कानपुर नगर निगम में टेंडर घोटाला; पुलिस ने निगमकर्मियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा
कानपुर नगर निगम में टेंडर घोटाला; पुलिस ने निगमकर्मियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा कर्मचारियों पर आय से अधिक संपत्ति रखने और सालों से एक ही कुर्सी पर जमे रहने जैसे निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं. By ETV Bharat Uttar Prade…

सौजन्य से:- ETV Bharat
कानपुर नगर निगम में टेंडर घोटाला; पुलिस ने निगमकर्मियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा
कर्मचारियों पर आय से अधिक संपत्ति रखने और सालों से एक ही कुर्सी पर जमे रहने जैसे निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 24, 2026 at 9:48 AM IST
कानपुर: नगर निगम में टेंडर आवंटन और फर्जी फर्मों के पंजीकरण में चल रहे बड़े खेल के बीच अब पुलिस की जांच कर्मचारियों तक पहुंच गई है. अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के घेरे में आए नगर निगम के करीब 15 कर्मचारियों को पुलिस ने नोटिस भेजा है.
पुलिस आयुक्त कार्यालय से जारी इस नोटिस के जरिए सभी कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है, ताकि वह अपने ऊपर लगे आरोपों पर अपना पक्ष रख सकें. पुलिस आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी नोटिस में कर्मचारियों की भूमिका पर कड़े सवाल उठाए गए हैं.
एडीसीपी सेंट्रल अर्चना सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में दर्ज मुकदमों की अलग-अलग विवेचन चल रही है. विवेचना के चलते अलग-अलग संबंध में अलग-अलग विवेचक जांच कर रहे है. इसी वजह से नोटिस भेजी जा रही है. किसे और किस विषय में नोटिस दिया गया. इसकी जानकारी नहीं है.
आरोप है कि नगर निगम के कुछ कर्मचारियों ने अपने पदीय दायित्वों का दुरुपयोग करते हुए चुनिंदा फर्मों को ही सामान की आपूर्ति और ठेकेदारी के काम दिलाए. इन कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार में संलिप्तता और भ्रष्टाचार करने वाली फर्मों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा है.
नोटिस पाने वाले कर्मचारियों में नगर निगम के अलग-अलग विभागों के कर्मी शामिल हैं. इनमें मुख्य रूप से इंजीनियरिंग विभाग और मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में तैनात कर्मचारी शामिल हैं.
नोटिस पाने वाले कई कर्मचारी एक ही दफ्तर में लंबे समय से तैनात बताए जा रहे हैं, जिसकी वजह से इस फर्जीवाड़े का दायरा और बड़ा होने की आशंका है. कर्मचारियों को पुलिस नोटिस जारी होने के बाद नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने इस पर कड़ा विरोध जताया है.
यूनियन नेता रमाकांत मिश्रा का कहना है कि वर्तमान में बने माहौल का फायदा उठाकर कुछ लोग कर्मचारियों के खिलाफ झूठी और मनगढ़ंत शिकायतें दर्ज करा रहे हैं. कर्मचारियों पर आय से अधिक संपत्ति रखने और सालों से एक ही कुर्सी पर जमे रहने जैसे निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं.
कर्मचारी यूनियन नेता रमाकांत मिश्रा ने कहा कि वह इस पूरे मामले को लेकर जल्द ही नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से मुलाकात करेंगे. उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पुलिस को नगर निगम के कर्मचारियों से किसी मामले में पूछताछ करनी भी है, तो उसका एक तय प्रशासनिक तरीका होना चाहिए.
कर्मचारियों को पुलिस द्वारा सीधे बुलाने के बजाय नगर आयुक्त कार्यालय के माध्यम से सूचित कर बुलाया जाना चाहिए. फिलहाल, टेंडर घोटाले में कर्मचारियों की भूमिका सामने आने के बाद नगर निगम में हड़कंप का माहौल है और सभी की नजरें पुलिस पूछताछ पर टिकी हैं.
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