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'योगी सरकार को हम पदक दिलाएंगे', भदोही का नाम संत रविदास नगर करने पर चंद्रशेखर का तंज, अखिलेश यादव को घेरा

Chandrashekhar Azad on Sant Ravidas Nagar: संत रविदास नगर की घोषणा के साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। चंद्रशेखर आजाद का बड़ा बयान आया है। हाइलाइट्स चंद्रशेखर आजाद ने कहा, पहले…

Navbharat Times के अनुसार30 जुलाई 2026 को 12:26 pm बजे
'योगी सरकार को हम पदक दिलाएंगे', भदोही का नाम संत रविदास नगर करने पर चंद्रशेखर का तंज, अखिलेश यादव को घेरा

सौजन्य से:- Navbharat Times

Chandrashekhar Azad on Sant Ravidas Nagar: संत रविदास नगर की घोषणा के साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। चंद्रशेखर आजाद का बड़ा बयान आया है।

हाइलाइट्स

चंद्रशेखर आजाद ने कहा, पहले ही बदल गया था नाम

संत रविदास नगर नाम अखिलेश सरकार ने हटाया

योगी सरकार पर तंज, इन्हें अब सत्ता नहीं पदक दिलाएंगे

बिजनौर: उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा सीट से सांसद और आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम बदलने की रणनीति पर निशाना साधा है। दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से बुधवार को संत रविदास जयंती समारोह के मंच से बड़ी घोषणा की। उन्होंने भदोही जिले का नाम एक बार फिर बदलकर संत रविदास नगर करने का ऐलान किया। दरअसल, अखिलेश सरकार ने वर्ष 2014 में मायावती सरकार के वर्ष 1997 के संत रविदास नगर किए जाने के आदेश को पलट दिया था। अब चंद्रशेखर आजाद नई घोषणा पर सीएम योगी को पदक दिलाने की बात कर रहे हैं।

मायावती सरकार ने दलित समाज में पूज्य संत शिरोमणि रविदास जी महाराज के नाम पर जिले के नाम की घोषणा की थी। सीएम योगी ने एक बार फिर जिले का नाम संत रविदास नगर करने का ऐलान किया। अब इस पर चंद्रशेखर आजाद ने निशाना साधा है। उन्होंने इसे राजनीतिक फैसला करार दिया। संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत के क्रम में उन्होंने सीधे तौर पर योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला। अखिलेश यादव भी उनके निशाने पर रहे।

चंद्रशेखर आजाद ने क्या कहा?

नगीना सांसद चद्रशेखर आजाद ने कहा कि भदोही जिले का नाम तो पहले ही बदल दिया गया था। जिले का नाम संत रविदास नगर रखा गया था। वह तो अखिलेश यादव ने इसे बदल दिया। चंद्रशेखर ने कहा कि इतने लोग की भावनाओं का अपमान आप नहीं कर सकते। जिन्होंने अपमान किया था, उनको जनता ने हटा दिया। इन लोगों को सत्ता से बाहर कर दिया गया। सीएम योगी की घोषणा पर हमलावर रुख अपनाते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि अब यह राजनीतिक फायदा लेने के लिए कर रहे हैं।

सांसद ने कहा कि सीएम योगी जानते हैं कि जगतगुरु सद्गुरु रविदास जी महाराज को लोग कितना मानते हैं। उनके भावों और विचारों का कितना सम्मान करते हैं? इसलिए यह घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि प्रकार के कार्यों के लिए लोग अब इन्हें सत्ता नहीं पदक दिलाएंगे।

योगी सरकार पर बोला हमला

चंद्रशखर आजाद ने योगी सरकार पर हमलावर रुख अपनाते हुए कहा कि सबसे ज्यादा मूर्ति इस सरकार में टूटी है। संत रविदास महाराज के अनुयायियों पर सबसे अधिक अन्याय इस सरकार में हुआ है। उनके लिए सुविधाओं के नाम पर सरकार ने जीरो काम किया है। यह सरकार हमें कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति नहीं देती है। संत रविदास जी महाराज की शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं दी गई है। कई जगह मुकदमे लिखे गए हैं।

चंद्रशेखर ने दावा किया कि चुनावी साल के कारण इस प्रकार की घोषणाएं की जा रही हैं। लोग समझदार हो गए हैं। उनकी बातों में नहीं आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रयास करेंगे कि योगी सरकार को हर काम के लिए पदक मिले। सत्ता तो अब नहीं मिलने वाली है। अब लोग इन्हें पदक ही देंगे। वे इसे संभाल कर रखें।

लेखक के बारे मेंराहुल पराशरराहुल पराशर नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। वे नवभारत टाइम्स की यूपी-उत्तराखंड टीम में काम करते हैं। प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 22 साल लंबा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। राहुल पराशर ने अक्टूबर 2021 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 4 वर्षों में यूपी विधानसभा चुनाव, यूपी निकाय चुनाव, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, यूपी में एसआईआर प्रक्रिया जैसे बड़े घटनाक्रम का विस्तृत कवरेज किया है। राजनीति गतिविधियों से लेकर प्रशासनिक हलचल और क्राइम की घटनाओं पर उनका फोकस रहता है।

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पत्रकारिता अनुभव: अखबार और डिजिटल मीडिया में 22 साल से कार्यरत

राहुल पराशर ने साल 2004 में प्रभात खबर, पटना से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में जूनियर रिपोर्टर से लेकर प्रधान संवाददाता के पद पर काम किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, राजद, जदयू और लोजपा जैसे दलों को कवर किया। उन्होंने शिक्षा विभाग की लंबे समय तक रिपोर्टिंग की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है।

शिक्षा:

राहुल पराशर ने वर्ष 2004 में भारतीय विद्या भवन के पीके इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से जर्नलिज्म का कोर्स किया है। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर से आने वाले राहुल पराशर ने नेतरहाट, झारखंड से स्कूली शिक्षा ग्रहण की। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से वर्ष 2002 में स्नातक की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें

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