उद्घाटन के चंद दिनों बाद ही लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की मरम्मत! NHAI के अधिकारियों ने दी सफाई
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था। एक पखवाड़ा गुजरने के बाद ही इसकी मरम्मत होने लगी है। इस पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों ने सफाई दी है। लखनऊ: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कई स्था…

सौजन्य से:- Navbharat Times
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था। एक पखवाड़ा गुजरने के बाद ही इसकी मरम्मत होने लगी है। इस पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों ने सफाई दी है।
लखनऊ: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर मरम्मत का काम चल रहा है। हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें सड़क की मरम्मत होते हुए दिख रही है। इस पर लोगों ने एक महीने से भी कम समय पहले शुरू हुए एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। इस पर अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों ने सफाई दी है। अधिकारियों ने कहा है कि एक्सप्रेसवे पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर रखरखाव का काम किया जा रहा है।
एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता की जांच में कमियां
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले इसकी क्वालिटी की जांच में कथित कमियों को लेकर आलोचना का सामना कर रही है। एनएचएआई के यूपी ईस्ट रीजनल ऑफिस के इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने कहा है कि प्रोजेक्ट के लिए जिम्मेदार प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर को पूरे 63 किलोमीटर के हिस्से का व्यापक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है।
रोड का रुटीन मेंटेनेंस किया जा रहा
सड़क की सतह और ऊपरी परतों में खराबी का पहला मामला 27 जुलाई को उन्नाव एंट्री पॉइंट के पास कानपुर से लखनऊ जाने वाले कैरिजवे पर सामने आया था। उसी कैरिजवे पर लगभग 22 किलोमीटर आगे एक और हिस्से की भी मरम्मत और रखरखाव का काम चल रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, दूसरे हिस्से पर काम रूटीन रखरखाव का हिस्सा है, जिसका मकसद किसी भी दुर्घटना को दोबारा होने से रोकना है।
रोड की ऊपरी परत के निर्माण की समीक्षा
एक अधिकारी ने कहा, निरीक्षण के दौरान एक्सप्रेसवे के बेस, स्ट्रक्चर या सुपरस्ट्रक्चर में कोई खराबी या गिरावट नहीं पाई गई है। केवल ऊपरी परत की समीक्षा की जा रही है और जहां जरूरत है, वहां मरम्मत की जा रही है। उन्नाव के पुरवा के रहने वाले रामनारायण कनौजिया ने कहा, ट्रैफिक के लिए इस हिस्से को खोलने से पहले ही निरीक्षण, रखरखाव और मरम्मत का काम किया जा सकता था।
एक्सप्रेसवे 13 जुलाई को हुआ था उद्घाटित
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) का उद्घाटन 13 जुलाई, 2026 को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संयुक्त रूप से किया था। यह 63 किलोमीटर लंबा 6 लेन का एक्सप्रेसवे है। उद्घाटन के बाद ही इस एक्सप्रेसवे पर गड्ढे देखे गए, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठे।
लेखक के बारे मेंसूर्यकांत पाठकसूर्यकांत पाठक, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में कंसल्टेंट हैं। वे जून 2025 से टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े हैं। सूर्यकांत पाठक एनबीटी डिजिटल में बिहार डेस्क पर सेवाएं दे रहे हैं। सूर्यकांत समाचार विश्लेषण, संपादकीय लेखन, कला समीक्षा, नाट्य और संगीत समीक्षा, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों, सामाजिक मुद्दों और राजनीतिक मुद्दों पर धारदार कलम चलाते हैं। वे 31 साल से पत्रकारिता कर रहें हैं। इस लंबी अवधि में उन्होंने कई वर्षों तक अलग-अलग माध्यमों के लिए रिपोर्टिंग की है। कई लोकसभा चुनावों के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों को कवर किया है। कई बड़े सांस्कृतिक, साहित्यिक आयोजनों को भी कवर किया है। उन्होंने कई दिग्गज कलाकारों, राजनीतिज्ञों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साक्षात्कार किए हैं।
