UP: वाराणसी में बच्चे के लिए 19 माह से भटक रही दुष्कर्म पीड़िता, पांच लाख में बेचने का आरोप; आरोपी जेल में है
UP: वाराणसी में बच्चे के लिए 19 माह से भटक रही दुष्कर्म पीड़िता, पांच लाख में बेचने का आरोप; आरोपी जेल में है Varanasi Crime: वाराणसी में दुष्कर्म पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसका नवजात पांच लाख रुपये में बेच दिया गया। व…

सौजन्य से:- Amar Ujala
UP: वाराणसी में बच्चे के लिए 19 माह से भटक रही दुष्कर्म पीड़िता, पांच लाख में बेचने का आरोप; आरोपी जेल में है
Varanasi Crime: वाराणसी में दुष्कर्म पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसका नवजात पांच लाख रुपये में बेच दिया गया। वह पिछले 19 महीनों से बच्चे की तलाश में भटक रही है। महिला आयोग से शिकायत के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर एक बच्चे का डीएनए परीक्षण कराया है, जिसकी रिपोर्ट लंबित है। अस्पताल प्रबंधन पर मानव तस्करी का मुकदमा दर्ज है।
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वाराणसी में 19 महीने से एक दुष्कर्म पीड़िता अपने बच्चे के लिए भटक रही है। पीड़िता का आरोप है कि बच्चा पैदा होने के बाद उसे पांच लाख रुपये में बेच दिया गया है। मामला दो साल पुराना 2024 का है। इसे लेकर उसी साल एफआईआर भी दर्ज हुई थी। दो दिन पहले महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान की सुनवाई में ये मामला उठाया गया है।
दुष्कर्म पीड़िता ने मंगलवार को जनसुनवाई में बताया कि पड़ोस के एक युवक ने उससे शादी का वादा कर संबंध बनाए। साल 2024 में वह गर्भवती हो गई लेकिन युवक ने बच्चे को अपना मानने से इन्कार कर दिया। पीड़िता ने लंका थाने में युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।
आरोपी की गिरफ्तारी हुई और वह जेल चला गया। इधर उसने बच्चे को जन्म देने का फैसला लिया। पीड़िता का आरोप है कि पड़ोस की ही आशा कार्यकर्ता लंका के रश्मिनगर कॉलोनी स्थित एक निजी अस्पताल लेकर गई थी। यहां डॉ. अंजु सिंह व अर्चना गौड़ ने जांच कराई बताया कि बच्चा सात महीने का है और ऑपरेशन से ही पैदा होगा।
इसके बदले शुल्क जमा करवाया गया। 19 दिसंबर 2024 को बच्चा पैदा हुआ लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि बच्चा मृत पैदा हुआ है। आरोप लगाया कि अब नवजात का शव मांगा गया तो उससे और उसके परिजनों को मारपीट की गई। जबकि पीड़िता व उसकी मां का दावा था कि बच्चा जिंदा था और रो भी रहा था। कुछ देर बाद ही पीड़िता से कहा गया कि दुष्कर्म से पैदा बच्चे को रखकर क्या करोगी। पांच लाख ले लो और बच्चा दे दो। पीड़िता ने इससे इन्कार कर दिया।
इस मामले में अस्पताल संचालक समेत अन्य पर प्राथमिकी दर्ज है। कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कुछ ने हाईकोर्ट में रिट दाखिल की जिसे निरस्त कर दिया गया है। आरोप है कि इस मामले में चिकित्सक अंजु सिंह समेत दो की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है वह फरार चल रहे हैं।
दुष्कर्म के आरोपी ने बच्चे को अपना मानने से इन्कार कर दिया है और इस वक्त जेल है। शक के आधार पर पुलिस ने एक बच्चे की डीएनए जांच कराई है। प्रयागराज से अभी डीएनए की रिपोर्ट आनी है। इस मामले में बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट पर मानव तस्करी की धारा भी प्राथमिकी में बढ़ाई गई है।
मामला संज्ञान में है। एसीपी भेलूपुर इसकी जांच कर रहे हैं। इस मामले में एक बच्चे का डीएनए जांच के लिए प्रयागराज भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी। - गौरव बंशवाल, डीसीपी काशी जोन
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