अखिलेश यादव और TMC सांसद सौगत रॉय की मुलाकात, यूपी में कुछ बड़ा होने वाला है? कांग्रेस के लिए अलर्ट
अखिलेश यादव ने टीएमसी के सांसद सौगत रॉय से मुलाकात की।अखिलेश यादव की इस सक्रियता को यूपी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। हाइलाइट्स अखिलेश ने टीएमसी के सांसद सौगत रॉय से भी मुलाकात की टीएमसी की तरफ सपा का झुकाव कांग्रेस क…

सौजन्य से:- Navbharat Times
अखिलेश यादव ने टीएमसी के सांसद सौगत रॉय से मुलाकात की।अखिलेश यादव की इस सक्रियता को यूपी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
हाइलाइट्स
अखिलेश ने टीएमसी के सांसद सौगत रॉय से भी मुलाकात की
टीएमसी की तरफ सपा का झुकाव कांग्रेस के लिए अलर्ट
बंगाल में कांग्रेस टीएमसी से अलग होकर लड़ी थी
लखनऊ: मॉनसून सत्र में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सक्रिय होकर और विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटे हैं। बुधवार को सत्र के दौरान अखिलेश ने टीएमसी के सांसद सौगत रॉय से भी मुलाकात की। अखिलेश यादव की इस सक्रियता को यूपी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। जो कि यूपी में कांग्रेस के लिए अलर्ट भी माना जा रहा है।
अखिलेश यादव मॉनसून सत्र में फ्रंटफुट पर खेल रहे हैं। छात्रों के आंदोलन के मुद्दों से लेकर हर मामले में अखिलेश लगातार बीजेपी सरकार को घेरने में जुटे हैं। संसद के अंदर अखिलेश की सक्रियता विपक्षी दलों को एकजुट करने की दिशा में भी अहम मानी जा रही है। अखिलेश टीएमसी को भी साथ लेकर चुनावी मैदान में उतर सकती है। इसके संकेत अखिलेश यादव ने बुधवार को टीएमसी के सांसद सौगत रॉय से मुलाकात कर दे दिए हैं।
अखिलेश की तजुर्बों से मुलाकात
अखिलेश ने सोशल मीडिया पर भी टीएमसी सांसद सौगत रॉय के साथ फोटो शेयर कर लिखा कि तजुर्बों से मुलाकात। सौगत रॉय पश्चिम बंगाल के दमदम निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद हैं। वह पेशे से भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर और वकील रहे हैं, तथा पूर्व में केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। अखिलेश की सौगत रॉय से मुलाकात को सियासी मुलाकात से जोड़ा जा रहा है। टीएमसी की तरफ सपा का झुकाव कांग्रेस के लिए अलर्ट भी है। दरअसल बंगाल में कांग्रेस टीएमसी से अलग होकर लड़ी थी, ऐसे में ये नया समीकरण चिंता बढ़ाएगा।
गठबंधन को लेकर अभी कुछ भी साफ नहीं
हालांकि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के साथ गठबंधन को लेकर अभी कुछ भी साफ नहीं कह रहे हैं। जबकि कांग्रेस की तरफ से पिछले दिनों इस पर बयान भी सामने आ चुका है। कांग्रेस के सीनियर नेता और सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद ने गठबंधन के मसले पर पार्टी के 403 सीटों पर तैयारी किए जाने की बात कही थी।
कयासबाजी का दौर शुरू
अखिलेश यादव इससे पहले दिल्ली में हुई INDI गठबंधन की बैठक के दौरान प्रदेश के कांग्रेस नेताओं के बयानों पर नाराजगी जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि हमारा गठबंधन लोकसभा चुनाव 2024 में था। हम लोकसभा में एक साथ हैं। हालांकि, उन्होंने विधानसभा चुनाव 2027 में गठबंधन को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव अभी दूर है। ऐसे में जिस तरह छात्रों के आंदोलन के मुद्दे पर संसद में अखिलेश विपक्ष के साथ मोर्चा संभाला हुआ है, उसको लेकर कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है।
लेखक के बारे मेंपवन नौटियालपवन नौटियाल नवभारत टाइम्स में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सेक्शन के लिए बतौर कंसलटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 14 वर्षों से अधिक का व्यापक पत्रकारीय अनुभव है। मूल रूप से उत्तराखंड (उत्तरकाशी) के रहने वाले पवन को दोनों राज्यों की राजनीति, सामाजिक-आर्थिक मुद्दों, क्राइम और यूटिलिटी खबरों की गहरी समझ है।उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2012 में देहरादून से एक प्रतिष्ठित न्यूज चैनल के साथ की, जहां उन्होंने विधानसभा चुनावों की ग्राउंड रिपोर्टिंग और कई एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए। उन्होंने 2013 की भीषण केदारनाथ आपदा की भी क्रेडिबल ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। इसके बाद, उन्होंने 'दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट' में 5 वर्षों तक डेस्क और फील्ड की दोहरी जिम्मेदारी संभाली। डिजिटल मीडिया में कदम रखते हुए उन्होंने वनइंडिया-डेलीहंट के साथ करीब 5 साल काम किया, जहां उन्होंने उत्तरकाशी के ऐतिहासिक सिलक्यारा टनल हादसे और धराली आपदा जैसी बड़ी घटनाओं को मौके पर जाकर कवर किया। दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले पवन विज्ञान के छात्र रहे हैं, जिससे उनकी खबरों में तार्किक और डेटा-आधारित सटीकता दिखती है।मुख्य विशेषज्ञता (Areas of Expertise)क्षेत्रीय कवरेज: उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति, समसामयिक मुद्दे और सामाजिक सरोकार।बीट्स: पॉलिटिकल एनालिसिस, क्राइम, हेल्थ, यूटिलिटी न्यूज और ग्राउंड डिजास्टर रिपोर्टिंग।अनुभव: 14+ वर्ष (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया)।पेशेवर यात्रा (Professional Experience)करियर की शुरुआत (2012): देहरादून में न्यूज चैनल से शुरुआत; उत्तराखंड विधानसभा चुनाव और केदारनाथ आपदा (2013) की लाइव कवरेज। 'लोकस्वामी' मैगजीन के लिए अहम कवर स्टोरीज।प्रिंट मीडिया (5 वर्ष): 'दैनिक जागरण आई-नेक्स्ट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर/रिपोर्टर डेस्क और फील्ड रिपोर्टर के तौर पर काम।डिजिटल मीडिया (5 वर्ष): 'वनइंडिया-डेलीहंट' में यूपी-उत्तराखंड के चुनाव और बड़ी घटनाओं की कमान। उत्तरकाशी सिलक्यारा टनल रेस्क्यू और धराली आपदा की ग्राउंड रिपोर्टिंग।शिक्षा और क्रेडेंशियल (Education & Credentials)पोस्ट ग्रेजुएशन: मास कम्युनिकेशन (नई दिल्ली)।ग्रेजुएशन: साइंस स्ट्रीम (जो उनकी खबरों को एक विश्लेषणात्मक और सटीक दृष्टिकोण देता है)।स्थानीय जुड़ाव: मूल निवासी उत्तरकाशी (उत्तराखंड), जिससे उन्हें पहाड़ी राज्यों की भौगोलिक और राजनीतिक परिस्थितियों की स्वाभाविक और प्रामाणिक समझ है।... और पढ़ें
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