होमक्राइमकानपुर-उन्नाव और लखनऊ के बीच यातायात होगा आसान, सरैया ROB पर आज रखे जाएंगे आखिरी 4 गर्डर - kanpur unnao lucknow connectivity boost saraiya rob construction nears completion
क्राइम

कानपुर-उन्नाव और लखनऊ के बीच यातायात होगा आसान, सरैया ROB पर आज रखे जाएंगे आखिरी 4 गर्डर - kanpur unnao lucknow connectivity boost saraiya rob construction nears completion

कानपुर-उन्नाव और लखनऊ के बीच यातायात होगा आसान, सरैया ROB पर आज रखे जाएंगे आखिरी 4 गर्डर कानपुर में सरैया आरओबी का निर्माण अंतिम चरण में है, रेलवे ने 20 गर्डर रख दिए हैं और आज शेष 4 गर्डर भी रखे जाएंगे। इसके सितंबर के अं…

Jagran के अनुसार23 अगस्त 2026 को 02:55 pm बजे
कानपुर-उन्नाव और लखनऊ के बीच यातायात होगा आसान, सरैया ROB पर आज रखे जाएंगे आखिरी 4 गर्डर
 - kanpur unnao lucknow connectivity boost saraiya rob construction nears completion

सौजन्य से:- Jagran

कानपुर-उन्नाव और लखनऊ के बीच यातायात होगा आसान, सरैया ROB पर आज रखे जाएंगे आखिरी 4 गर्डर

कानपुर में सरैया आरओबी का निर्माण अंतिम चरण में है, रेलवे ने 20 गर्डर रख दिए हैं और आज शेष 4 गर्डर भी रखे जाएंगे। इसके सितंबर के अंत तक खुलने से कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के बीच यातायात सुगम हो जाएगा।

HighLights

- सरैया आरओबी पर रेलवे ने गर्डर रखकर पुल से जोड़ा,आज खत्म होगा काम

- रेलवे पटरी के ऊपर तीन हिस्सों में को 24 गर्डर रखकर पुल से जोड़ा गया

- मरहला क्रासिंग की ओर से पुल से जोड़ने के लिए आठ में से चार गर्डर रखे गए

जागरण संवाददाता, कानपुर। कानपुर-उन्नाव और लखनऊ बीच यातायात के लिए महत्वपूर्ण सरैया रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। रेलवे ने अपने हिस्से में 24 गर्डर में से 20 गर्डर रखने का काम रविवार को पूरा कर लिया। शेष चार गर्डर भी आज रखकर काम खत्म कर दिया जाएगा।

सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार रेलवे का काम पूरा होते ही अप्रोच रोड पर डामरीकरण का काम शुरू किया जाएगा। रेलवे की कार्यदायी फर्म का दावा है कि करीब 15 दिनों में उनका कार्य खत्म हो जाएगा।

करीब चार वर्षों से निर्माणाधीन इस आरओबी की सबसे बड़ी बाधा अब तक रेलवे का हिस्सा रहा है। रेलवे लाइन के ऊपर करीब 130 मीटर हिस्से में कुल 24 विशाल गर्डर रखे जाने हैं। रविवार तक तीन पार्ट में पुल को जोड़ने के लिए 20 गर्डर स्थापित किए जा चुके हैं, शेष चार गर्डर रखने का कार्य सोमवार को पूरा होने के साथ ही रेलवे अपने हिस्से पर गर्डर के ऊपर अप्रोच रोड बनाने का कार्य करेगा।

सरैया आरओबी करीब 1129 मीटर लंबा है और इसकी लागत 150 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। सेतु निगम पुल निर्माण के लिए 26 पिलर बनाए हैं। इनके ऊपर स्लैब और सुपर स्ट्रक्चर का काम भी तेजी से कराया गया है। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना कि सितंबर के आखिरी सप्ताह तक पुल पर आवागमन शुरू हो सकता है।

