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कानपुर में 'भारत सरकार' लिखी कार में मिला ट्रांसपोर्टर का शव, फाइनेंस रिकवरी एजेंटों की धमकी देने की बात आई सामने

कानपुर में 'भारत सरकार' लिखी कार में मिला ट्रांसपोर्टर का शव, फाइनेंस रिकवरी एजेंटों की धमकी देने की बात आई सामने रावतपुर थाना क्षेत्र के गीतानगर निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी शशिकांत कनौजिया घर से जीएसटी ऑफिस जाने की बात…

etvbharat.com के अनुसार2 अगस्त 2026 को 04:18 am बजे
कानपुर में 'भारत सरकार' लिखी कार में मिला ट्रांसपोर्टर का शव, फाइनेंस रिकवरी एजेंटों की धमकी देने की बात आई सामने

सौजन्य से:- etvbharat.com

कानपुर में 'भारत सरकार' लिखी कार में मिला ट्रांसपोर्टर का शव, फाइनेंस रिकवरी एजेंटों की धमकी देने की बात आई सामने

रावतपुर थाना क्षेत्र के गीतानगर निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी शशिकांत कनौजिया घर से जीएसटी ऑफिस जाने की बात कहकर निकले थे.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 2, 2026 at 8:46 AM IST

|Updated : August 2, 2026 at 9:16 AM IST

कानपुर : रावतपुर थाना क्षेत्र स्थित गुरुदेव 9 नंबर क्रॉसिंग के पास शनिवार शाम करीब 5 बजे 'भारत सरकार' लिखी अर्टिगा कार में गीतानगर निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी शशिकांत कनौजिया (46) का शव बरामद हुआ. पुलिस की प्राथमिक जांच में वाहनों की बाउंस होती किस्तों और फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों की धमकी से परेशान होकर ट्रांसपोटर्र के सुसाइड की बात सामने आ रही है. पुलिस ने उनकी कार के बोनट पर रखे एक पैकेट से जहर की 7 गोलियां भी बरामद की हैं. हालांकि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद भारत सरकार लिखी कार काफी देर से सड़क किनारे खड़ी थी. कुछ लोगों ने कार हटाने के लिए आवाज दी और दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कार का दरवाजा खुलवाया तो ड्राइविंग सीट पर एक शख्स बेसुध अवस्था में पड़ा मिला. प्राथमिक जांच में शख्स की शिनाख्त ट्रांसपोर्टर शशिकांत कनौजिया के रूप में हुई.

इसके बाद परिजनों के सूचना दी गई. मौके पर पहुंचीं पत्नी संगीता ने बताया कि शशिकांत ने एक निजी फाइनेंस कंपनी से चार गाड़ियां ली थीं. जिनकी किस्तें पिछले दो साल से चल रही थीं. हाल के महीनों में कारोबार कमजोर होने से किस्तें समय पर जमा नहीं हो पा रही थीं. शुक्रवार को फाइनेंस कंपनी के दो कर्मचारी घर आए थे और शशिकांत के न मिलने पर फोन पर उन्हें जल्द किस्तें न चुकाने पर गाड़ियां जब्त करने की धमकी दी थी.

संगीता के मुताबिक इससे शशिकांत काफी तनाव में थे और शुक्रवार रात लौटने पर उन्होंने खाना भी नहीं खाया था. शनिवार सुबह करीब 11 बजे शशिकांत अपनी कार से जीएसटी ऑफिस जाने की बात कहकर निकले थे. दोपहर 12 बजे खाना खाने के लिए फोन किया, जिस पर उन्होंने जल्द आने की बात कही. इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और शाम 5 बजे पुलिस के जरिए उनके निधन की सूचना मिली.

डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि शशिकांत पर कई फाइनेंस कंपनियों का लोन था. उन्होंने चार गाड़ियां फाइनेंस कराई थीं और कारोबार में मंदी के चलते उनकी किस्तें लगातार बाउंस हो रही थीं. इसी तनाव के चलते उन्होंने आत्महत्या की है. शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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