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सीएम योगी की प्रदेशवासियों से अपील, ‘वोकल फॉर लोकल’ को बनाएं व्यवहार का हिस्सा - cm yogi urges vocal for local in up greets on festivals

सीएम योगी की प्रदेशवासियों से अपील, ‘वोकल फॉर लोकल’ को बनाएं व्यवहार का हिस्सा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'योगी की पाती' के माध्यम से प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। HighLights - स…

Jagran के अनुसार14 सितंबर 2026 को 02:04 pm बजे
सीएम योगी की प्रदेशवासियों से अपील, ‘वोकल फॉर लोकल’ को बनाएं व्यवहार का हिस्सा
 - cm yogi urges vocal for local in up greets on festivals

सौजन्य से:- Jagran

सीएम योगी की प्रदेशवासियों से अपील, ‘वोकल फॉर लोकल’ को बनाएं व्यवहार का हिस्सा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'योगी की पाती' के माध्यम से प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी और विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं।

HighLights

- सीएम योगी ने गणेश चतुर्थी व विश्वकर्मा जयंती पर दी शुभकामनाएं।

- प्रदेशवासियों से 'वोकल फॉर लोकल' अपनाने की अपील की।

- स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आत्मनिर्भर यूपी बनाने पर जोर।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘योगी की पाती’ लिखकर प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी और 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गणेश चतुर्थी को सामाजिक एकता एवं राष्ट्र के प्रति संकल्प को सुदृढ़ करने वाला महापर्व बताया। मुख्यमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर देते हुए प्रदेशवासियों से अपील की कि इसे सिर्फ विचार नहीं, बल्कि व्यवहार का हिस्सा बनाएं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित पाती में लिखा कि प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश शुभत्व एवं मंगल के आराध्य हैं। प्रदेश में युवाओं द्वारा घरों में भगवान गणपति की स्थापना कर श्रद्धा के साथ उनका पूजन किया जाना देख हृदय प्रफुल्लित हो उठता है। सामाजिक एकता एवं राष्ट्र के प्रति अपने संकल्प को सुदृढ़ करने वाले महापर्व गणेश चतुर्थी की सभी को कोटि-कोटि मंगलकामनाएं।

सीएम ने लिखा कि भगवान गणेश का पर्यावरण और जीवों के साथ गहरा जुड़ाव, उनकी रूप-रचना तथा जीवन-दर्शन, प्रकृति के संरक्षण और संतुलन का संदेश देता है। गज मुख जंगलों और वन्यजीवों का प्रतीक हैं, तो मूषक वाहन भूमि की उर्वरता और कृषि से जुड़ा है। विशाल उदर संपूर्ण ब्रह्मांड को समाहित करने का भाव व्यक्त करता है, जबकि उनके बड़े कान हमें प्रकृति की हर पुकार को सुनने का संदेश देते हैं।

सीएम ने लिखा कि गणेश चतुर्थी पर पूजा जाने वाला 'एकविंशति पत्र' (21 प्रकार की विशेष पत्तियां) औषधीय पौधों के संरक्षण से जुड़ा है। इस प्रकार गणपति भगवान का चरित्र हमें मानव जीवन और प्रकृति के एक-दूसरे का पूरक होने का संदेश देता है।

इसी विराटता को लोकमान्य तिलक ने आस्था से एकता, एकता से जनशक्ति और जनशक्ति से राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देने वाला महापर्व बना दिया। गणेशोत्सव के ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना सृजन तथा निर्माण के स्वरूप भगवान विश्वकर्मा के पूजन में दिखाई देती है।

17 सितंबर को जब सृष्टि के प्रथम अभियंता भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया जाएगा, तब कौशल एवं तकनीक के संगम से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प और पुष्ट होगा। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्र और आधुनिक आधारभूत संरचनाएं नए उत्तर प्रदेश के बढ़ते सामर्थ्य का प्रमाण हैं। किसी प्रदेश का वास्तविक निर्माण केवल बड़े ढांचों से नहीं, वहां के लोगों के हुनर, विचारों की शक्ति और उद्यमिता के साहस से होता है।

इसी सोच के साथ हमारी सरकार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद-एक उत्पाद, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी पहलों के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, शिल्पकारों, युवाओं और उद्यमियों को कौशल, उपकरण, वित्त और बाजार से जोड़ने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में प्रदेशवासियों से विशेष आग्रह किया कि 'वोकल फॉर लोकल' को केवल विचार नहीं, बल्कि व्यवहार का अंग बनाएं। स्थानीय उत्पादों का सम्मान बढ़ेगा तो कारीगरों के हाथों को काम, युवाओं को रोजगार के अवसर और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और हुनर तथा स्थानीय सामर्थ्य पर विश्वास से ही आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।

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