78 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव

सरैया आरओबी की कहानी करीब एक दशक पुरानी है। वर्ष 2016 में 785 मीटर लंबे पुल का प्रस्ताव करीब 78 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था। वर्ष 2020 में परियोजना को मंजूरी मिली और निर्माण शुरू हुआ। मूल योजना के अनुसार जून 2023 तक पुल का निर्माण पूरा होना था, लेकिन बाद में यातायात दबाव का अध्ययन करने के बाद इसे मरहला चौराहे के आगे तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

चार साल में कई बार बदली योजना

इस बदलाव के तहत पुल की लंबाई करीब 350 मीटर बढ़ाई गई। इसके बाद इसकी कुल लंबाई 1129 मीटर हो गई और लागत 150 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गई। डिजाइन में संशोधन, बजट स्वीकृति और निर्माण की जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण में भी काफी समय लगा। सितंबर 2024 में संशोधित योजना के तहत दोबारा निर्माण शुरू हुआ।

सेतु निगम मुख्यालय ने अधूरे काम को तेजी से पूरा कराने के लिए अप्रैल 2025 में करीब 40 करोड़ रुपये का शेष कार्य साईं डेवलपर्स एंड कंस्ट्रक्शन को सौंप दिया था। इसके बाद अधूरे पड़े 10 पिलरों का काम पूरा किया गया।

जाजमऊ पुल की मरम्मत भी इसी पर निर्भर

सरैया आरओबी के पूरा होने का असर सिर्फ इस मार्ग के यातायात पर नहीं पड़ेगा, बल्कि जाजमऊ गंगा पुल की प्रस्तावित मरम्मत पर भी इसका सीधा प्रभाव है। जाजमऊ पुल पर बड़े स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करने के लिए वैकल्पिक यातायात मार्ग की जरूरत है। सरैया आरओबी चालू होने के बाद इस मार्ग को वैकल्पिक रूट के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी के चलते अभी तक जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत को लेकर डायवर्जन भी फाइनल नहीं हो पा रहा है।

ट्रांसगंगा सिटी के लिए भी अहम

सरैया आरओबी का महत्व ट्रांसगंगा सिटी के विकास के साथ और बढ़ गया है। मंधना-गंगा बैराज रोड से जुड़े इस क्षेत्र में यूपीसीडा ने उन्नाव जिले में 1144.13 एकड़ में ट्रांसगंगा सिटी विकसित की है। यहां औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ने के साथ भारी वाहनों का आवागमन भी बढ़ना तय है। यूपीसीडा ने परियोजना को गति देने के लिए सेतु निगम को करीब 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध कराई है।

यातायात होगा सुगम

आरओबी शुरू होने के बाद ट्रांसगंगा सिटी, कानपुर और लखनऊ के बीच आवागमन सुगम होगा। दिल्ली, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, कन्नौज और मंधना की ओर से लखनऊ जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे कानपुर शहर के अंदर प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

बोले रेलवे के इंजीनियर

रेलवे प्रोजेक्ट के इंजीनियर बलराम यादव के अनुसार गर्डर लांचिंग के दौरान तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पूरा पालन करना पड़ता है। निर्माण स्थल के पास सीमित जगह होने के कारण गर्डर असेंबल करने में भी समय लगा है। सोमवार को शेष चार गर्डर रखने का काम पूरा होने के बाद रेलवे अपने हिस्से के अन्य जरूरी कार्य भी पूरा करेगा।

सेतु निगम ने अपने हिस्से का अधिकांश निर्माण पूरा कर लिया है। अब अप्रोच रोड पर डामरीकरण कराया जाना है। रेलवे का काम खत्म होने और मौसम साफ होते ही डामरीकरण शुरू कराया जाएगा। सितंबर माह के आखिरी सप्ताह तक पुल आवागमन के लिए तैयार हो जाएगा।

एसके सुमन, उप-परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम

यह भी पढ़ें- UP के पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा का अखिलेश पर हमला, बोले- जयंत चौधरी को चवन्नी कहना जाट समाज का अपमान

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें