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UP Election 2027: नोएडा, जेवर, दादरी समेत 5 सीटों पर मैथिली समाज ने BJP से मांगे टिकट, परिषद ने विनोद तावड़े से की मुलाकात

प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा, जेवर, दादरी, साहिबाबाद और गाजियाबाद विधानसभा सीटों पर बिहार, पूर्वांचल और मिथिलांचल मूल के समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी। परिषद ने इन पांचों सीटों पर समाज की ओर से संभावित उम्मीदवारों को भ…

Navbharat Times के अनुसार1 सितंबर 2026 को 05:31 pm बजे
UP Election 2027: नोएडा, जेवर, दादरी समेत 5 सीटों पर मैथिली समाज ने BJP से मांगे टिकट, परिषद ने विनोद तावड़े से की मुलाकात

सौजन्य से:- Navbharat Times

प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा, जेवर, दादरी, साहिबाबाद और गाजियाबाद विधानसभा सीटों पर बिहार, पूर्वांचल और मिथिलांचल मूल के समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी। परिषद ने इन पांचों सीटों पर समाज की ओर से संभावित उम्मीदवारों को भाजपा का टिकट देने की मांग की है।

पांच सीटों पर उम्मीदवार उतारने की मांग

शैलेन्द्र मिश्र ने प्रतिनिधिमंडल के साथ भाजपा नेता विनोद तावड़े से मुलाकात कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पांच विधानसभा सीटों पर मैथिली समाज को प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी।प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि नोएडा, जेवर, दादरी, गाजियाबाद और साहिबाबाद जैसे क्षेत्रों में बिहार, पूर्वांचल और मिथिलांचल मूल के लोगों की बड़ी आबादी रहती है। इसी आधार पर परिषद ने आगामी विधानसभा चुनाव में इन क्षेत्रों से समाज के लोगों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की।

परिषद ने 'जितनी भागीदारी, उतनी हिस्सेदारी' की बात रखते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलने से सामाजिक भागीदारी और मजबूत होगी।

60 से 70 लाख आबादी का दावा

अंतर्राष्ट्रीय मैथिली परिषद के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बिहार, पूर्वांचल और मिथिलांचल मूल के करीब 60 से 70 लाख लोग रहते हैं। हालांकि, यह आंकड़ा परिषद का अपना दावा है और इसकी स्वतंत्र सार्वजनिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।परिषद ने इस आबादी और एनसीआर के विधानसभा क्षेत्रों में उसके प्रभाव को आधार बनाते हुए भाजपा नेतृत्व के सामने टिकट में प्रतिनिधित्व की मांग रखी।

तावड़े ने मांगे पांच संभावित उम्मीदवारों के बायोडाटा

मुलाकात के दौरान विनोद तावड़े ने प्रतिनिधिमंडल को तत्काल किसी तरह का आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने पांचों विधानसभा क्षेत्रों के संभावित उम्मीदवारों का बायोडाटा उपलब्ध कराने को कहा।तावड़े ने बताया कि चुनाव वर्किंग कमेटी इस प्रस्ताव पर विचार करेगी और इस संबंध में टीम की बैठक भी आयोजित की जाएगी।

यानी फिलहाल भाजपा की ओर से टिकट देने को लेकर कोई निर्णय सामने नहीं आया है। मांग को पार्टी की संगठनात्मक और चुनावी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने की बात कही गई है।

एनसीआर की पांच सीटें क्यों महत्वपूर्ण?

नोएडा, दादरी और जेवर गौतमबुद्ध नगर संसदीय क्षेत्र में आते हैं, जबकि साहिबाबाद और गाजियाबाद गाजियाबाद संसदीय क्षेत्र का हिस्सा हैं। ये क्षेत्र तेजी से हो रहे शहरीकरण, औद्योगिक विस्तार और बड़ी प्रवासी आबादी के कारण राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।इन इलाकों में स्थानीय मतदाताओं के साथ अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से आकर बसे लोगों की भी महत्वपूर्ण मौजूदगी है। ऐसे में टिकट वितरण में सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की मांग चुनाव से पहले राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बन सकती है।

स्थानीय दावेदारों के बीच नई दावेदारी

राजनीतिक नजरिए से देखें तो 2027 के चुनाव से पहले मैथिली परिषद की यह पहल केवल सामाजिक प्रतिनिधित्व की मांग तक सीमित नहीं है। संगठन ने सीधे पांच विधानसभा सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों को अवसर देने की मांग रखी है।यदि पार्टी इन क्षेत्रों में बिहार या पूर्वांचल पृष्ठभूमि वाले किसी चेहरे को उम्मीदवार बनाती है तो इसका असर स्थानीय राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। वहीं, ऐसा नहीं होने पर संबंधित संगठन अपनी प्रतिनिधित्व की मांग को आगे भी राजनीतिक मुद्दा बना सकते हैं।

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