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गोरखपुर में विज्ञान विस्तार कार्यक्रम का आगाज जल्द, प्रतिभाओं की तलाश में गांव-गांव चलेगा अभियान

गोरखपुर में विज्ञान विस्तार कार्यक्रम का आगाज जल्द, प्रतिभाओं की तलाश में गांव-गांव चलेगा अभियान गोरखपुर-बस्ती मंडल के गांवों के ऐसे बच्चों बच्चों की तलाश की जाएगी जिनके अंदर वैज्ञानिक रुचि है. By ETV Bharat Uttar Prades…

ETV Bharat के अनुसार1 अगस्त 2026 को 12:18 pm बजे
गोरखपुर में विज्ञान विस्तार कार्यक्रम का आगाज जल्द, प्रतिभाओं की तलाश में गांव-गांव चलेगा अभियान

सौजन्य से:- ETV Bharat

गोरखपुर में विज्ञान विस्तार कार्यक्रम का आगाज जल्द, प्रतिभाओं की तलाश में गांव-गांव चलेगा अभियान

गोरखपुर-बस्ती मंडल के गांवों के ऐसे बच्चों बच्चों की तलाश की जाएगी जिनके अंदर वैज्ञानिक रुचि है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 1, 2026 at 4:48 PM IST

गोरखपुर : विज्ञान विस्तार स्वदेशी तकनीक का अभियान अगस्त से अक्टूबर माह तक क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र गोरखपुर में शुरू करने जा रहा है. शासन से अनुमति के बाद नवप्रवर्तकों (शोधकर्ताओं) के नवाचार को पहचान के साथ उड़ान और विस्तार देने के इरादे से इसकी शुरुआत होगी. जिसमें विज्ञान कार्यशालाएं होंगीं. इसमें विज्ञान आधारित लघु फिल्में भी दिखाई जाएगीं. खगोल की घटनाएं, चंद्रमा की चाल और टेलिस्कोप वैज्ञानिक टूल्स की जानकारी बच्चों को दी जाएगी और उनके शोध को बढ़ावा दिया जाएगा.

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला गोरखपुर के वैज्ञानिक एवं क्षेत्रीय विज्ञान प्रसार अधिकारी महादेव प्रसाद पांडेय ने बताया, यह अभियान अगस्त के दूसरे सप्ताह में शुरू हो जाएगा. गोरखपुर-बस्ती मंडल के विभिन्न गांवों के ऐसे होनहार बच्चों बच्चों की तलाश की जाएगी जिनके अंदर वैज्ञानिक रुचि है और वह कुछ ना कुछ शोध कार्य कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि विज्ञान को प्रयोगशालाओं तक सीमित न रखकर उसे गांव, स्कूलों और बच्चों की कल्पनाओं तक पहुंचाने का प्रयास होगा. क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र से विज्ञान विस्तार स्वदेशी तकनीक एवं संचार अभियान के तहत तीन दर्जन से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. जिसमें बच्चों तक पहुंचना, उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और स्वदेशी तकनीक और नवाचार के प्रति रूचि बढ़ाना है.

विशेष फोकस कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, ग्रामीण विद्यालयों और दूरस्थ क्षेत्र के छात्रों पर रहेगा जिससे विज्ञान शिक्षा का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके. उन्होंने बताया, कार्यक्रम में सोलर टेलिस्कोप से सूर्य अवलोकन, रात्रि कालीन स्काई वाचिंग, अपना टेलीस्कोप बनाएं कार्यशाला, इंडिया इन स्पेस मोबाइल प्रदर्शनी, विज्ञान चेतना शिविर, वेस्ट टू वेल्थ और विज्ञान संवाद के 17 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

क्षेत्रीय विज्ञान प्रसार अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया, विद्यार्थियों को कम लागत में दूरबीन तैयार करना भी सिखाया जाएगा. जिससे वह स्वयं बनाए गए उपकरण से चंद्र ग्रहण और अन्य खगोलीय गतिविधियों का अवलोकन कर सकेंगे. अभियान में शिक्षकों को भी प्रयोग आधारित आधुनिक शिक्षण पद्धति का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे विद्यालयों में बच्चों की जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बेहतर दिशा दे सकें.

प्रयास है कि अधिक से अधिक ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों को इस अभियान से जोड़ा जाए, जिससे विज्ञान केवल पाठ का विषय न रहकर जीवन से जुड़ा अनुभव बन सके. विज्ञान विस्तार अभियान का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और विज्ञान को प्रयोग तथा नवाचार से जोड़ना है. हमारा लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी आधुनिक वैज्ञानिक गतिविधियों से जुड़े स्वयं प्रयोग करें और भविष्य के वैज्ञानिक एवं नव प्रवर्तक बने.

यह अभियान विज्ञान संचार की नई संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा. इसमें सफल और चयनित विद्यार्थी जिले से लेकर प्रदेश और देश स्तर की विज्ञान प्रतियोगिता में भी प्रतिभागी कर अपनी कल्पना और शोध को बड़ा मुकाम दे सकते हैं.

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