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यूपी में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को मिलेंगे किराए के सस्ते घर, आवास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में बनी कमिटी

यूपी में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को किराए के सस्ते घर मिलेंगे। सरकार प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायती और सुरक्षित किराए के घरों की पॉलिसी लाने जा रही है। लखनऊ: यूपी में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए स…

Navbharat Times के अनुसार9 सितंबर 2026 को 01:31 am बजे
यूपी में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को मिलेंगे किराए के सस्ते घर, आवास विभाग के सचिव की अध्यक्षता में बनी कमिटी

सौजन्य से:- Navbharat Times

यूपी में अकेले रहने वाले बुजुर्गों को किराए के सस्ते घर मिलेंगे। सरकार प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायती और सुरक्षित किराए के घरों की पॉलिसी लाने जा रही है।

लखनऊ: यूपी में अकेले रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकार रियायती और सुरक्षित किराए के घरों की पॉलिसी लाने जा रही है। इसके लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कमिटी बना दी गई है। कमिटी शासन को अपनी सिफारिश सौंपेगी। विशेष सचिव राजेश कुमार राय की तरफ से इसका पत्र जारी किया गया है।

आवास विभाग के सूत्रों की मानें तो विकास प्राधिकरण की योजनाओं में बुजुर्गों के लिए किराए के आवास बनाने वाले डिवेलपरों को लैंड यूज और डिवेलपमेंट फीस में छूट के साथ ही ज्यादा ऊंचाई तक निर्माण (एक्स्ट्रा एफएआर) की मंजूरी दी जा सकती है। इन रियायतों से निर्माण सस्ता होगा, जिसका फायदा अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सस्ते किराए के मकान मिल सकेंगे।

वरिष्ठ नागरिकों के पास कम विकल्प

प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और पेशेवर ढंग से चलने वाले किराए के आवासों की जरूरत बढ़ी है। विकास प्राधिकरण की योजनाओं में इस समय सीनियर सिटीजन के लिए विकसित होने वाले ज्यादातर प्रॉजेक्ट में घर खरीदने के लिए बड़ी रकम निवेश करनी पड़ती है। ऐसे में रिटायर सरकारी कर्मचारी, पेशेवर, एनआरआई परिवारों के बुजुर्ग माता-पिता और मध्यम आय वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकल्प काफी कम होते हैं।

मासिक किराये पर रह सकेंगे बुजुर्ग नागरिक

माना जा रहा है कि इस तबके के लिए किराए पर आधारित सीनियर लिविंग मॉडल वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकता है। इस मॉडल के तहत बनने वाली इमारतों में वरिष्ठ नागरिक मासिक किराये के आधार पर रह सकेंगे। इसमें सुरक्षा, स्वास्थ्य सहायता, हाउसकीपिंग, भोजन व्यवस्था, आपातकालीन सहायता और सामजिक गतिविधियों जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

समिति में वीसी समेत कई अफसर

समिति में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के सचिव को अध्यक्ष बनाया गया है। इस समिति में लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अपर आवास आयुक्त, मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक और आवास बंधु के निदेशक को शामिल किया गया है।

लेखक के बारे मेंप्रशांत सिंहप्रशांत सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसल्टेंट राइटर हैं। पत्रकारिता में उनका 1.5 साल का अनुभव है। वह अभी उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र-प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब-हरियाणा, गोवा समेत नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों की खबरों पर काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत नवभारत टाइम्स अखबार से की थी।प्रशांत सिंह को देश-विदेश की राजनीति के बारे में लिखना बेहद पसंद है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को अपनी टीम के साथ कवर किया है। इसके साथ ही उन्हें हिंद-प्रशांत महासागर और वेस्ट एशिया की जियोपॉलिटिक्स को समझने और उस पर लिखने में गहरी दिलचस्पी है।प्रशांत सिंह ने दिल्ली की गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ युनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय संबंध में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने अपनी मास्टर्स खत्म होने के बाद मीडिया जगत में कदम रखा।... और पढ़ें

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