प्रयागराज में बाढ़ का खतरा, वाराणसी में भी उफान पर गंगा, नौका विहार बंद
प्रयागराज में बाढ़ का खतरा, वाराणसी में भी उफान पर गंगा, नौका विहार बंद उत्तर प्रदेश में बारिश और सहायक नदियों के पानी की वजह से गंगा-यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है. प्रयागराज और वाराणसी में फिर से निचले इलाकों में…

सौजन्य से:- ABP News
प्रयागराज में बाढ़ का खतरा, वाराणसी में भी उफान पर गंगा, नौका विहार बंद
उत्तर प्रदेश में बारिश और सहायक नदियों के पानी की वजह से गंगा-यमुना का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है. प्रयागराज और वाराणसी में फिर से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बढ़ते गंगा के जलस्तर की वजह से करीब दो सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक सामान्य नहीं हुआ है, जिसके चलते नौका संचालन को बंद करना पड़ा है. वहीं प्रयागराज में भी हालात खराब हैं. चंबल और बेतवा नदी में बढ़े पानी की वजह से यमुना का जलस्तर भी फिर से बढ़ने लगा है. मंगलवार रात को चार घंटे में यमुना के जलस्तर में 3 सेमी की बढ़ोतरी हुई.
वाराणसी की बात करें तो यहां के सभी 84 घाट पर नौका संचालन करीब 2 सप्ताह से अधिक समय से बंद किया गया है. किसी भी प्रकार की छोटी बड़ी नाव का संचालन नहीं हो रहा है. गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है.
वाराणसी में रोका नौका विहार
वाराणसी पहुंचने वाले अधिकांश श्रद्धालु पर्यटक श्री काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन करने के अलावा गंगा घाट पर नौका विहार जरूर करते हैं. इस दौरान वह सभी 84 घाट को नाव से देखना पसंद करते हैं. लेकिन इन दिनों उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है क्योंकि नौका संचालन बढ़ते गंगा के जलस्तर की वजह से अगले आदेश तक बंद है.
अखिलेश यादव पर AK शर्मा का वार, 'सरकार राजनीतिक गंदगी भी साफ कर रही'
नाविक परिवार की आजीविका भी प्रभावित
वाराणसी के गंगा नदी में नौका संचालन बंद होने की वजह से नाविक परिवार की आजीविका भी सीधे तौर पर प्रभावित है. हालांकि बीते वर्ष की तुलना में इस बार स्थिति जल्द ठीक होने की उम्मीद जताई जा रही है. जबकि पिछली बार गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से कई महीने तक नौका संचालन पर रोक लगाया गया था. हालांकि आने वाले हफ़्तो में वाराणसी में नौका संचालन शुरू होने की भी उम्मीद जताई जा रही है.
प्रयागराज में भी फिर बढ़ा यमुना का जलस्तर
वहीं दूसरी तरफ प्रयागराज में भी बेतवा और चंबल की वजह से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा गया है, जिससे यहां एक बार फिर से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. यमुना के जलस्तर में 50 सेमी से एक मीटर तक की बढ़ोतरी संभावना है. सिंचाई विभाग के मुताबिक़ कानपुर बैराज गंगा का डिस्चार्ज बढ़ाए जाने का असर दो दिन बाद फाफामऊ तक दिख सकता है.
अखिलेश यादव पर AK शर्मा का वार, 'सरकार राजनीतिक गंदगी भी साफ कर रही'
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

Lucknow News: अयोध्या-वाराणसी के आचार्यों ने किया गणपति बप्पा का पूजन

गोरखपुर में भागवत महापुराण कथा ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ, CM योगी बोले- श्रीमद्भागवत दिखाती है सत्य का मार्ग - yogi adityanath bhagwat katha guides amidst social media halftruths

गोरखपुर में सड़क हादसे और कैंसर पीड़ित परिवारों से मिले सीएम योगी, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सौंपे आर्थिक मदद के चेक - cm yogi provides aid to bereaved families in gorakhpur


