होम›राजनीति›'गधों' का युग खत्म, 'हाथियों' का भौकाल बढ़ा: गोरखपुर की नई पशु गणना के चौंकाने वाले आंकड़े - gorakhpur animal census 2025 mules vanish elephants rise
राजनीति

'गधों' का युग खत्म, 'हाथियों' का भौकाल बढ़ा: गोरखपुर की नई पशु गणना के चौंकाने वाले आंकड़े - gorakhpur animal census 2025 mules vanish elephants rise

'गधों' का युग खत्म, 'हाथियों' का भौकाल बढ़ा: गोरखपुर की नई पशु गणना के चौंकाने वाले आंकड़े गोरखपुर में 2025 की पशु गणना के अनुसार खच्चर पूरी तरह खत्म हो गए हैं, जबकि गधों की संख्या भी तेजी से घटी है। हाथी, घोड़े, कुत्ते,…

Jagran के अनुसार23 अगस्त 2026 को 07:55 am बजे
'गधों' का युग खत्म, 'हाथियों' का भौकाल बढ़ा: गोरखपुर की नई पशु गणना के चौंकाने वाले आंकड़े
 - gorakhpur animal census 2025 mules vanish elephants rise

सौजन्य से:- Jagran

'गधों' का युग खत्म, 'हाथियों' का भौकाल बढ़ा: गोरखपुर की नई पशु गणना के चौंकाने वाले आंकड़े

गोरखपुर में 2025 की पशु गणना के अनुसार खच्चर पूरी तरह खत्म हो गए हैं, जबकि गधों की संख्या भी तेजी से घटी है। हाथी, घोड़े, कुत्ते, बकरी और भेड़ों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो पशु प्रेमियों की बढ़ती रुचि को दर्शाती है।

HighLights

- गोरखपुर में खच्चरों की संख्या 2025 में शून्य हुई।

- हाथी, घोड़े, कुत्तों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज।

- गधे, सूअर और चूहों की संख्या में भारी गिरावट।

सुनील सिंह, गोरखपुर। जिले में खच्चर खत्म हो गए हैं। वर्ष 2019 की पशु गणना में इनकी संख्या 116 थी, जो वर्ष 2025 की गणना में शून्य हो गई है। टट्टू दो हैं। वहीं, गधे समाप्ति की ओर हैं। वर्ष 2019 में हुई पशु गणना में जहां इनकी संख्या 91 थी, वहीं वर्ष 2025 की गणना में मात्र तीन बचे हैं। इसमें एक नर व दो मादा हैं। एक रोचक बात हाथियों को लेकर सामने आई है। 2019 तक पशु गणना से गायब हाथी 2025 में आठ की संख्या में मिले हैं।

बकरियों और भेड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि है, तो वहीं आंकड़े घोड़े पालने का शौक बढ़ने की गवाही भी दे रहे हैं। बकरियों की संख्या 1,59,107 से बढ़कर 2,16,703, भेड़ों की 8,022 से बढ़कर 20,664 और घोड़ों की गिनती 248 से बढ़कर 461 हो गई। पालतू कुत्तों की संख्या 1,745 से बढ़कर अब 2,002 दर्ज की गई है।

इसमें 1,066 नर व 936 मादा हैं। पालतू सूअर व चूहों की की संख्या में कमी दर्ज की गई है। सूअर 4,208 से घटकर 3,003 तो चूहा 280 से घटकर 112 रह गए हैं। इस बार की गणना में जिले में दो टट्टू मिले हैं। इसमें एक नर व एक मादा हैं।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में सिपाही ने की दूसरी शादी, पहली पत्नी ने दर्ज कराया मुकदमा

इस बार की पशु गणना में हाथियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पांच हाथी व तीन हथिनी जिले में हैं। हाथी, घोड़े व कुत्तों में वृद्धि यह संकेत है कि इनको पालने के लिए शौकीन बढ़ रहे हैं। हालांकि पशुओं की संख्या में कमी दर्ज होना प्राकृतिक असंतुलन का कारण बन सकता है।

- 2019 की पशु गणना में जिले में 116 खच्चर पाए गए थे

- 2025 की गणना में शून्य हो गई खच्चर की संख्या

- 91 पालतू गधे मिले 2019 में हुई पशु गणना में

पारिस्थितिक तंत्र में सभी की अपनी भूमिका होती है। इसमें असंतुलन से यह तंत्र प्रभावित होता है। वातावरण भी परिवर्तित हो रहा है। जानवरों की संख्या में कमी व बढ़ोतरी का यह भी एक कारण है। गाय व भैंस की कीमत अधिक है। सरकार को इनके पालन के लिए प्रोत्साहन देना चाहिए। बकरी व भेड़ की कीमत कम होने से संख्या बढ़ रही है। वैसे अभी प्राकृतिक असंतुलन जैसी चिंता की कोई बात नहीं है।

- प्रो. चंद्रप्रकाश मणि त्रिपाठी, पूर्व विभागाध्यक्ष, जंतु विज्ञान विभाग, गोवि।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें