होमक्राइमगोरखपुर बालिका हत्याकांड: दागी पुलिसकर्मियों की बनेगी सूची, रेंज में बड़े फेरबदल की तैयारी - gorakhpur police to list tainted cops range shake up after girls murder
क्राइम

गोरखपुर बालिका हत्याकांड: दागी पुलिसकर्मियों की बनेगी सूची, रेंज में बड़े फेरबदल की तैयारी - gorakhpur police to list tainted cops range shake up after girls murder

गोरखपुर बालिका हत्याकांड: दागी पुलिसकर्मियों की बनेगी सूची, रेंज में बड़े फेरबदल की तैयारी गोरखपुर में बालिका हत्याकांड के बाद डीआईजी ने रेंज के दागी पुलिसकर्मियों की सूची बनाने और उनके स्थानांतरण के निर्देश दिए हैं। पुल…

Jagran के अनुसार1 अगस्त 2026 को 05:18 am बजे
गोरखपुर बालिका हत्याकांड: दागी पुलिसकर्मियों की बनेगी सूची, रेंज में बड़े फेरबदल की तैयारी
 - gorakhpur police to list tainted cops range shake up after girls murder

सौजन्य से:- Jagran

गोरखपुर बालिका हत्याकांड: दागी पुलिसकर्मियों की बनेगी सूची, रेंज में बड़े फेरबदल की तैयारी

गोरखपुर में बालिका हत्याकांड के बाद डीआईजी ने रेंज के दागी पुलिसकर्मियों की सूची बनाने और उनके स्थानांतरण के निर्देश दिए हैं। पुलिस जवाबदेही बढ़ाने के ...और पढ़ें

HighLights

- रेंज में दागी पुलिसकर्मियों की सूची बनाने के निर्देश।

- भ्रष्टाचार, महिला अपराधों में लिप्त पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई।

- पुलिस जवाबदेही बढ़ाने को पिकेट व्यवस्था की समीक्षा।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। कोतवाली क्षेत्र में बालिका के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पुलिस महकमे में जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। डीआईजी गोरखपुर रेंज डॉ. एस. चनप्पा ने गोरखपुर समेत रेंज के सभी जिलों में दागी पुलिसकर्मियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

भ्रष्टाचार, महिला संबंधी अपराध, अनुशासनहीनता और अन्य गंभीर आरोपों का सामना कर रहे पुलिसकर्मियों का पूरा ब्योरा जुटाकर रिपोर्ट मांगी गई है। सूची तैयार होने के बाद ऐसे कर्मियों का स्थानांतरण किया जाएगा। साथ ही विभागीय जांच के मामलों का समयबद्ध निस्तारण भी सुनिश्चित कराया जाएगा।

गोरखपुर के साथ ही देवरिया,कुशीनगर व महराजगंज जिले के पुलिस कप्तान को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे पुलिसकर्मियों का पूरा विवरण तैयार करें, जिनके विरुद्ध विभागीय जांच चल रही है या जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं। रिपोर्ट में शिकायतों का विवरण, निलंबन, विभागीय कार्रवाई, दंड और वर्तमान स्थिति का भी उल्लेख किया जाएगा। इसके अलावा रात्रिकालीन पिकेट व्यवस्था की भी समीक्षा कराई जाएगी।

अधिकारियों से यह रिपोर्ट मांगी गई है कि प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर रात के समय वाहनों तथा संदिग्ध लोगों की प्रभावी जांच क्यों नहीं हो रही है। कोतवाली कांड में जिस मार्ग से आरोपित 29 किलोमीटर तक गुजरता रहा, वहां पुलिस की सक्रियता और निगरानी को लेकर उठे सवालों के बाद यह निर्णय लिया गया है। समीक्षा के आधार पर पिकेट व्यवस्था में आवश्यक बदलाव भी किए जाएंगे।

खबरें और भी

डीआईजी डा. एस. चनप्पा ने बताया कि विभागीय जांच का सामना कर रहे पुलिसकर्मियों की सूची तैयार होने के बाद उनके स्थानांतरण की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन मामलों में जांच लंबित है, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

कोतवाली की घटना के बाद यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि गंभीर आरोपों का सामना कर रहे पुलिसकर्मियों की समय-समय पर समीक्षा हो और आवश्यकता पड़ने पर उनके विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई की जाए।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर बालिका हत्याकांड: थाने में लंगड़ाया, अस्पताल में सही से चलकर आया; वायरल वीडियो पर उठे सवाल

महुआचाफी कांड के बाद 39 पुलिसकर्मियों पर हुई थी कार्रवाई

पिपराइच क्षेत्र के महुआचाफी गांव में 15 सितंबर 2025 को पशु तस्करों द्वारा नीट की तैयारी कर रहे छात्र के अपहरण और हत्या के मामले में भी पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुई थी।

एडीजी जोन की जांच रिपोर्ट के आधार पर पशु तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई न करने के आरोप में 39 पुलिसकर्मियों को हटाया गया था। अब कोतवाली कांड के बाद एक बार फिर पुलिस व्यवस्था की समीक्षा और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें