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योगी बोले-अखिलेश ने कल्याण सिंह का अपमान किया: श्रद्धांजलि तक नहीं दी, ये ऐसे गिद्ध हैं जिस पेड़ पर चढ़ेंगे उसे खा डालेंगे - Lucknow News

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Dainik Bhaskar के अनुसार21 अगस्त 2026 को 04:56 pm बजे
योगी बोले-अखिलेश ने कल्याण सिंह का अपमान किया:  श्रद्धांजलि तक नहीं दी, ये ऐसे गिद्ध हैं जिस पेड़ पर चढ़ेंगे उसे खा डालेंगे - Lucknow News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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योगी बोले-अखिलेश ने कल्याण सिंह का अपमान किया:श्रद्धांजलि तक नहीं दी, ये ऐसे गिद्ध हैं जिस पेड़ पर चढ़ेंगे उसे खा डालेंगे

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सीएम योगी ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की 5वीं पुण्यतिथि पर सपा पर जमकर हमला बोला। शुक्रवार को लखनऊ में उन्होंने कहा- अखिलेश यादव ने बाबूजी को श्रद्धांजलि तक नहीं दी। इससे पता चलता है कि वह हमारे नेता से कितना द्वेष (नफरत) रखते हैं। यह केवल बाबूजी का अपमान नहीं था, बल्कि यह जातीय अपमान भी था।

उन्होंने कहा-

यह हर उस हिंदू का अपमान था, जो मानता है कि बाबूजी का जीवन सनातन मूल्यों के लिए समर्पित था। साक्षी महाराज ने ठीक कहा कि ये लोग अब क्या बोलें, कोई भरोसा नहीं है। ये वैसे गिद्ध हैं, जिस पेड़ पर चढ़ेंगे, उसी को खा डालेंगे।

सीएम योगी ने सपा के PDA पर भी तंज कसा। कहा- जो लोग समय के साथ गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं, वे अलग-अलग समय पर 'पी' की अलग-अलग परिभाषा बताते हैं। कभी 'पी' की परिभाषा पिछड़े से करते हैं, फिर पंडित से करते हैं और एक दिन पाकिस्तान से भी करने लगेंगे।

भाजपा कल्याण सिंह की पुण्यतिथि को हिंदू गौरव दिवस के रूप में मनाती है। आज लखनऊ के इकाना स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कल्याण सिंह के बेटे और पूर्व सांसद राजवीर सिंह ‘राजू भैया’ और उनके पोते और शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी मौजूद रहे। दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी कार्यक्रम में पहुंचे।

अब सीएम की बड़ी बातें पढ़िए…

1- सीएम ने बसपा सुप्रीमो मायावती की तारीफ की

सीएम ने कहा- बाबूजी के निधन पर हमारे लिए असहनीय क्षण था। पीएम मोदी सभी कार्यक्रमों को छोड़कर दिल्ली से सीधे लखनऊ आए और बाबूजी को श्रद्धांजलि अर्पित की। एक सामान्य शिष्टाचार के तहत पूर्व सीएम मायावती ने आकर बाबूजी को श्रद्धांजलि दी।

2- 'आदमी पद से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपनी सोच...'

सीएम ने कहा- मुझे लंबे समय तक सदैव बाबूजी के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में रहने का अवसर मिला। आदमी पद से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपनी सोच और कर्मों से होता है। अतरौली के एक सामान्य किसान परिवार में जन्म लेने वाले बाबूजी अपनी कर्मठता, मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति अडिग थे।

उन्होंने देश की सेवा के भाव से काम किया। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में तपे हुए एक स्वयंसेवक थे। उन्होंने किसान, शिक्षक, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और राज्यपाल के रूप में सभी महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन किया।

3- बाबूजी कहते थे- कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता

योगी ने कहा- हर उस भारतीय के लिए, जिसके लिए देश प्रथम है और भारत के सनातन मूल्य और आदर्श सर्वोपरि हैं, बाबूजी सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। उनका जीवन सादगी, तप, साधना और संघर्ष से भरा हुआ था। वह अन्याय के खिलाफ लड़ते थे। अत्याचार का मुकाबला करते थे। उन्होंने सनातन मूल्यों की रक्षा करते हुए गांव, गरीबों, अन्नदाता किसानों, युवाओं और समाज के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।

गलत काम के लिए बाबूजी पर कोई कितना भी बड़ा दबाव क्यों न बनाए, वह कभी दबाव में आकर काम नहीं करते थे। वह कहा करते थे, "कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता।" उन्होंने जीवनभर अपने इस वचन को निभाया।

4- ‘बाबूजी ने सत्ता गंवाना स्वीकार किया, लेकिन रामभक्तों पर गोली नहीं चलवाई’

