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यूपी-जापान रिश्तों को नई उड़ान, निवेश से बनेगा ग्लोबल फ्यूचरः सीएम योगी - cm yogi up japan ties beyond investment global future

यूपी-जापान रिश्तों को नई उड़ान, निवेश से बनेगा ग्लोबल फ्यूचरः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के संबंध केवल निवेश तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि दीर्घकालिक विश्वास के साथ आर्थिक विकास को…

Jagran के अनुसार21 अगस्त 2026 को 10:55 pm बजे
यूपी-जापान रिश्तों को नई उड़ान, निवेश से बनेगा ग्लोबल फ्यूचरः सीएम योगी
 - cm yogi up japan ties beyond investment global future

सौजन्य से:- Jagran

यूपी-जापान रिश्तों को नई उड़ान, निवेश से बनेगा ग्लोबल फ्यूचरः सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के संबंध केवल निवेश तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि दीर्घकालिक विश्वास के साथ आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

HighLights

- यूपी-जापान संबंध निवेश से बढ़कर दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित।

- लखनऊ में यामानाशी डेस्क स्थापित होगी, युवाओं को जापानी भाषा।

- प्रदेश बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का मजबूत केंद्र।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के रिश्ते निवेश तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि दीर्घकालिक (लांग-टर्म), विश्वास (ट्रस्ट-बेस्ड) के जरिए आर्थिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

जापान की तकनीकी क्षमता (प्रिसिजन और टेक्नोलॉजी) को प्रदेश की युवा शक्ति और प्रतिभा से जोड़ कर ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का मजबूत केंद्र भी बनायेंगे। इसके लिए लखनऊ में यामानाशी डेस्क बनायी जाएगी। राज्य के युवाओं को जापानी भाषा सिखाने के लिए केंद्र स्थापित किये जाएंगे।

शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी-जापान इंवेस्टमेंट मीट में मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान केवल निवेशक नहीं, बल्कि राज्य का सह सृजनकर्ता (को-क्रिएटर) है। यहां हुए अनुबंध के जरिये प्रोडक्शन को रोजगार में बदलना राज्य सरकार का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने जापानी में कोनिचिवा मिनासान कहकर मेहमानों का अभिवादन किया। बोले, फरवरी में जापान में जो संकल्प लिया गया, लखनऊ में वह साकार होते देखा जा रहा है। यह उत्तर प्रदेश और यामानाशी के संबंधों में नई साझेदारी के युग की शुरुआत है। जापान आर्थिक और औद्योगिक विकास की शक्ति है।

ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रानिक्स, रोबोटिक्स और हाइक्वालिटी मैन्युफैक्चरिंग और सामूहिक उत्तरदायित्व के लिए पूरी दुनिया में उसकी पहचान है। सामाजिक सामंजस्य जापान के वर्क कल्चर का आधार हैं तो आज का उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट्स, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से आगे बढ़ रहा है।

प्रदेश सरकार का लक्ष्य ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चरल इकोसिस्टम तैयार करना है, जो उद्योग को रफ्तार (स्पीड), नागरिक को सुरक्षा (सेफ्टी) और निवेशकों को भरोसा दे सके।

योगी ने कहा कि जापान के पास इंडस्ट्रियल एक्सीलेंस की विरासत है, जबकि उत्तर प्रदेश के पास सीखने, सृजन और नेतृत्व के लिए युवाओं की ऊर्जावान पीढ़ी है। अब युवाओं को ऐसी स्किल, प्रिसिजन और वर्क कल्चर से जोड़ा जाएगा, जिसकी मांग टोक्यो से लेकर दुनिया के किसी भी आधुनिक निर्माण इकाईयों में हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन दिनों में हुई बातचीत में वर्किंग रिलेशनशिप मजबूत करने, उत्तर प्रदेश की नीतियां और व्यावसायिक परिस्थितियों पर चर्चा हुयी। निवेश के अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई।

यामानाशी के साथ सहयोग को संस्थागत व्यवस्था में बदला जाएगा। यामानाशी डेस्क स्थापित होगी जो यामानाशी सरकार, वहां के उद्योगों और निवेशकों के साथ समन्वय करेगी। हर 90 दिन में समीक्षा होगी। ताकि कोई गैप न रहे।

मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में निवेश के लिए कई अनुबंध होने और 600 करोड़ रुपये का फंड घोषित करने के लिए यामानाशी के गवर्नर को धन्यवाद देते हुए कहा कि हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग प्रोफेशनल्स, पॉलिटेक्निक, नर्सिंग ग्रेजुएट्स और अन्य टेक्निकल कोर्सेज के छात्रों को जापानी भाषा का प्रशिक्षण दिलायेंगे।

जापान से बौद्ध सर्किट आने वाले पर्यटकों को विशेष सुविधा मिलेगी। अक्टूबर 2026 में यामानाशी में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल हाइड्रोजन समिट में उत्तर प्रदेश डेलिगेशन भी जाएगा।

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