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कानपुर में नशे का जाल, कोचिंग हब से लेकर पॉश इलाकों तक फैला नेटवर्क; पुलिस के अभियानों के बावजूद जारी है तस्करी - kanpur drug network trafficking spreads despite police raids

कानपुर में नशे का जाल, कोचिंग हब से लेकर पॉश इलाकों तक फैला नेटवर्क; पुलिस के अभियानों के बावजूद जारी है तस्करी कानपुर में कोचिंग हब से लेकर पॉश इलाकों और बस्तियों तक नशे का अवैध कारोबार फैला हुआ है। पुलिस के लगातार अभिय…

Jagran के अनुसार3 अगस्त 2026 को 08:18 am बजे
कानपुर में नशे का जाल, कोचिंग हब से लेकर पॉश इलाकों तक फैला नेटवर्क; पुलिस के अभियानों के बावजूद जारी है तस्करी
 - kanpur drug network trafficking spreads despite police raids

सौजन्य से:- Jagran

कानपुर में नशे का जाल, कोचिंग हब से लेकर पॉश इलाकों तक फैला नेटवर्क; पुलिस के अभियानों के बावजूद जारी है तस्करी

कानपुर में कोचिंग हब से लेकर पॉश इलाकों और बस्तियों तक नशे का अवैध कारोबार फैला हुआ है। पुलिस के लगातार अभियानों और मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद, श ...और पढ़ें

HighLights

- कानपुर में कोचिंग हब से पॉश इलाकों तक नशे का जाल।

- पुलिस ने डेढ़ हजार किलो गांजा समेत कई ड्रग्स पकड़ीं।

- अभियानों के बावजूद ड्रग तस्करों का नेटवर्क सक्रिय बना हुआ है।

जागरण संवाददाता, कानपुर। नशे का अवैध कारोबार कोचिंग हब, पाश इलाकों से लेकर बस्तियों तक फैला हुआ है। सस्ते से लेकर महंगे सिंथेटिक ड्रग्स एलएसडी तक की तस्करी और बिक्री के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस ने पिछले एक महीने में करीब डेढ़ हजार किलो गांजा बरामद किया है। इसके अलावा चरस, स्मैक और एलएसडी की खेप भी पकड़ी, लेकिन लगातार कार्रवाई के बावजूद नशे के नेटवर्क पर शिकंजा नहीं कस सका है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह महीने पहले नशे के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अभियान के बाद स्थिति में कोई खास सुधार नहीं दिखा। हालांकि लगातार पुलिस के कार्रवाई के बाद नशे के सौदागर फिर सक्रिय हो जाते हैं। कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद तत्कालीन एडिशनल डीसीपी क्राइम दीपक भूकर ने कई बड़े ड्रग तस्करों पर शिकंजा कसा था।

उस दौरान काकादेव के चर्चित ड्रग तस्कर सुशील बच्चा समेत कई आरोपित गिरफ्तार किए गए थे। जांच में पुलिस और ड्रग तस्करों की कथित सांठगांठ के आरोप भी सामने आए थे। पुलिस ने सुशील बच्चा के मकान पर बैकहोलोडर चलाकर कार्रवाई भी की थी। हालांकि जेल से बाहर आने के बाद वह फिर सक्रिय हो गया है।काकादेव, किदवई नगर, बर्रा, कल्याणपुर, चकेरी, कलक्टरगंज, हनुमंत विहार और नौबस्ता ऐसे थाना क्षेत्र हैं, जहां समय-समय पर नशे की तस्करी और बिक्री के मामले सामने आते रहे हैं।

किदवई नगर की कजड़नपुरवा बस्ती और कल्याणपुर की सीटीएस बस्ती में भी अवैध नशे का कारोबार धड़ल्ले से चलता है। कार्रवाई के बाद कुछ दिन कारोबार बंद रहता है, लेकिन फिर दोबारा शुरू हो जाता है। हाल ही में एनआरआई सिटी क्लब में आयोजित एक पार्टी पर पुलिस की छापेमारी ने भी शहर में हाई-प्रोफाइल ड्रग नेटवर्क की मौजूदगी का राजफाश किया था। पुलिस ने मौके से एलएसडी, चरस, गांजा और शराब बरामद की थी।

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मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद पुलिस ने पाश इलाकों, कैफे और शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष अभियान भी चलाया। पुलिस ने आपरेशन व्हाइट पाउडर के तहत शैक्षणिक संस्थानों और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई।

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