सीएम ने कहा- राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान उन्होंने कहा था- संघर्ष स्वीकार है और सत्ता चली जाए, यह भी स्वीकार है, लेकिन प्रभु श्रीराम का अपमान स्वीकार नहीं है। आज जब अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर देखते हैं तो सदैव बाबूजी की स्मृति हमारे अंतःकरण में उठती है। राम जन्मभूमि आंदोलन का बाबूजी ने खुलकर समर्थन किया। उन्होंने सत्ता गंवाना स्वीकार किया, लेकिन कहा कि रामभक्तों पर गोली नहीं चलेगी।

5- बाबूजी के सपनों को साकार करने में सरकार संकोच नहीं करेगी

मुख्यमंत्री ने कहा- बाबूजी ने यूपी को एक पहचान दी। भारत के सनातन मूल्यों की रक्षा की। अयोध्या में गुलामी के ढांचे को समाप्त करके राम मंदिर के मार्ग को प्रशस्त किया। डबल इंजन की सरकार बाबूजी के आदर्शों पर चलेगी। उनके सपनों को साकार करने के लिए हर कदम उठाएगी। इसमें कोई संकोच नहीं करेगी।

कल्याण सिंह की 5वीं पुण्यतिथि के कार्यक्रम के अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

अपडेट्स

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- कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को अलीगढ़ के अतरौली तहसील के मढ़ौली गांव में हुआ था। भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार होने वाले कल्याण सिंह यूपी के मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल भी रहे। एक दौर में कल्याण राम मंदिर आंदोलन के सबसे बड़े चेहरों में से एक थे। उनकी पहचान हिंदुत्ववादी और प्रखर वक्ता के तौर पर थी।

- कल्याण सिंह 3 बार यूपी के मुख्यमंत्री बने। वह भाजपा के यूपी में पहले सीएम भी थे। पहले कार्यकाल में 24 जून 1991 से 6 दिसम्बर 1992 तक और दूसरी बार 21 सितंबर 1997 से 21 फरवरी 1998 तक CM रहे। हालांकि, अगले दिन 22 फरवरी 1998 को वे तीसरी बार मुख्यमंत्री बने और 12 नवंबर 1999 तक इस पद पर रहे।

- 30 अक्टूबर, 1990 को जब मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने कारसेवकों पर गोली चलवा दी थी। प्रशासन कारसेवकों के साथ सख्त रवैया अपना रहा था। ऐसे वक्त में भाजपा ने मुलायम का मुकाबला करने के लिए कल्याण सिंह को आगे किया। कल्याण सिंह भाजपा में अटल बिहारी वाजपेयी के बाद दूसरे ऐसे नेता थे, जिनके भाषणों को सुनने के लिए जनता सबसे ज्यादा बेताब रहती थी।

- कल्याण सिंह ने एक साल के अंदर ही भाजपा को उस मुकाम पर लाकर खड़ा कर दिया कि पार्टी ने 1991 में अपने दम पर यूपी में सरकार बना ली। इसके बाद कल्याण सिंह यूपी में भाजपा के पहले सीएम बने। सीबीआई में दायर आरोप पत्र के मुताबिक, मुख्यमंत्री बनने के ठीक बाद कल्याण सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ अयोध्या का दौरा किया और राम मंदिर का निर्माण करने की शपथ ली थी।

- 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी ढांचा गिराए जाने के दौरान कल्याण सिंह यूपी के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने कारसेवकों पर गोली चलाने की अनुमति नहीं दी थी। बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए कल्याण सिंह को जिम्मेदार माना गया। कल्याण सिंह ने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 6 दिसंबर, 1992 को ही सीएम पद से इस्तीफा दे दी। लेकिन दूसरे दिन केंद्र सरकार ने यूपी की भाजपा सरकार को बर्खास्त कर दिया।

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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोले- जापान के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में शामिल होने के कारण आने में देरी हुई। रास्ते में श्रद्धांजलि देने पहुंची भीड़ के चलते करीब एक घंटे का समय लग गया।

बाबूजी पद्म विभूषण हैं, लेकिन उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए। इस मांग को आगे बढ़ाया जा रहा है और वह दिन दूर नहीं जब कल्याण सिंह को भारत रत्न मिलेगा। इससे उनके अनुयायियों का मनोबल भी बढ़ेगा।

केशव मौर्य ने कहा कि अयोध्या में रामलला की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री पद के बलिदान के कारण संभव हुआ। उन्होंने कहा कि 6 दिसंबर को कारसेवकों ने बाबरी ढांचे को ध्वस्त किया और उस समय बाबूजी मुख्यमंत्री थे। मौर्य ने कहा कि 500 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया, जिससे पूरे हिंदू समाज का गौरव बढ़ा है।

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डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के लिए सीएम योगी के बगल की कुर्सी खाली थी। उस पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बैठे। कार्यक्रम के अंत में समापन भाषण के समय केशव प्रसाद मौर्य पहुंच गए।

