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यूपी में इसी साल होगी जनगणना! फरवरी-मार्च में चुनाव की संभावना के चलते सेंसस पर मंथन तेज

देश में लंबे समय बाद हो रही जनगणना की तारीखें यूपी सहित पांच राज्यों के चुनावी कैलेंडर से टकरा रही हैं। इस वजह से सेंसस या जनगणना को लेकर संशय बढ़ा हुआ है। लखनऊ: देश में डेढ़ दशक बाद हो रही जनगणना की तारीखें यूपी सहित पा…

navbharattimes.indiatimes.com के अनुसार31 जुलाई 2026 को 02:26 am बजे
यूपी में इसी साल होगी जनगणना! फरवरी-मार्च में चुनाव की संभावना के चलते सेंसस पर मंथन तेज

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com

देश में लंबे समय बाद हो रही जनगणना की तारीखें यूपी सहित पांच राज्यों के चुनावी कैलेंडर से टकरा रही हैं। इस वजह से सेंसस या जनगणना को लेकर संशय बढ़ा हुआ है।

लखनऊ: देश में डेढ़ दशक बाद हो रही जनगणना की तारीखें यूपी सहित पांच राज्यों के चुनावी कैलेंडर से टकरा रही हैं। इसके चलते मतगणना या जनगणना को लेकर संशय बढ़ा हुआ है। इन स्थितियों को देखते हुए यूपी में जनगणना जल्द करवाए जाने की संभावना तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जनगणना का दूसरा चरण दिसंबर तक पूरा किया जा सकता है।

पहला चरण जून महीने तक पूरा

देश-प्रदेश में जनगणना के दो चरण घोषित किए गए थे। पहला चरण हाउस होल्ड सर्वे का था, जिसमें बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता का विवरण जुटाया जाना था। जून तक यह चरण पूरा हो चुका है। अब दूसरा चरण जनगणना का है जिसमें व्यक्तियों की गिनती होनी है, इसमें जातीय गणना को भी इस बार शामिल किया गया है।

बर्फ से प्रभावित राज्यों के लिए क्या है कटऑफ डेट

बर्फ से प्रभावित राज्यों मसलन लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले और गैर-समकालिक क्षेत्रों में यह प्रक्रिया सितंबर में ही पूरी की जाएगी, जिसके लिए 1 अक्टूबर कटऑफ डेट तय की गई है। वहीं, अन्य राज्यों में 1 फरवरी से 28 फरवरी तक जनगणना का कार्यक्रम तय तय किया गया है, जिसकी संदर्भतिथि 1 मार्च 2027 है।

जनगणना में चुनाव का पेंच

अगले साल मार्च से मई तक पांच राज्यों के विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसमें गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश शामिल है। मणिपुर की विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च, गोवा का 14 मार्च, पंजाब का 16 मार्च, उत्तराखंड का 27 मार्च और यूपी की विधानसभा का कार्यकाल 22 मई तक है।

यूपी चुनाव फरवरी-मार्च में होने की संभावना

ऐसे में यूपी छोड़कर बाकी राज्यो का चुनाव फरवरी-मार्च में करवाया जाना अपरिहार्य है। हालांकि, इन सभी राज्यों के चुनाव एक साथ ही होते है, इसलिए, यूपी के चुनाव भी फरवरी-मार्च में होने की पूरी संभावना है। चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट कहा है कि जनगणना एक कानूनी प्रक्रिया है और चुनाव संवैधानिक प्रक्रिया, इसलिए चुनाव समय से होंगे। ऐसे में यूपी में जनगणना का टलना तय है।

पहले या आगे बढ़ेंगी तारीखें

चुनाव आयोग की साफगोई के बाद जनगणना की नई तारीखों को लेकर मंथन तेज हो गया है। एक उच्च पदस्थ सूत्र का कहना है कि यूपी जैसे राज्य में 5.5 लाख से अधिक कर्मचारी इस प्रक्रिया में लगते हैं, जिसमें शिक्षक भी शामिल हैं। जनगणना को आगे बढ़ाने में कई पेच है। फरवरी-मार्च में चुनाव होते हैं, तो उसके बाद परीक्षाओं का दौर शुरू हो जाएगा। प्रदेश में पंचायत चुनाव पहले ही टल चुके है, इनके भी विधानसभा चुनाव के बाद ही करवाए जाने की संभावना है। ऐसे में जनगणना के लिए एक महीने का विडो तलाशना मुश्किल होगा।

जनगणना की संभावनाओं पर मंथन

यूपी सहित चुनावी राज्यों की जनगणना के अभाव में मार्च में जनगणना प्रक्रिया पूरी करना और उसके आंकड़ों का प्रकाशन संभव नहीं हो पाएगा। इसलिए, इसे नवंबर-दिसंबर में करवाए जाने का विकल्प खुला है। चूंकि, अभी चार महीने का समय है। इसलिए, इस अवधि में प्रशिक्षण सहित अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए भी समय है। इसलिए, समय से जनगणना की हर संभावनाओं पर मंथन किया जा रहा है।

लेखक के बारे मेंप्रशांत सिंहप्रशांत सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसल्टेंट राइटर हैं। पत्रकारिता में उनका 1.5 साल का अनुभव है। वह अभी उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र-प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब-हरियाणा, गोवा समेत नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों की खबरों पर काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत नवभारत टाइम्स अखबार से की थी।प्रशांत सिंह को देश-विदेश की राजनीति के बारे में लिखना बेहद पसंद है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को अपनी टीम के साथ कवर किया है। इसके साथ ही उन्हें हिंद-प्रशांत महासागर और वेस्ट एशिया की जियोपॉलिटिक्स को समझने और उस पर लिखने में गहरी दिलचस्पी है।प्रशांत सिंह ने दिल्ली की गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ युनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय संबंध में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने अपनी मास्टर्स खत्म होने के बाद मीडिया जगत में कदम रखा।... और पढ़ें

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