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UP Politics: दिल्ली में फंसे रहे अखिलेश-राहुल, CM योगी ने 219 सीटों पर बनाई पहुंच

UP Politics: दिल्ली में फंसे रहे अखिलेश-राहुल, CM योगी ने 219 सीटों पर बनाई पहुंच CM योगी आदित्यनाथ इस वक्त चुनावी रैलियों के साथ यूपी की कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. वे पार्टी के कार्यक्रमों मे…

ABP News के अनुसार1 अगस्त 2026 को 04:18 am बजे
UP Politics: दिल्ली में फंसे रहे अखिलेश-राहुल, CM योगी ने 219 सीटों पर बनाई पहुंच

सौजन्य से:- ABP News

UP Politics: दिल्ली में फंसे रहे अखिलेश-राहुल, CM योगी ने 219 सीटों पर बनाई पहुंच

CM योगी आदित्यनाथ इस वक्त चुनावी रैलियों के साथ यूपी की कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. वे पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक सक्रियता लगातार बढ़ती नजर आ रही है. पिछले करीब दो महीनों में सीएम योगी प्रदेश के सभी 18 मंडलों का दौरा कर चुके हैं और इस दौरान 219 के करीब विधानसभा क्षेत्रों तक उनकी सीधी पहुंच बनी है. पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड तक योगी की मौजूदगी दर्ज हुई है.

करीब 45 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री ने बिजनौर, गाजियाबाद, आगरा, झांसी, मैनपुरी और वाराणसी से लेकर गोरखपुर तक दौरे किए. इन दौरों में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, जनसभाएं, योजनाओं की समीक्षा और जनता से सीधा संवाद शामिल रहा.

जिन 41 जिलों में सीएम अब तक गए हैं उसमें चित्रकूट (2), इटावा (3), मैनपुरी (4), आगरा (9), जालौन (3), फतेहपुर (6), गोरखपुर (9), श्रावस्ती (2), बहराइच (8), बाराबंकी (6), संभल (4), अमरोहा (4), बुलंदशहर (7), गाजियाबाद (5), बिजनौर (8), शामली (3), कुशीनगर (7), बस्ती (5), अयोध्या (5), बांदा (4), प्रतापगढ़ (7), प्रयागराज (12), सहारनपुर (7), रामपुर (5), मुरादाबाद (6), पीलीभीत (4), हाथरस (3), गौतमबुद्ध नगर/नोएडा (3), देवरिया (7), संतकबीरनगर (3), अलीगढ़ (7), फिरोजाबाद (5), हमीरपुर (2), महोबा (2), झांसी (4), ललितपुर (2), आजमगढ़ (10), वाराणसी (8), बलरामपुर (4), मऊ (4) और लखनऊ (9) शामिल हैं.

योगी आदित्यनाथ इस वक्त चुनावी रैलियों के साथ यूपी की कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. वे पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल होने के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात और जनता दर्शन के जरिए आम लोगों से सीधा संवाद भी जारी है.

वहीं समाजवादी पार्टी प्रमुख की बात करें तो छोटे दौरों को छोड़ दें तो अखिलेश यादव ने मार्च 2026 में दादरी में बड़ी सार्वजनिक सभा की थी, जिसे 2027 विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान की शुरुआत के तौर पर देखा गया था. इसके बाद उनकी बड़ी जनसभाओं की संख्या सीमित रही है.हालांकि अखिलेश यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस, सोशल मीडिया और पार्टी नेताओं के कार्यक्रमों के जरिए सरकार पर जरूर हमला बोलते रहे हैं, लेकिन योगी की तुलना में बड़े स्तर पर लगातार जनसभाओं को लेकर अंतर दिखाई देता है.

कुछ ऐसी ही स्थिति

एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच रहे हैं, वहीं विपक्षी खेमे के बड़े नेताओं की जमीनी सक्रियता उस स्तर पर नजर नहीं आ रही है. बहुजन समाज पार्टी की बात करें तो मायावती की यूपी में आखिरी बड़ी रैली 9 अक्टूबर 2025 को लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल पर हुई थी. चुनाव नजदीक आने के बावजूद बसपा की बड़े पैमाने पर जनसभाएं फिलहाल कम दिखाई दे रही हैं. पार्टी की ओर से राजनीतिक संदेशों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल ज्यादा किया जा रहा है.

ऐसे में 2027 के चुनाव से पहले यूपी की सियासत में योगी की लगातार बढ़ती जमीनी सक्रियता बनाम विपक्ष की सीमित जनसभाएं एक अहम चुनावी तस्वीर पेश कर रही हैं.देखना होगा कि जैसे जैसे चुनाव की तारीख करीब आती है वैसे वैसे कौन सा दल कितना सक्रिय होता है. हालांकि पिछले हफ्ते मजाकिया अंदाज में सीएम ने ये बात जरूर कही थी कि जबतक विपक्ष 1 बार घूमेगा प्रदेश तबतक मैं चार बार घूम लूंगा, प्रतिशत के मुताबिक ये 80:20 होगा.

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