केशव मौर्य के पहुंचने पर ब्रजेश पाठक ने कुर्सी छोड़ दी। सीएम योगी से तीसरे नंबर की कुर्सी पर बैठ गए। इसके बाद केशव मौर्य सीएम योगी से कुछ बातचीत करते नजर आए।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग समय के साथ गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं, वे अलग-अलग समय पर 'पी' की अलग-अलग परिभाषा बताते हैं, कभी 'पी' की परिभाषा पिछड़े से करते हैं, फिर पंडित से करते हैं और एक दिन पाकिस्तान से भी करने लगेंगे।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के निधन के बाद उनके कार्यक्रमों में शामिल होने का अवसर मिला। तीनों अलग-अलग दलों से थे। बाबूजी के निधन के बाद हमारे लिए यह बेहद दुखद और असहनीय क्षण था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी कार्यक्रमों को छोड़कर दिल्ली से सीधे लखनऊ आए और उन्होंने बाबूजी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

एसजीपीजीआई से लेकर उनके आवास, वहां से अलीगढ़ और फिर नरोरा तक अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में मैं और मेरे कैबिनेट के सभी सदस्य शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य शिष्टाचार और संस्कार के तहत पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आकर बाबूजी को श्रद्धांजलि दी। लेकिन, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक था कि समाजवादी पार्टी के मुखिया ने बाबूजी को प्रत्यक्ष रूप से श्रद्धांजलि देने की बजाय शब्दों से भी कोई संवेदना व्यक्त नहीं की।

उन्होंने कहा कि यह केवल बाबूजी का अपमान नहीं था, बल्कि यह जातीय अपमान भी था। साथ ही यह हर उस हिंदू का अपमान था, जो मानता है कि बाबूजी का जीवन सनातन मूल्यों और हिंदू गौरव के लिए समर्पित था।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुझे लंबे समय तक सदैव बाबूजी के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में रहने का अवसर प्राप्त हुआ। बड़ा आदमी पद से बड़ा नहीं होता, बल्कि अपनी सोच और अपने कर्मों से बड़ा और महान होता है।

अतरौली के एक सामान्य किसान परिवार में जन्म लेने वाले बाबूजी अपनी कर्मठता, मूल्यों और सिद्धांतों के प्रति अडिग रहने की भावना और देश के प्रति समर्पण के भाव से आगे बढ़े। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में तपे हुए एक स्वयंसेवक के रूप में उन्होंने किसान, शिक्षक, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और राज्यपाल के रूप में सभी महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर उस भारतीय के लिए, जिसके लिए देश प्रथम है और भारत के सनातन मूल्य और आदर्श सर्वोपरि हैं, सदैव बाबूजी हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे और उनका जीवन हमेशा स्मरणीय रहेगा। उनका जीवन सादगी, तप, साधना और संघर्ष से भरा हुआ था। वह अन्याय के खिलाफ लड़ने और अत्याचार का मुकाबला करने वाले व्यक्तित्व थे। उन्होंने सनातन मूल्यों की रक्षा करते हुए गांव, गरीबों, अन्नदाता किसानों, युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।

योगी ने कहा कि गलत काम के लिए बाबूजी पर कोई कितना भी बड़ा दबाव क्यों न बनाए, वह कभी दबाव में आकर काम नहीं करते थे। वह कहा करते थे- "कल्याण सिंह टूट सकता है, लेकिन झुक नहीं सकता।" उन्होंने जीवनभर अपने इस वचन को निभाया।

राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबूजी ने स्पष्ट कहा था कि संघर्ष स्वीकार है और सत्ता चली जाए, यह भी स्वीकार है, लेकिन प्रभु श्रीराम का अपमान स्वीकार नहीं है। आज जब अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण और रामलला का विराजमान होना देखते हैं तो सदैव बाबूजी की स्मृति हमारे अंतःकरण में उठती है।

उन्होंने कहा कि संतों के संघर्ष, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मार्गदर्शन और विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में चले राम जन्मभूमि आंदोलन का बाबूजी ने खुलकर समर्थन किया। उन्होंने सत्ता गंवाना स्वीकार किया, लेकिन कहा कि रामभक्तों पर गोली नहीं चलेगी।

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सीएम योगी ने कल्याण सिंह के अमर रहे के नारे लगवाए। इसके बाद भाषण शुरू किया। अपने भाषण में उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, सपा के PDA के मतलब आदि का जिक्र किया।

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डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ को मानने वाले लोग आज भी श्रद्धा और सम्मान के साथ उन्हें याद करते हैं। बाबूजी ने राम मंदिर के लिए 500 वर्षों के संघर्ष को आगे बढ़ाया और मुख्यमंत्री बनने के बाद साफ कहा था कि भगवान राम का मंदिर बनकर रहेगा। आज अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बना है, यह बाबूजी के संघर्ष और उनके संकल्प की देन है।

