UP: एक-दूसरे को उलझाने में लगे एनडीए और इंडिया गठबंधन के छोटे-बड़े दल, यूपी में सीट बंटवारे को लेकर विवाद कम नहीं
{"_id":"6a8baac1ffe535cfee0c4f62","slug":"dispute-over-seat-sharing-in-up-small-and-large-parties-of-nda-and-india-alliances-busy-entangling-each-other-2026-08-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP…

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a8baac1ffe535cfee0c4f62","slug":"dispute-over-seat-sharing-in-up-small-and-large-parties-of-nda-and-india-alliances-busy-entangling-each-other-2026-08-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: एक-दूसरे को उलझाने में लगे NDA और INDIA गठबंधन के छोटे-बड़े दल, यूपी में सीट बंटवारे को लेकर विवाद कम नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: एक-दूसरे को उलझाने में लगे NDA और INDIA गठबंधन के छोटे-बड़े दल, यूपी में सीट बंटवारे को लेकर विवाद कम नहीं
Mon, 24 Aug 2026 08:16 AM IST
Sharukh Khan
अजीत खरे, अमर उजाला, नई दिल्ली
अजीत खरे, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sharukh Khan
Updated Mon, 24 Aug 2026 08:16 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे को लेकर विवाद कम नहीं है। सियासी उठापटक और पाला बदलने का माहौल बनने लगा है। एनडीए और इंडिया गठबंधन के छोटे-बड़े दल एक-दूसरे को उलझाने में लगे हैं। समाजवादी पार्टी का एनडीए में टकराव बढ़ाने का दाव है। वहीं, बढ़े ग्राफ से उत्साहित कांग्रेस इकतरफा बंटवारा नहीं चाहती है।
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चुनावी मुद्दों के गरमाने के साथ ही अब उत्तर प्रदेश में सीट शेयरिंग को लेकर एनडीए और विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया के छोटे-बड़े दल एक दूसरे को उलझाने में लग गए हैं। समाजवादी पार्टी ने जहां छोटे दलों को ज्यादा सीटें देने को लेकर भाजपा पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की है, वहीं कांग्रेस खुद सपा से ज्यादा सीटें लेने के लिए माहौल बना रही है।
प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। एनडीए की ओर से सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर पहले से सपा पर तीखे प्रहार कर रहे हैं। अब केंद्र सरकार में मंत्री व राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी ने भी सपा पर सहयोगी दलों को कमतर आंकने का आरोप जड़ दिया है।
इसी विवाद में बसपा प्रमुख मायावती ने सपा के साथ पहले के दो गठबंधन को कटु अनुभव बताते हुए राष्ट्रीय लोकदल के बयान पर सहमति जताई है। दोनों गठबंधनों की ओर से जमकर सौदेबाजी के आसार बन रहे हैं। ऐसे में चुनाव आते-आते कई तरह की सियासी उठापटक व पाला बदलने का माहौल बनने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। एनडीए की ओर से सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर पहले से सपा पर तीखे प्रहार कर रहे हैं। अब केंद्र सरकार में मंत्री व राष्ट्रीय लोकदल प्रमुख जयंत चौधरी ने भी सपा पर सहयोगी दलों को कमतर आंकने का आरोप जड़ दिया है।
विज्ञापन
इसी विवाद में बसपा प्रमुख मायावती ने सपा के साथ पहले के दो गठबंधन को कटु अनुभव बताते हुए राष्ट्रीय लोकदल के बयान पर सहमति जताई है। दोनों गठबंधनों की ओर से जमकर सौदेबाजी के आसार बन रहे हैं। ऐसे में चुनाव आते-आते कई तरह की सियासी उठापटक व पाला बदलने का माहौल बनने लगा है।
विज्ञापन
