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लखनऊ में राज्य स्तरीय कार्यशाला: बाल विकास को पंचायत योजना से जोड़ने पर चर्चा - Lucknow News

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bhaskar.com के अनुसार31 जुलाई 2026 को 02:26 am बजे
लखनऊ में राज्य स्तरीय कार्यशाला:  बाल विकास को पंचायत योजना से जोड़ने पर चर्चा - Lucknow News

सौजन्य से:- bhaskar.com

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लखनऊ में राज्य स्तरीय कार्यशाला:बाल विकास को पंचायत योजना से जोड़ने पर चर्चा

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बच्चे के शुरुआती 6 साल उसके पूरे जीवन की नींव तय करते हैं, क्योंकि इसी उम्र में उसका 80 फीसदी दिमाग विकसित हो जाता है। सही समय पर पोषण, सुरक्षा और सही देखभाल न मिले तो बच्चे का विकास रुक सकता है। इसी गंभीर मुद्दे पर लखनऊ के होटल बेबियन में उत्तर प्रदेश फोर्सेस की दो दिवसीय राज्य-स्तरीय कार्यशाला संपन्न हुई। इसमें 9 जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों की जमीनी हकीकत सामने रखी गई और बच्चों के सर्वांगीण विकास की रणनीति तैयार की गई।

कार्यशाला में यूपी फॉर्सस की प्रदेश के 9 जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों और 'प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा' (ECCE) पर किए गए विस्तृत अध्ययन की रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग और पंचायती राज विभाग को एक साथ मिलकर काम करना होगा।

पंचायत विकास योजना में बाल विकास को जगह देने की मांग

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर करने वाले बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) जिया श्याम मौर्य ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों की 'पंचायत विकास योजना' तैयार करते समय बाल विकास विभाग के लोगों को जरूर शामिल किया जाए, ताकि गांव स्तर पर बच्चों की सेहत और शिक्षा की ठोस योजना बन सके।

सरकार और ICDS विभाग से होगी वार्ता

नेशनल फोर्सेस के भूपेंद्र शांडिल्य ने बताया कि इस स्टडी रिपोर्ट की सिफारिशों को लेकर जल्द ही उत्तर प्रदेश सरकार और ICDS विभाग के साथ वार्ता की जाएगी। वहीं रामायण यादव और राजदेव चतुर्वेदी ने ECCE के तकनीकी पहलुओं पर बात रखते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है, लेकिन 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों की सुरक्षा और पोषण पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।

45 से अधिक प्रतिनिधि हुए शामिल

इस दो दिवसीय बैठक में राज्यभर से 45 से अधिक प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जेपी शर्मा, विनोद सिन्हा, भूपेंद्र शांडिल्य, राजदेव चतुर्वेदी, मनीष कुमार सिंह और कंसल्टेंट रिजवाना सहित कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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