पाठक ने कहा कि बाबूजी भारतीय संस्कृति और सनातन आस्था के प्रतीक थे। उन्होंने रामलला के मंदिर के निर्माण के लिए सत्ता और सरकार की चिंता किए बिना अपना रुख स्पष्ट रखा। जो लोग देश की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान नहीं करते, उन्हें देश के इतिहास और अपनी विरासत को पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति अब प्रदेश में चलने वाली नहीं है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि सपा को प्रदेश में चार बार सरकार बनाने का मौका मिला, लेकिन उस दौरान सत्ता एक परिवार तक सीमित रही। सरकार को एक परिवार की निजी कंपनी की तरह चलाया गया और आज भी पार्टी और संगठन में परिवार का प्रभाव साफ दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद समाज और सर्वसमाज की सेवा के बजाय परिवार के हितों को प्राथमिकता दी गई।

समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान प्रदेश में हत्या और संगठित अपराध की घटनाएं होती थीं। इसके विपरीत मौजूदा सरकार ने विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता दी है। प्रदेश ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं के जरिए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

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वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बोले- मेरा सौभाग्य था कि मुझे उस महापुरुष के साथ काम करने का अवसर मिला। पार्टी ने संगठन की दृष्टि से भी और उनके साथी के रूप में भी। हमें मार्गदर्शन मिला, जो हमने संजोकर रखा।

कल्याण सिंहजी के विचारों को उन्हीं के शब्दों में अगर कहें तो मैं एक वफादार संतरी के रूप में करूंगा। जब वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, जो उन्होंने योगदान दिया, वह भुलाया नहीं जा सकता।उन्होंने पूरे जीवन गांव, गरीब, किसान की बात की।

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साक्षी महाराज बोले- भारी संख्या में उपस्थित लोगों से मैं कहना चाहता हूं कि कुछ शब्द जो मुलायम सिंह ने कहे थे कि परिंदा पर नहीं मार सकता है। तुम्हारी कोई ताकत नहीं। हमें कोठारी बंधुओं को हाथ में लेकर आए थे।

आज सपा PDA की बात करती है। मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं और ये पिछड़ों के घोर विरोधी हैं।

कल्याण सिंह ने भारतीय जनता पार्टी को शहर से उठाकर गांवों में पहुंचने का काम किया।

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कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया ने कहा- बाबूजी के नेतृत्व में 1991 में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाई। हमें मानकर चलना है कि वह सरकार नहीं थी, बल्कि उत्तर प्रदेश में एक राजनीतिक बदलाव था।

बसपा के अलावा कोई और चेहरा नहीं था और आप लोगों के संघर्ष के कारण बाकी के नेताओं के मदद के आधार पर 1991 में सरकार बनी, 1998 में बनी और अभी दो बार से सरकार है। अगली बार पांच बार और भारतीय जनता पार्टी की सरकार रहेगी।

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कल्याण सिंह की फोटो पर सीएम योगी के बाद यूपी सरकार के कई मंत्रियों ने फूल चढ़ाए। इस दौरान मंत्रोच्चार होता रहा।

मेयर सुषमा खर्कवाल, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी पहुंचे हैं।

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सीएम योगी मंच पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कल्याण सिंह के पोते संदीप से गुफ्तगू की।

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पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह इस समय मंच से बोल रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक कल्याण सिंह की पुण्यतिथि और आज राष्ट्रीय गौरव का दिन है। आदमी जन्म लेता है और जन्म लेने के बाद साथ उसके किए गए कामों से इतिहास बनता है। आज हम सब कल्याण सिंह के बताए हुए मार्गों पर चलें।

कल्याण सिंहजी की सोच थी कि झुग्गी झोपड़ी में इंसान और गांव, गरीब, किसान, महिलाओं को सम्मान मिले। भारतीय जनता पार्टी आज इसी सिद्धांत को लेकर पूरा करने का काम कर रही है।

इस कार्यक्रम के लिए मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से बजट जारी करके उनके किए गए कामों के बारे में सभी जिलों में बताया जाएगा, मैं इसके लिए आभारी हूं। मुलायम सिंह ने कार्य सेवकों पर गोली चलवाई थी। आज राम मंदिर बनने पर अखिलेश यादव चंदा चोरी करने की बात करते हैं...

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हिंदू गौरव दिवस समारोह में शामिल होने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। इकाना स्टेडियम की बाहरी दीवार पर बड़ी संख्या में होर्डिंग लगे हैं।

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लखनऊ नगर निगम मुख्यालय के सामने बनी कल्याण सिंह की प्रतिमा पर भाजपा के नेताओं-कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण किया।

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