बढ़े ग्राफ से उत्साहित कांग्रेस
संसद व उसके बाहर छात्र आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका से उत्साहित कांग्रेस सीटों की संख्या में अब सपा से इकतरफा बंटवारा नहीं चाहती। सभी सीटों पर सर्वे कराकर जीताऊ प्रत्याशी तलाश रही कांग्रेस सम्मान व बराबरी की बात कर रही है। इसलिए अब सीटों की संख्या सपा से ज्यादा हो सकती है।
संसद व उसके बाहर छात्र आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका से उत्साहित कांग्रेस सीटों की संख्या में अब सपा से इकतरफा बंटवारा नहीं चाहती। सभी सीटों पर सर्वे कराकर जीताऊ प्रत्याशी तलाश रही कांग्रेस सम्मान व बराबरी की बात कर रही है। इसलिए अब सीटों की संख्या सपा से ज्यादा हो सकती है।
कांग्रेस इसका आधार पार्टी के प्रभाव का बढ़ा ग्राफ, जीत का बेहतर स्ट्राइक रेट व बढ़ती स्वीकार्यता को बता रही है। उसकी यह भी दलील है कि सीटों का वितरण 2022 के विस चुनाव में प्रदर्शन के आधार पर नहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर होना चाहिए।
सपा का एनडीए में टकराव बढ़ाने का दाव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा को अपने साथी दलों सुभासपा, रालोद, निषाद पार्टी और अपना दल (एस) के लिए 162 सीटें छोड़नी पड़ेंगी। इस तरह उन्होंने इन दलों की महत्त्वाकांक्षाओं को हवा दी।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा को अपने साथी दलों सुभासपा, रालोद, निषाद पार्टी और अपना दल (एस) के लिए 162 सीटें छोड़नी पड़ेंगी। इस तरह उन्होंने इन दलों की महत्त्वाकांक्षाओं को हवा दी।
इसके पीछे सपा की मंशा एनडीए व सहयोगियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की दिखती है, ताकि इसमें सीट वितरण को लेकर चल रही खींचतान आगे बढ़कर टकराव में बदल जाए। वहीं, इंडिया गठबंधन में कांग्रेस ने सीटों की भारी-भरकम मांग रखकर सपा नेतृत्व की परेशानी बढ़ा दी है।
बीते चुनाव का हाल
अगर पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो 2022 में भाजपा ने 376 सीटों पर चुनाव लड़ा और सहयोगी दलों को 27 सीटें दीं। भाजपा 255 जीती, अपना दल 17 में 12, निषाद पार्टी 10 में 6 सीटें जीतीं।
अगर पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो 2022 में भाजपा ने 376 सीटों पर चुनाव लड़ा और सहयोगी दलों को 27 सीटें दीं। भाजपा 255 जीती, अपना दल 17 में 12, निषाद पार्टी 10 में 6 सीटें जीतीं।
वहीं, विपक्षी गठबंधन के घटक दल सपा और कांग्रेस अलग-अलग लड़े। सपा का गठबंधन रालोद व अन्य से था। सपा 111 सीटें जीतीं और तब रालोद सपा के गठबंधन में 33 में 8 सीट जीता। सुभासपा ने इसी गठबंधन में 19 में 6 पर जीत दर्ज की।
अपना दल कमेरावादी 6 में 1 सीट जीता। अब सुभासपा व रालोद भाजपा के साथ हैं जबकि अपना दल कमेरावादी सपा के साथ बना हुआ है और कांग्रेस सपा का 2024 के लोकसभा में बना गठबंधन फिर मिल कर लड़ने को तैयार है।
कांग्रेस ने 399 सीटों पर चुनाव लड़ा, इसमें एक पर जीत मिली, जबकि बसपा ने 403 सीटों से प्रत्याशी उतारे और उसे सिर्फ एक सीट से ही संतोष करना पड़ा था।
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

यूपी चुनाव से पहले लगेगा बड़ा झटका!: रालोद में बड़ी टूट की आहट, इस बात से नाराज बड़े नेता छोड़ सकते हैं साथ

CEC Gyanesh Kumar praises aware voters of Lucknow, Uttar Pradesh

रक्षाबंधन से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए 4 तोहफे, यूपी की महिला रसोइयों में खुशी की लहर


