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गोरखपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच ठेकेदार का अंतिम संस्कार: इकलौते बेटे ने दी मुखाग्नि, पुरानी रंजिश में हत्या के बाद गांव में तनाव; नौ गिरफ्तार - Khajni News

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Dainik Bhaskar के अनुसार9 अगस्त 2026 को 08:18 pm बजे
गोरखपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच ठेकेदार का अंतिम संस्कार:  इकलौते बेटे ने दी मुखाग्नि, पुरानी रंजिश में हत्या के बाद गांव में तनाव; नौ गिरफ्तार - Khajni News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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गोरखपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच ठेकेदार का अंतिम संस्कार:इकलौते बेटे ने दी मुखाग्नि, पुरानी रंजिश में हत्या के बाद गांव में तनाव; नौ गिरफ्तार

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बिजली विभाग के ठेकेदार शिवकुमार तिवारी का अंतिम संस्कार रविवार को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच ढेबरा घाट कुआनों नदी तट पर किया गया। उनके इकलौते बेटे अधिवक्ता आदित्य उर्फ अनुराग तिवारी ने मुखाग्नि दी।

शनिवार को पुरानी रंजिश के चलते धारदार हथियारों से शिवकुमार की हत्या के बाद अहिरौली खुर्द गांव में तनाव का माहौल है। शव यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय नेता शामिल हुए। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

तीन बार घर पहुंचकर बुलाया था

बताया गया कि शिवकुमार तिवारी अहिरौली खुर्द गांव में अपने पट्टीदार छेदी चौधरी के मृत्यु भोज में शामिल होने गए थे। आरोप है कि छेदी चौधरी के बेटे विंदनिवास चौधरी ने उन्हें सहभोज में शामिल होने के लिए तीन बार घर जाकर बुलाया था। पुरानी रंजिश खत्म होने की उम्मीद में शिवकुमार साधारण कपड़ों में कार्यक्रम में पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वह इस दौरान अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर भी साथ नहीं ले गए थे।

पहले सब्बल से हमला, फिर रास्ते में घेरकर हत्या

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, भोजन के दौरान राहुल चौधरी से शिवकुमार की किसी बात को लेकर नोकझोंक हुई। आरोप है कि इसके बाद एक आरोपी ने लोहे की खंती (सब्बल) से उनकी पीठ पर वार कर दिया। घायल शिवकुमार जान बचाकर भागे। कुछ लोगों ने उन्हें इलाज के लिए ऑटो से अस्पताल भेजने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में आरोपियों ने ऑटो रोक लिया।

आरोप है कि शिवकुमार ऑटो से उतरकर भागने लगे, तभी हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और तलवार व बांके से हमला कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस को शिवकुमार का शव खेत में पड़ा मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद रविवार को कड़ी सुरक्षा में अंतिम संस्कार कराया।

2024 की हत्या से जुड़ी है पुरानी रंजिश

पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे वर्ष 2024 से चली आ रही पुरानी रंजिश बताई जा रही है। क्रिकेट खेलने के दौरान हुए विवाद में 8-10 लोगों ने बारीगांव चौराहे पर आदेश चौधरी के चाचा विनोद चौधरी के साथ मारपीट की थी। मामले में सिकरीगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

आरोप है कि मुकदमा दर्ज कराने से नाराज युवकों ने 5 अगस्त 2024 को गांव में कीर्तन के बाद चल रहे भंडारे में आदेश चौधरी को घेर लिया। विवाद बढ़ने पर उनके साथ मारपीट की गई और तमंचे से गोली मार दी गई। अस्पताल में इलाज के दौरान आदेश चौधरी की मौत हो गई थी। इस मामले में शिवकुमार तिवारी और उनके बेटे आदित्य तिवारी को भी आरोपी बनाया गया था और दोनों जेल गए थे।

जमानत के बाद गोरखनाथ में रहने लगे थे

कुछ महीने पहले जमानत पर रिहा होने के बाद शिवकुमार तिवारी अपने बेटे और परिवार के साथ गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में पॉलीटेक्निक कॉलेज के पास रहते थे। वह गांव में होने वाले आयोजनों, खेती के काम और अपनी वृद्ध मां से मिलने के लिए बीच-बीच में अहिरौली खुर्द आते थे। इसी दौरान शनिवार को वह ब्रह्मभोज में शामिल होने पहुंचे थे।

नौ आरोपी हिरासत में, गांव में पुलिस-पीएसी तैनात

सिकरीगंज पुलिस ने घटना के बाद मुकदमा दर्ज कर नौ आरोपियों को हिरासत में लिया है। नामजद तहरीर में विंदनिवास चौधरी के पट्टीदार विनोद, राहुल, आशुतोष, साहुल, विनोद की पत्नी, एक रिश्तेदार और दीपू चौधरी समेत अन्य को आरोपी बनाया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।

घटना के बाद अहिरौली खुर्द गांव में सन्नाटा पसरा है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गांव में पुलिस बल और पीएसी की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। आरोपियों के घरों पर भी पुलिस की निगरानी है। शव यात्रा में पूर्व विधायक संतप्रसाद बेलदार, हरिकेश राम त्रिपाठी, अजय ओझा, मोनू शुक्ला, दिलीप ओझा और वीरेंद्र दुबे समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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