वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी घोषणा, भदोही जिले का नाम फिर होगा संत रविदास नगर - major announcement by chief minister yogi adityanath in varanasi bhadohi district to be renamed sant ravidas nagar
वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी घोषणा, भदोही जिले का नाम फिर होगा संत रविदास नगर Bhadohi will be Sant Ravidas Nagar: समाजवादी पार्टी ने संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया था। अब उसकी पुरानी पहचान फि…

सौजन्य से:- Jagran
वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बड़ी घोषणा, भदोही जिले का नाम फिर होगा संत रविदास नगर
Bhadohi will be Sant Ravidas Nagar: समाजवादी पार्टी ने संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया था। अब उसकी पुरानी पहचान फिर बहाल होगी। ...और पढ़ें
HighLights
- सद्गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती पर वाराणसी में सीएम योगी आदित्यनाथ
- सामाजिक समरसता का राष्ट्रीय पर्व बनेगी संत रविदास की 650वीं जयंती : योगी आदित्यनाथ
- सरकार का जोर समरसता अभियान को घर-घर पहुंचाने का
- संत रविदास नगर की पहचान और संत परंपरा के संरक्षण पर सरकार का जोर
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को वाराणसी में गुरु पूर्णिमा पर संत गुरु रविदास को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने बड़ी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने वाराणसी में बड़ा ऐलान किया और कहा कि भदोही का नाम फिर संत रविदास नगर होगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया था। अब उसकी पुरानी पहचान फिर बहाल होगी। इसका नाम संत रविदास नगर होगा और इसी से कालीन नगरी की पहचान होगी।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने कई बार महापुरुषों की पहचान को कमजोर करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी सरकार ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि “संत रविदास नगर” की पहचान उसी नाम से बनी रहेगी। यह संत रविदास जी की तपोभूमि और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
समानता और राष्ट्र निर्माण का राष्ट्रीय पर्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और राष्ट्र निर्माण का राष्ट्रीय पर्व बनेगी। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने सदियों पहले जिस समतामूलक समाज की कल्पना की थी, आज उसे धरातल पर उतारने का कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है।
गुरु परंपरा भारत की सनातन संस्कृति की आत्मा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु परंपरा भारत की सनातन संस्कृति की आत्मा है। संत रामानंद की परंपरा से लेकर संत रविदास तक, संतों ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक अध्यात्म, सेवा और समानता का संदेश पहुंचाया। उन्होंने मंच पर उपस्थित संतों का अभिनंदन करते हुए विशेष रूप से संत निरंजन दास महाराज का स्वागत किया और कहा कि उनका जीवन संत रविदास जी की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार को समर्पित है।
“सामाजिक समरसता अभियान”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा पूरे देश में संत रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर “सामाजिक समरसता अभियान” चला रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप यह अभियान गांव-गांव और घर-घर पहुंचेगा, ताकि संत रविदास का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने संत रविदास जी की प्रसिद्ध पंक्तियों “ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल भक्ति की वाणी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर का घोष है।
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संत रविदास जी के समतामूलक समाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इसी भावना के अनुरूप वर्ष 2020 से लगातार 81 करोड़ गरीबों को नि:शुल्क राशन उपलब्ध कराने का कार्य किया है। यह संत रविदास जी के समतामूलक समाज के स्वप्न को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी की पावन धरती पर संत रविदास जी ने भक्ति, श्रम और मानवता का संदेश दिया। बाबा विश्वनाथ और मां गंगा की यह नगरी सदियों से संत परंपरा की धरोहर रही है और यहां से निकला समरसता का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संत परंपरा के महापुरुषों को राष्ट्रीय सम्मान देने का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट, माता शबरी और निषादराज के नाम पर संचालित योजनाएं तथा दलित एवं वंचित समाज से जुड़े महापुरुषों को राष्ट्रीय पहचान देना सामाजिक सम्मान की नई परंपरा है।
योगी आदित्यनाथ ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी, महर्षि वाल्मीकि, डा.. भीमराव आंबेडकर और सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों की प्रतिमाएं सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित की जाएंगी। जहां संत रविदास जी से जुड़े स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और बाउंड्री वाल नहीं है, वहां राज्य सरकार अपने खर्च पर निर्माण कराएगी और इसके लिए धनराशि की व्यवस्था भी कर दी गई है।
अटल आवासीय विद्यालयों का निर्माण
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि गरीब और श्रमिक परिवारों के बच्चों को भी वही अवसर मिलें जो समाज के अन्य वर्गों को प्राप्त हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार संत रविदास जी की जयंती वर्ष से जुड़े सभी कार्यक्रमों में पूरा सहयोग करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं, संत समाज और आयोजकों से आह्वान किया कि वे संत रविदास जी की शिक्षाओं को व्यवहार में उतारते हुए समाज को जोड़ने का कार्य करें। भेदभाव, ऊंच-नीच और सामाजिक विभाजन से ऊपर उठकर समरस समाज का निर्माण ही संत रविदास जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अपने संबोधन के अंत में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत रविदास जी का संदेश कर्म, भक्ति और मानव सेवा का संदेश है। विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति सम्मान, अवसर और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उन्होंने संत समाज, श्रद्धालुओं और देशभर से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए संत रविदास जी के जयघोष के साथ अपने संबोधन का समापन किया।
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