योजना के तहत निर्माण मजदूर के परिवार के किसी भी सदस्य को गंभीर बीमारी होने पर इलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। निर्माण श्रमिक के परिवार के सदस्य को बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए लाभ दिया जाएगा। यह इलाज किसी सरकारी अस्पताल, भारत सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार के स्वायत्त अस्पताल, या ऐसे अस्पतालों में हो सकता है जो 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' की नेशनल हेल्थ अथॉरिटी या राज्य स्तर पर काम करने वाली SACHIS (स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ इंश्योरेंस एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज) द्वारा सूचीबद्ध (empanelled) हैं।

किन बीमारियों का होता है इलाज?

इसमें वे सभी बीमारियां भी शामिल हैं जो आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना के अंतर्गत आती हैं।

दी जाती है एडवांस रकम

इस योजना के तहत सरकारी या स्वायत्त अस्पतालों में, या एसएसीएचआईएस (SACHIS) द्वारा सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज कराने पर आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाले लाभ के बराबर पूरी रकम वापस मिल जाएगी। मेडिकल या सर्जिकल इलाज के लिए अस्पताल अनुमानित खर्च बताएगा, उसके बाद अस्पताल को एडवांस रकम भी दी जा सकती है। इसमें कोई अधिकतम सीमा तय नहीं है।

क्या है पात्रता?

आवेदक का लेबर डिपार्टमेंट (श्रम विभाग) में रजिस्टर्ड वर्कर होना जरूरी है। लाभार्थी को प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकता। इसमें सिर्फ ये परिवार के सदस्य शामिल हैं, खुद, आश्रित माता-पिता, जीवनसाथी (पति/पत्नी), बेटी, और बेटा (सिर्फ 21 साल से कम उम्र का)।

यह भी पढ़ें- यूपी में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मिलेगा कैशलेस इलाज, सरकार ने शुरू की तैयारी

कैसे करें रजिस्ट्रेशन और आवेदन?

आवेदक को सबसे नजदीकी लेबर ऑफिस (श्रम कार्यालय)।

संबंधित तहसील के तहसीलदार के पास।

संबंधित डेवलपमेंट ब्लॉक के ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) के पास।

यहां पर जरूरी दस्तावेज तय फॉर्मेट में साथ लगाएं और आवेदन फार्म उसी कार्यालय में जमा कर दें।

किन दस्तावेजों की होती है जरूरत?

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