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देश की आजादी के लिए वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणाः सीएम योगी

देश की आजादी के लिए वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणाः सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी भारत की आजादी की उन महान नायिकाओं में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन…

Hindustan के अनुसार16 अगस्त 2026 को 10:55 am बजे
देश की आजादी के लिए वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणाः सीएम योगी

सौजन्य से:- Hindustan

देश की आजादी के लिए वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणाः सीएम योगी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी भारत की आजादी की उन महान नायिकाओं में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया था।

CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी की जयंती पर उनकी प्रतिमा के ऊपर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वीरांगनाओं का योगदान, तप, त्याग और बलिदान हम सभी को प्रेरणा देता है। सीएम ने रानी अवंती बाई को भारत की आजादी के प्रथम स्वातंत्र्य समर 1857 की महान क्रांतिकारियों में से एक बताया। सीएम योगी ने कहा कि आज उनकी 196वीं जयंती है। वर्ष 1857 में वे मात्र 27 वर्ष की थीं। इस छोटी आयु में उन्होंने आजादी के संघर्ष में बलिदान कर मिसाल प्रस्तुत की। आजादी के लिए उनका बलिदान युवाओं के लिए प्रेरणा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी भारत की आजादी की उन महान नायिकाओं में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन देश के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने में कोई कोताही नहीं बरती। वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी के नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ देश की आजादी के लिए युद्ध को लड़ा गया, हर व्यक्ति आज भी बड़ी श्रद्धा से उनकी स्मृतियों को नमन करता है। उनके योगदान के लिए हर भारतवासी नतमस्तक है।

महिला PAC बटालियन में वीरांगनाओं की लग रही प्रतिमा

सीएम योगी ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का आदर्श उत्तर प्रदेश के लिए प्रेरणा बन सके, इसके लिए हमारी सरकार ने यूपीपीएसी की तीन नई महिला बटालियन के गठन के कार्य को बढ़ाया और इनका नामकरण/गठन इन्हीं वीरांगनाओं के नाम पर किया। बदायूं में रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर पीएसी की नई वाहिनी का गठन किया। यह कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहां वीरांगना रानी अवंती बाई की अश्वारोही प्रतिमा की स्थापना की कार्रवाई अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। लखनऊ में वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर महिला पीएसी की गठित बटालियन का कार्य भी युद्धस्तर पर आगे बढ़ा है। गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर पीएसी की नई बटालियन का कार्य तेजी से बढ़ रहा है। इन दोनों बटालियन में भी वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाओं का कार्य आगे बढ़ा है।

बेटी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश में मातृशक्ति की सुरक्षा के प्रश्न उभरते थे, इन वीरांगनाओं के नाम पर किए गए कार्य के पीछे का ध्येय यही है कि उन प्रश्नों पर छाए बादल समाप्त हों। बेटी सुरक्षित हो और सम्मान के साथ सिर उठाकर समाज के प्रत्येक क्षेत्र में कार्य कर सके। उसके स्वावलंबन के लिए शासन की योजनाएं प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकें। इसी विश्वास के साथ डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व नेतृत्व में कार्यक्रमों को बढ़ाया है।

2017 में यूपी पुलिस में थीं 10 हजार महिलाएं, अब संख्या 45 हजार से अधिक

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 20 फीसदी बेटियों की भर्ती अनिवार्य हुई। 2017 में उत्तर प्रदेश के पुलिस बल में महिलाओं की संख्या मात्र 10 हजार थी, वह संख्या बढ़कर अब 45 हजार से ऊपर पहुंच चुकी है। नारी केवल नारा नहीं है, बल्कि नारी के गौरव की रक्षा हो रही है, जिससे वे सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के लिए राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ आत्मनिर्भर व विकसित भारत के सपनों को साकार करने में अपना योगदान दे सकें।

लेखक के बारे में

Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट

पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर

यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका

(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर

आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और

डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।

लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल

वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर

हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब

एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो

उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने

करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में

प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी

है।

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