UP में ‘एक जिला एक व्यंजन’ में कानपुर का जलवा! 25 यूनिट के साथ दूसरे नंबर पर, लखनऊ सबसे आगे - kanpur ranks second in up one district one dish scheme lucknow leads with 26 units
UP में ‘एक जिला एक व्यंजन’ में कानपुर का जलवा! 25 यूनिट के साथ दूसरे नंबर पर, लखनऊ सबसे आगे उत्तर प्रदेश में 'एक जिला एक व्यंजन' योजना के तहत लखनऊ को सर्वाधिक 26 और कानपुर को 25 यूनिटें आवंटित की गई हैं। यह योजना स्थानीय…

सौजन्य से:- Jagran
UP में ‘एक जिला एक व्यंजन’ में कानपुर का जलवा! 25 यूनिट के साथ दूसरे नंबर पर, लखनऊ सबसे आगे
उत्तर प्रदेश में 'एक जिला एक व्यंजन' योजना के तहत लखनऊ को सर्वाधिक 26 और कानपुर को 25 यूनिटें आवंटित की गई हैं। यह योजना स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देगी और प्रत्येक यूनिट को स्थापित करने के लिए तीन लाख रुपये की सहायता मिलेगी।
HighLights
- लखनऊ को ओडीओसी की सर्वाधिक 26 यूनिटें मिलीं
- कानपुर को 25 यूनिटें आवंटित, प्रदेश में दूसरा स्थान
- प्रत्येक यूनिट को तीन लाख रुपये की वित्तीय सहायता
जागरण संवाददाता, कानपुर। प्रदेश में एक जिला एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना के तहत जिला वार यूनिट आवंटन कर दिए गए हैं। सबसे ज्यादा यूनिट लखनऊ के हिस्से में 26 आईं है जबकि कानपुर को दूसरे नंबर पर 25 यूनिट का आवंटन मिला है। हर यूनिट को स्थापित करने के लिए तीन लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। प्रदेश में कुल 1,000 इकाइयों की स्थापना ओडीओसी की तहत कराई जाएगी। इसके लिए 30 करोड़ रुपये का वित्तीय आवंटन किया गया है।
स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय ने जिलावार लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इसके तहत कानपुर में 25 यूनिटों को इस साल बाजार में स्थापित कराया जाएगा। इसके लिए उन्हें ब्रांड निर्माण, प्रदर्शनी एवं प्रचार-प्रसार से संबंधित सहयोग दिया जाएगा।
निदेशालय ने सभी 75 जिलों के लिए अलग -अलग यूनिट आवंटन किया है। इसके तहत सबसे ज्यादा 26 यूनिट लखनऊ और दूसरे नंबर पर कानपुर और आगरा 25-25 यूनिट है। वाराणसी को 24 यूनिट का आवंटन मिला है।
योजना के तहत जिले के प्रमुख स्थानीय उत्पाद यानी ऐसे व्यंजन को बढ़ावा दिया जाना है जो अपनी विशिष्टता के लिए चर्चित हो। साथ ही उसे राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में स्थापित किया जा सके। इस योजना के माध्यम से कारीगरों, उत्पादकों और उद्यमियों को बाजार दिलाने की कोशिश है। इससे स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के साथ रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
योजना के तहत जिला उद्योग केंद्र की ओर से योजना के तहत विभिन्न जिलो के लिए चिह्नित पारंपरिक व्यंजनों और खान-पान उत्पादों से जुड़े उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय क्षेत्र की इकाइयों को बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। स्थानीय व्यंजनों की पहचान बढ़ाने के लिए प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रसिद्ध खान-पान को इस योजना से नई पहचान और व्यावसायिक विस्तार दिलाया जाएगा। इससे आगरा का पेठा व दालमोठ, मथुरा का पेड़ा, कानपुर का मलाई मक्खन व समोसा, लखनऊ की रेवड़ी को बढ़ावा दिया जाएगा।
- के. विजयेंद्र पांडियन , आयुक्त एवं निदेशक उद्योग
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

लखनऊ एयरपोर्ट के पास टाटा प्रोजेक्ट्स के लेबर कैंप में भीषण आग, 2 मजदूर घायल - lucknow airport labor camp fire no casualties reported

यूपी में युवा शुरू कर सकते हैं अपना कारोबार: CM YUVA में ₹5 लाख तक का बिना गारंटी लोन; 4 साल तक पूरा ब्याज माफ, ऐसे करें आवेदन

Uttar Pradesh Aims For Digital Economy Leadership With Microchip Manufacturing


