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लखनऊ स्वाइन फ्लू की जांच में मनमानी वसूली पर रोक, तय की गईं कीमतें

लखनऊ स्वाइन फ्लू की जांच में मनमानी वसूली पर रोक, तय की गईं कीमतें लखनऊ में स्वाइन फ्लू की जांच के नाम पर मनमानी वसूली नहीं की जा सकेगी, लखनऊ में H1N1 संक्रमण (स्वाइन फ्लू) के बीच RT-PCR जांच की अधिकतक दर 3000 रुपये निर्…

ABP News के अनुसार1 सितंबर 2026 को 08:31 pm बजे
लखनऊ स्वाइन फ्लू की जांच में मनमानी वसूली पर रोक, तय की गईं कीमतें

सौजन्य से:- ABP News

लखनऊ स्वाइन फ्लू की जांच में मनमानी वसूली पर रोक, तय की गईं कीमतें

लखनऊ में स्वाइन फ्लू की जांच के नाम पर मनमानी वसूली नहीं की जा सकेगी, लखनऊ में H1N1 संक्रमण (स्वाइन फ्लू) के बीच RT-PCR जांच की अधिकतक दर 3000 रुपये निर्धारित कर दी गई है.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में H1N1 संक्रमण (स्वाइन फ्लू) के बीच RT-PCR जांच की दर निर्धारित कर दी गई है, स्वाइन फ्लू की जांच के लिए अधिकतम दर 3,000 रुपये तय की गई है. इसी तरह PGI में जांच शुल्क 2,400 निर्धारित की गई है, इसी आधार पर निजी क्षेत्र में दर तय की गई. CMO की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों व पैथोलॉजी संचालकों की बैठक में फैसला लिया गया है.

जानकारी के अनुसार, इस बैठक में मेदांता, अपोलोमेडिक्स, मैक्स, चंदन, RML, खन्ना, चरक, लाल पैथलैब और नारायण डायग्नोस्टिक समेत अन्य प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि शामिल हुए. इस बैठक में तय की गई दर सभी निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी केंद्रों पर लागू होगी. इससे मनमानी वसूली पर रोक लगेगी और अधिक शुल्क लेने पर मरीज शिकायत कर सकेंगे.

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लखनऊ में H1N1 के 4 नए मरीज

वहीं, लखनऊ में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ा दी है, रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ में H1N1 के 4 नए मरीज मिले हैं. वहीं स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है, H1N1 की जांच को लेकर CMO की अध्यक्षता में निजी अस्पतालों के साथ बैठक की. निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी में H1N1 Real Time PCR जांच की अधिकतम दर 3000 रुपये तय की गई है.

लोगों से पैनिक न करने की अपील

इसी तरह SGPGI में H1N1 जांच की दर 2400 रुपये निर्धारित है, CMO ने लोगों से H1N1 को लेकर पैनिक न करने की अपील की. बुखार, खांसी, जुकाम जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेने की अपील स्वास्थ्य विभाग की तरफ से की गई है, साथ ही खुद से दवा लेने और अप्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराने से बचने की सलाह दी गई है.

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