होमशिक्षा-करियरGen Z के सहारे यूपी में जाति का किला भेदने की तैयारी में राहुल गांधी, 8 अगस्त को प्रयागराज में करेंगे छात्र संवाद
शिक्षा-करियर

Gen Z के सहारे यूपी में जाति का किला भेदने की तैयारी में राहुल गांधी, 8 अगस्त को प्रयागराज में करेंगे छात्र संवाद

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में स्टूडेंट्स की ताकत देखने के बाद कांग्रेस अब प्रयागराज में छात्र संवाद करने जा रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 8 अगस्त का कार्यक्रम यूपी की सियासत का नया प्रयोग माना जा रहा है। लखनऊ: जंतर-मंतर…

Navbharat Times के अनुसार2 अगस्त 2026 को 01:18 am बजे
Gen Z के सहारे यूपी में जाति का किला भेदने की तैयारी में राहुल गांधी, 8 अगस्त को प्रयागराज में करेंगे छात्र संवाद

सौजन्य से:- Navbharat Times

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में स्टूडेंट्स की ताकत देखने के बाद कांग्रेस अब प्रयागराज में छात्र संवाद करने जा रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 8 अगस्त का कार्यक्रम यूपी की सियासत का नया प्रयोग माना जा रहा है।

लखनऊ: जंतर-मंतर में Gen Z के प्रदर्शन की ताकत देखने के बाद कांग्रेस अब Gen Z और युवा मतदाताओं के सहारे यूपी की पारंपरिक जातीय राजनीति को चुनौती देने की रणनीति पर जुट गई है।

इसके तहत आठ अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में राहुल गांधी छात्र संवाद करने जा रहे हैं। प्रयागराज में प्रस्तावित यह संवाद केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यूपी की सियासत का नया प्रयोग माना जा रहा है।

युवा साथ आ गए तो बन जाएगी बात

दरअसल, यूपी की राजनीति लंबे समय से जातीय और सामाजिक समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन कांग्रेस अब इस स्थापित ढांचे में नई दरार तलाश रही है। पार्टी का आंकलन है कि अगर युवा वर्ग को साझा मुद्दों के आधार पर संगठित किया गया तो जातिगत गोलबंदी की पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी जा सकती है।

18 से 30 साल के करीब 30 प्रतिशत मतदाता

कांग्रेस का यह दांव आंकड़ों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। यूपी में 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता करीब 30 प्रतिशत हैं, जबकि 18 से 40 वर्ष तक के वोटरों की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है। ऐसे में यदि इस वर्ग का एक बड़ा हिस्सा मुद्दा आधारित राजनीति की ओर आकर्षित होता है तो चुनावी समीकरणों में बढ़ा बदलाव संभव है।

इसलिए चुना प्रयागराज

कांग्रेस नेताओं का मानना है कि जंतर-मंतर पर युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर हुए प्रदर्शनों ने यह संकेत दिया कि बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, पेपर लीक और सरकारी नौकरियों के घटते अवसर जैसे विषय युवाओं के बीच गहरी राजनीतिक बेचैनी पैदा कर रहे हैं। पार्टी अब इसी असंतोष को राजनीतिक समर्थन में बदलने की कोशिश कर रही है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों का केंद्र

यही वजह है कि राहुल गांधी ने अपने सम्मेलन के लिए प्रयागराज को चुना है। प्रयागराज सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं का केंद्र माना जाता है। यहां से रोजगार और शिक्षा के मुद्दे उठाकर कांग्रेस पूरे प्रदेश के युवा वर्ग तक संदेश पहुंचाना चाहती है।

यूपी में नया नरेटिव खड़ा करने की तैयारी

कांग्रेस की रणनीति सिर्फ वोट जुटाने की नहीं, बल्कि नया राजनीतिक नरेटिव खड़ा करने की भी है। पार्टी चाहती है कि बहस जाति और धर्म के दायरे से निकलकर रोजगार, शिक्षा, स्टार्टअप, स्किल डिवेलपमेंट और भविष्य के अवसरों पर केंद्रित हो। राहुल गांधी के भाषण में भी इन विषयों के प्रमुखता से उठने की संभावना है।

कांग्रेस की राजनीतिक वापसी का माध्यम बनेंगे Gen Z

कांग्रेस को उम्मीद है कि Gen Z यूपी में उसकी राजनीतिक वापसी का माध्यम बन सकती है। प्रयागराज का युवा सम्मेलन इसी बड़े प्रयोग की शुरुआत माना जा रहा है, जहां राहुल गांधी जातीय खांचों से ऊपर उठकर 'युवा बनाम व्यवस्था' की राजनीतिक बहस को केंद्र में लाने की कोशिश करेंगे। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह कांग्रेस का सबसे बड़ा सामाजिक-राजनीतिक दांव माना जा रहा है।

रविवार को तैयारियों की समीक्षा

राहुल गांधी के आठ अगस्त के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के लिए रविवार को प्रयागराज में बैठक होगी, जिसमें कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश अध्यक्ष अजय राय मौजूद रहेंगे। अजय राय ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए प्रदेशभर से करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राओं और युवाओं ने अब तक रजिस्ट्रेशन करवाया है।

जानिए क्या रहेंगे मुख्य मुद्दे

सम्मेलन में रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप्स, स्किल डिवेलपमेंट और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए जाएंगे।

लेखक के बारे मेंप्रशांत सिंहप्रशांत सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसल्टेंट राइटर हैं। पत्रकारिता में उनका 1.5 साल का अनुभव है। वह अभी उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र-प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब-हरियाणा, गोवा समेत नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों की खबरों पर काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत नवभारत टाइम्स अखबार से की थी।प्रशांत सिंह को देश-विदेश की राजनीति के बारे में लिखना बेहद पसंद है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को अपनी टीम के साथ कवर किया है। इसके साथ ही उन्हें हिंद-प्रशांत महासागर और वेस्ट एशिया की जियोपॉलिटिक्स को समझने और उस पर लिखने में गहरी दिलचस्पी है।प्रशांत सिंह ने दिल्ली की गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ युनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय संबंध में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने अपनी मास्टर्स खत्म होने के बाद मीडिया जगत में कदम रखा।... और पढ़ें

कन्वर्सेशन शुरू करें

Stateकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें