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गोरखपुर से फर्जी पासपोर्ट पर बैंकाक भागा था बादल, अमेरिका जाने की थी योजना - gorakhpur fake passport gangster badal fled to bangkok

गोरखपुर से फर्जी पासपोर्ट पर बैंकाक भागा था बादल, अमेरिका जाने की थी योजना गोरखपुर से बने फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर गैंगस्टर हरसिमरन सिंह उर्फ बादल बैंकाक भाग गया था। वह दुबई और यूरोप के रास्ते अमेरिका पहुंचने की कोश…

jagran.com के अनुसार2 अगस्त 2026 को 06:18 am बजे
गोरखपुर से फर्जी पासपोर्ट पर बैंकाक भागा था बादल, अमेरिका जाने की थी योजना - gorakhpur fake passport gangster badal fled to bangkok

सौजन्य से:- jagran.com

गोरखपुर से फर्जी पासपोर्ट पर बैंकाक भागा था बादल, अमेरिका जाने की थी योजना

गोरखपुर से बने फर्जी पासपोर्ट का इस्तेमाल कर गैंगस्टर हरसिमरन सिंह उर्फ बादल बैंकाक भाग गया था। वह दुबई और यूरोप के रास्ते अमेरिका पहुंचने की कोशिश कर ...और पढ़ें

HighLights

- गैंगस्टर बादल ने गोरखपुर से फर्जी पासपोर्ट बनवाया।

- फर्जी पासपोर्ट से बैंकाक भागा, अमेरिका जाने की कोशिश।

- विदेश में गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों के संपर्क में था।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखनाथ क्षेत्र से बने फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क की जांच में सामने आए पंजाब और दिल्ली के गैंग्सटरों की गतिविधियां लगातार चौंकाने वाली हैं। पुलिस जांच के अनुसार हरसिमरन सिंह उर्फ बादल ने गोरखपुर के लच्छीपुर क्षेत्र के पते पर ''राजेश सिंह'' के नाम से जाली दस्तावेज तैयार कराकर फर्जी पासपोर्ट बनवाया था।

इसी पासपोर्ट के सहारे वह जनवरी 2025 में लखनऊ एयरपोर्ट से बैंकाक (थाईलैंड) भाग गया। इसके बाद उसने दुबई और यूरोप के रास्ते अमेरिका पहुंचने की कई कोशिशें कीं, लेकिन हर बार नाकाम रहा।

जांच एजेंसियों के अनुसार 38 वर्षीय हरसिमरन सिंह उर्फ बादल, निवासी ईस्ट शालीमार बाग, दिल्ली, ने गोरखनाथ क्षेत्र के लच्छीपुर के पते पर राजेश सिंह के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाकर उसने अपनी असली पहचान छिपाई और देश छोड़ने में सफलता हासिल कर ली।

पुलिस जांच में सामने आया है कि लखनऊ से बैंकाक पहुंचने के बाद हरसिमरन दुबई गया। वहां से उसने मानव तस्करों और विदेश में सक्रिय नेटवर्क की मदद से यूरोप और अमेरिका में अवैध तरीके से प्रवेश करने की योजना बनाई। उसने अज़रबैजान के रास्ते बेलारूस-लातविया-पोलैंड होकर यूरोप में घुसने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया और कई बार डिपोर्ट कर दिया।

अंततः वीजा अवधि बढ़वाने के लिए वह फिर थाईलैंड लौट गया। जांच एजेंसियों के अनुसार हरसिमरन विदेश में बैठे गैंग्सटर गोल्डी ढिल्लों के संपर्क में था। गोल्डी ढिल्लों का नाम कनाडा में कामेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई गोलीबारी की साजिश में भी सामने आया है। पुलिस का मानना है कि हरसिमरन विदेश पहुंचकर उसी नेटवर्क के साथ मिलकर अपना आपराधिक गिरोह संचालित करना चाहता था।

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हरसिमरन सिंह उर्फ बादल के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट समेत 23 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। गोरखपुर से बने फर्जी पासपोर्ट के पर्दाफाश के बाद अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क के जरिए और कितने अपराधियों ने अपनी पहचान बदलकर देश छोड़ने की कोशिश की।

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