सूर्यकांत पाठक ने ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा कई वर्षों तक डेस्क पर संपादन की जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सभी समाचार माध्यमों प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दी हैं। वे इस दौरान रिपोर्टिंग के अलावा विभिन्न डेस्कों पर अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते रहे हैं। वे समय-समय पर स्थानीय समाचार डेस्क के अलावा, देश-प्रदेश, अंतरराष्ट्रीय समाचार, फीचर डेस्क और चुनाव डेस्क के लिए भी काम करते रहे हैं।
सूर्यकांत पाठक विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग और समाचार लेखन करते रहे हैं। वे हमेशा अपनी रपट में खबर से पीछे और खबर से आगे के तथ्यों को भी शामिल करते हैं। इससे उनकी खबरों में समग्रता होती है। वे एक अच्छे 'स्टोरी टेलर' हैं और उनके लेखन में दृश्यात्मकता है, जिससे उनकी रपट अधिक प्रभावी बन जाती है।
पत्रकारिता अनुभव
सूर्यकांत पाठक ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो- सागर में कैजुअल एनाउंसर/कंपेयर के रूप में सन 1993 में की थी। सन 1995 में दैनिक समाचार पत्र दैनिक भास्कर के सागर ब्यूरो में रिपोर्टर नियुक्त हुए। बाद में भोपाल में भी इसी पद पर काम किया। सन 1997 में प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक नईदुनिया के इंदौर संस्करण में रिपोर्टर/सब एडिटर का दायित्व संभाला। इसके बाद सन 2003 में अमर उजाला- जम्मू में सीनियर रिपोर्टर नियुक्त हुए। सन 2005 में उन्होंने ईटीवी ज्वाइन किया और उन्हें जबलपुर में पूर्वी मध्य प्रदेश के ब्यूरो चीफ का जिम्मा दिया गया।
सन 2006 में दैनिक भास्कर-भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में फिर से प्रिंट मीडिया में काम शुरू किया। सन 2009 में पीपुल्स समाचार - भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया। इसके बाद उन्होंने सन 2010 में लोकमत समाचार-औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में न्यूज एडिटर का जिम्मा संभाला। उन्होंने जुलाई 2015 में एनडीटीवी इंडिया (डिजिटल)-नई दिल्ली में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया और 2017 में डिप्टी एडिटर बने। जनवरी 2025 में वे एनडीटीवी में सेवानिवृत्त हुए।
सूर्यकांत पाठक ने डॉ हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, सागर से बीए, एमए -परफॉर्मिंग आर्ट (थिएटर), बीसीजे और एसजेसी की डिग्रियां ली हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) से हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में डिप्लोमा किया है। उन्होंने भारत भवन- भोपाल पर रिसर्च की है। उन्होंने'बच्चों पर केबिल टेलिविजन का असर' विषय पर लघु शोध किया है। इंदौर की गंदी बस्तियों में लोगों के जीवन स्तर पर एक वृहत सर्वे किया है।
अवॉर्ड/अचीवमेंट्स
बेस्ट रिपोर्टर (प्रेस क्लब -सागर), बेस्ट सिटी एडिटर (लोकमत समाचार, महाराष्ट्र), ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी पत्रकारिता अलंकरण (सागर), नारद मुनि सम्मान (इंदौर), भुवन भूषण देवलिया पत्रकारिता पुरस्कार (भोपाल) सहित सूर्यकांत पाठक को कई पुरस्कार मिले हैं।... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

UP के मदरसों में कामिल और फाजिल की डिग्री नहीं मिलेगी, योगी सरकार ने ऐक्ट में संशोधन को मंजूरी दी

लखनऊ विश्वविद्यालय में तीसरा कैंपस खोलने की कवायद तेज, प्रमुख सचिव को लेटर लिख किया कैबिनेट से मंजूरी का आग्रह - lucknow university third campus land cabinet approval key

प्रयागराज में राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम 8 अगस्त को, 1.5 लाख से अधिक युवाओं का पंजीकरण का दावा


