बाढ़ से बर्बाद हुए मठ-मंदिरों को सरकार करेगी सहयोग, सीएम योगी का अफसरों को सर्वे का निर्देश
बाढ़ से बर्बाद हुए मठ-मंदिरों को सरकार करेगी सहयोग, सीएम योगी का अफसरों को सर्वे का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मनगरी चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद कहा कि जिसका भी नुकसान हुआ है, सरका…

सौजन्य से:- Hindustan
बाढ़ से बर्बाद हुए मठ-मंदिरों को सरकार करेगी सहयोग, सीएम योगी का अफसरों को सर्वे का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मनगरी चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद कहा कि जिसका भी नुकसान हुआ है, सरकार उसे हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी। सीएम योगी ने मठ-मंदिरों का सर्वे कर नुकसान की भरपाई का अधिकारियों को निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद हर किसी को हुए नुकसान की भरपाई का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मठ-मंदिरों को हुई क्षति का भी सर्वे कराया जाए और उनकी मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए। कहा कि इन धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण में शासन आवश्यक सहयोग करेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि 2017 से पहले बाढ़ आने पर तत्कालीन सरकार इसका संज्ञान तक नहीं लेती थी। राहत के नाम पर बहुत अधिक हो-हल्ला होने पर प्रभावितों को केवल सूखे ब्रेड दे दिए जाते थे, जबकि राहत के लिए आने वाला पूरा पैसा सपाई गुंडे खाकर हजम कर जाते थे और गरीब, कमजोर एवं वंचित लोगों को कुछ नहीं मिलता था। उन्होंने कहा कि पहले जहां बाढ़ प्रभावितों को एक किलो राहत सामग्री भी नहीं मिलती थी, वहीं अब करीब 50 किलो राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जिसका भी नुकसान हुआ है, सरकार उसे हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी।
800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित
सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। बाढ़ में आश्रयहीन हुए परिवारों को आवास के लिए भूमि आवंटन प्रमाण पत्र तथा आपदा मोचक निधि से राहत राशि भी वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों से उनका हाल-चाल जाना और बच्चों को चॉकलेट देकर उनसे बातचीत की।
सभी को हुए नुकसान का सरकार करेगी भरपाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु राम को जब वनवास हुआ था तो चित्रकूट ने उन्हें आश्रय दिया। अब चित्रकूटवासी संकट में हैं तो प्रभु का भक्त होने के नाते वे साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्थिति में गरीब और प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। बाढ़ से प्रभावित गरीबों, किसानों, नौजवानों, महिलाओं, व्यापारियों और साधु-संतों को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसका भी नुकसान हुआ है, सरकार उसे हर संभव मदद उपलब्ध कराएगी।
कोई परिवार खुद को अकेला न समझे
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट की पावन धरा को नमन करते हुए कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम ने लगभग 12 वर्ष जिस धरा पर रहकर ऋषि-मुनियों के सानिध्य में राम राज्य की परिकल्पना को साकार किया था, वह भूमि आज भी आस्था और साधना का प्रमुख केंद्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवार खुद को अकेला न समझें। डबल इंजन की सरकार भारतीय जनता पार्टी के कोटि-कोटि कार्यकर्ताओं के साथ उनके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने मंदाकिनी नदी में पिछले दिनों आई भीषण आपदा से हुई त्रासदी का पहले हवाई सर्वेक्षण किया और बाद में रामघाट सहित आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया।
चित्रकूट में बाढ़ आई तो तुरंत एसडीआरएफ को भेजा: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस दिन चित्रकूट में अचानक बाढ़ आई, उस समय वह बलिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर थे। सूचना मिलते ही उन्होंने लखनऊ से डीजी पीएसी को निर्देश देकर एसडीआरएफ और पीएसी की अतिरिक्त फ्लड कंट्रोल कंपनियों को तत्काल चित्रकूट रवाना कराया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय जिले में एसडीआरएफ की केवल एक कंपनी तैनात थी, लेकिन अगले दो से तीन घंटे के भीतर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट की कुल आठ कंपनियां राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं और युद्ध स्तर पर अभियान चलाया गया। उसी दिन शाम को जिला प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर राहत कार्यों की समीक्षा की गई।
इस बार दोगुणी हुई वर्षा
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि घरों में फंसे सभी लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार मंदाकिनी नदी में इतने बड़े पैमाने पर जलस्तर बढ़ा है। गत वर्ष क्षेत्र में लगभग 360 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, जबकि इस बार इसका स्तर लगभग दोगुना पहुंच गया। मध्य प्रदेश की ओर जाने वाला भारी वाहनों का पक्का पुल भी बह गया है।
उन्होंने कहा कि जब एक मजबूत पुल तक बह सकता है तो सामान्य घरों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। आपदा की इसी विकरालता को देखते हुए प्रशासन के साथ विस्तृत बैठक कर कार्ययोजना तय करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी के कैचमेंट क्षेत्र में ऐसे निर्माण से बचना होगा और नदी के स्वाभाविक प्रवाह के लिए पर्याप्त मार्ग सुनिश्चित करना होगा।
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